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जिन्ना हमारे लिए आस्था नहीं, इतिहास हैं : हुजैफा
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करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा हरियाणा प्रदेश के प्रवक्ता सूरजपाल अम्मू द्वारा एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर दिए गए बयान पर एएमयू छात्रसंघ के पूर्व सचिव हुजैफा आमिर रशादी ने पलटवार किया है। हुजैफा ने बयान जारी कर कहा कि जिन्ना हमारे व एएमयू के लिए इतिहास हैं, आस्था नहीं। इसलिए कोई धमकी भरे अल्फाज में इस तरह की बातें न करे। वरना ये अलीगढ़ तहजीब व तमीज का समंदर है और यह अलीगढ़ तहजीब व तमीज दोनों सिखाना जानता है।
हुजैफा ने बयान जारी कर कहा है कि आने वाले छह माह में देश के कई राज्यों में चुनाव आने वाले हैं। ऐसा पहले भी हुआ है, जब चुनाव नजदीक होते हैं, तभी जिन्ना का जिन्न बोतल से बाहर आ जाता है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। हम पहले भी कई बार बता चुके हैं कि 1947 से पहले जब देश का बंटवारा नहीं हुआ था, तब 1938 जिन्ना एएमयू आए थे। उस समय उन्हें छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता दी गई थी। ऐसे जो भी लोग एएमयू आए, उन्हें भी सदस्यता दी गई और उनकी तस्वीरें एएमयू छात्रसंघ के यूनियन हॉल में लगी हैं, जिनमें महात्मा गांधी, अबुल कलाम आजाद, पंडित नेहरू आदि महापुरुष शामिल हैं।
पूर्व सचिव ने करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि वे अलीगढ़ आए थे तो उन्हें तहजीब और तमीज से पेश आना चाहिए था। मगर उन्होंने धमकी भरे लहजे में बयान जारी किया। यह गुंडई है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ शहर तालीम के साथ तहजीब और तमीज का भी समंदर है। इसलिए यहां इस तरह की भाषा का प्रयोग बिल्कुल भी न करें। वरना लोग यहां के लोग तहजीब व तमीज भी सिखाना जानते हैं। बता दें कि रविवार को यहां करणी सेना के आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान दिया था कि जिन्ना के बाप की जमीन पर एएमयू नहीं है, इसलिए यहां से तस्वीर जल्द हटवाई जाएगी।
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हुजैफा ने बयान जारी कर कहा है कि आने वाले छह माह में देश के कई राज्यों में चुनाव आने वाले हैं। ऐसा पहले भी हुआ है, जब चुनाव नजदीक होते हैं, तभी जिन्ना का जिन्न बोतल से बाहर आ जाता है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। हम पहले भी कई बार बता चुके हैं कि 1947 से पहले जब देश का बंटवारा नहीं हुआ था, तब 1938 जिन्ना एएमयू आए थे। उस समय उन्हें छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता दी गई थी। ऐसे जो भी लोग एएमयू आए, उन्हें भी सदस्यता दी गई और उनकी तस्वीरें एएमयू छात्रसंघ के यूनियन हॉल में लगी हैं, जिनमें महात्मा गांधी, अबुल कलाम आजाद, पंडित नेहरू आदि महापुरुष शामिल हैं।
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पूर्व सचिव ने करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि वे अलीगढ़ आए थे तो उन्हें तहजीब और तमीज से पेश आना चाहिए था। मगर उन्होंने धमकी भरे लहजे में बयान जारी किया। यह गुंडई है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ शहर तालीम के साथ तहजीब और तमीज का भी समंदर है। इसलिए यहां इस तरह की भाषा का प्रयोग बिल्कुल भी न करें। वरना लोग यहां के लोग तहजीब व तमीज भी सिखाना जानते हैं। बता दें कि रविवार को यहां करणी सेना के आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान दिया था कि जिन्ना के बाप की जमीन पर एएमयू नहीं है, इसलिए यहां से तस्वीर जल्द हटवाई जाएगी।
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