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खुश खबरी: टप्पल नगर पंचायत के 70 संविदा कर्मचारियों की बच गई नौकरी, यीडा के अधीन करेंगे काम
Fri, 17 Mar 2023 09:45 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 17 Mar 2023 09:45 PM IST
सार
अलीगढ़ की टप्पल नगर पंचायत का दर्जा समाप्त हो जाने के बाद 70 कर्मचारियों की संविदा समाप्त होने की तलवार लटक गई थी। अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह के प्रयासों से अब इनकी नौकरी सलामत रहेगी। ये सभी यमुना एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण के अधीन काम करेंगे।
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अलीगढ़ डीएम इंद्र विक्रम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह के प्रयासों से शासन स्तर से नगर पंचायत टप्पल का दर्जा खत्म कर देने के बाद संविदा पर तैनात 70 कर्मचारियों की नौकरी जाने से बच गई है। अब सभी संविदा कर्मचारी यमुना एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण के अधीन काम करेंगे। इसके लिए शासन स्तर से आदेश जारी हो गया है।
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जिले के टप्पल ब्लॉक की ग्राम पंचायत टप्पल को वर्ष 2001 में यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों की मांग पर करीब 19 साल बाद 2020 में टप्पल को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था। इसके बाद नगर पंचायत में विधिवत कार्य शुरू हो गया था। टप्पल नगर पंचायत में करीब 70 कर्मचारी तैनात थे, लेकिन नगर पंचायत का दर्जा समाप्त हो जाने के बाद इन कर्मचारियों की संविदा समाप्त होने की तलवार लटक गई थी। यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की ओर से नगर विकास विभाग को पत्र भेजकर इस तैनाती को लेकर आपत्ति भी जतायी गई कि जब टप्पल यीडा के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल है तो उसे नगर पंचायत का दर्जा कैसे दे दिया गया है ?
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इस पर शासन स्तर से यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की इस आपत्ति को औचित्यपूर्ण मानते हुए सरकार ने टप्पल को नगर पंचायत देने की अधिसूचना को रद्द करने का निर्णय लिया। पिछले दिनों टप्पल ग्राम पंचायत को यमुना एक्सप्रेस वे में शामिल कर दिया गया। डीएम इंद्र विक्रम सिंह की ओर से शासन स्तर से एक पत्र लिखा गया। इसमें नगर पंचायत के संचालित कार्यों को सुचारू रूप से निष्पादित कराए जाने के लिए कार्यरत कर्मचारियों को यमुना एक्सप्रेस वे विकास प्राधिकरण में समायोजित करने का अनुरोध किया गया था।
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एडीएम प्रशासन डीपी पाल ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे की बोर्ड बैठक में संचालक मंडल ने इस प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे ने नगर पंचायत के सभी संविदा 70 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात दी है। शर्त यह रखी गई है कि वह केवल प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में महाप्रबंधक परियोजना के नियंत्रण में काम करेंगे। इसमें 56 सफाई कर्मी, चार गोशाला कर्मी, दो सुपरवाइजर, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक कार्यालय सहायक, एक बिजली मिस्त्री, एक बिजली मिस्त्री सहायक, एक हैंडपंप मिस्त्री, एक चालक, एक चपरासी शामिल है।