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Jammu Accident: अपनों के शवों को देख रो-रोकर रुंधा गला, आंखें सूजीं; ताबूत खोलकर चेहरे देखते ही महिलाएं बेहोश
Sun, 02 Jun 2024 10:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस/अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस/अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 02 Jun 2024 10:24 AM IST
सार
जम्मू के अखनूर में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस वीरवार को जम्मू-पुंछ हाईवे पर सड़क से फिसलकर 150 फीट गहरी खाई में खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 69 घायल हैं। बस में 90 से अधिक लोग सवार थे।
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Jammu akhnoor Accident
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रो-रोकर गला सूख रूंध रहा है और आंखें सूज चुकी हैं। यह हाल मुरसान के गांव नगला उदय सिंह व हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव मझोला के उन घरों का है , जिन घरों ने अपने परिवार के सदस्यों को जम्मू बस हादसे में खो दिया है। दोनों ही गांवों में गमगीन माहौल है।
हालात यह हैं कि घरों की महिलाएं और बेटियां रो-रोकर बार-बार बेहोश हो रही हैं, आंखें सूज गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम महिलाओं को ओआरएस के घोल पिला रही हैं। स्वास्थ्य परीक्षण लगातार समय-समय पर किया जा रहा है।
इगलास के गांव नाया के 11 शव शनिवार की शाम करीब सात बजकर 20 मिनट पर गांव पहुंचे। गांव के बाहर बगीची में सभी ताबूत एंबुलेंस से उतारे गए। ताबूत उतरते ही ऊपर नाम पढ़ने के बाद परिवार वालों ने ताबूत खोलकर चेहरे देखे और ताबूत सहित शवों को अपने-अपने घरों को ले गए।
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हालांकि प्रशासन की ओर से बगीची में ही परिवार की महिलाओं, परिजन व रिश्तेदारों को शव दिखाने और वहीं से श्मशान घाट ले जाने की तैयारी थी। एडीएम प्रशासन ने भी शवों को घर न ले जाने की अपील की, लेकिन जब परिवार वाले नहीं माने तो सभी को शव घरों पर ले जाने दिया।
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हालात यह हैं कि घरों की महिलाएं और बेटियां रो-रोकर बार-बार बेहोश हो रही हैं, आंखें सूज गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम महिलाओं को ओआरएस के घोल पिला रही हैं। स्वास्थ्य परीक्षण लगातार समय-समय पर किया जा रहा है।
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इगलास के गांव नाया के 11 शव शनिवार की शाम करीब सात बजकर 20 मिनट पर गांव पहुंचे। गांव के बाहर बगीची में सभी ताबूत एंबुलेंस से उतारे गए। ताबूत उतरते ही ऊपर नाम पढ़ने के बाद परिवार वालों ने ताबूत खोलकर चेहरे देखे और ताबूत सहित शवों को अपने-अपने घरों को ले गए।
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हालांकि प्रशासन की ओर से बगीची में ही परिवार की महिलाओं, परिजन व रिश्तेदारों को शव दिखाने और वहीं से श्मशान घाट ले जाने की तैयारी थी। एडीएम प्रशासन ने भी शवों को घर न ले जाने की अपील की, लेकिन जब परिवार वाले नहीं माने तो सभी को शव घरों पर ले जाने दिया।
दो ट्रेनों के जरिये भेजे सभी 22 शव
22 श्रद्धालुओं के शवों को दो ट्रेनों के जरिये जम्मू से पैतृक स्थानों पर भेजा गया है। इन ट्रेनों में कई घायल और तीमारदार भी गए हैं। जीएमसी में 47 घायलों का इलाज जारी है, इनमें छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। शनिवार को 16 घायलों को डिस्चार्ज किया गया है। कुछ लामा (चिकित्सा सलाह के विरुद्ध छुट्टी) पर चले गए। कई घायलों की ऑर्थो सर्जरी करके उन्हें विभिन्न वार्डों में रखा गया है। इनकी देखभाल के लिए कई तीमारदार भी पहुंच गए हैं।
22 श्रद्धालुओं के शवों को दो ट्रेनों के जरिये जम्मू से पैतृक स्थानों पर भेजा गया है। इन ट्रेनों में कई घायल और तीमारदार भी गए हैं। जीएमसी में 47 घायलों का इलाज जारी है, इनमें छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। शनिवार को 16 घायलों को डिस्चार्ज किया गया है। कुछ लामा (चिकित्सा सलाह के विरुद्ध छुट्टी) पर चले गए। कई घायलों की ऑर्थो सर्जरी करके उन्हें विभिन्न वार्डों में रखा गया है। इनकी देखभाल के लिए कई तीमारदार भी पहुंच गए हैं।
मृतकों और घायलों के लिए जम्मू सरकार ने भेजी आर्थिक मदद
जम्मू बस हादसे में मृत, गंभीर घायलों व घायलों को जम्मू-कश्मीर सरकार ओर से आर्थिक मदद जारी की गई है। जिला मजिस्ट्रेट जम्मू सचिन कुमार वैश्य ने जिलाधिकारी हाथरस के खाते में 55.40 लाख रुपये की धनराशि भेज दी है। 10 मृतकों को पांच-पांच लाख, 10 गंभीर घायलों को 50-50 हजार व चार घायलों को 10-10 हजार रुपये दिए गए हैं।
जम्मू बस हादसे में मृत, गंभीर घायलों व घायलों को जम्मू-कश्मीर सरकार ओर से आर्थिक मदद जारी की गई है। जिला मजिस्ट्रेट जम्मू सचिन कुमार वैश्य ने जिलाधिकारी हाथरस के खाते में 55.40 लाख रुपये की धनराशि भेज दी है। 10 मृतकों को पांच-पांच लाख, 10 गंभीर घायलों को 50-50 हजार व चार घायलों को 10-10 हजार रुपये दिए गए हैं।
अधिक सवारी पर जाने से मना कर दिया तो मालिक ने भेजा था दूसरा चालक
बस हादसे में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस घटना में अपनी पत्नी को खोने और स्वयं घायल इगलास के नाया गांव निवासी भगवान सिंह के अनुसार अधिक सवारियां देखकर चालक ने बस ले जाने से मना कर दिया था। इसके बाद बस मालिक ने तत्काल इंतजाम कर दूसरे चालक को बस लेकर शिवखोड़ी के लिए भेजा था। इस चालक को रास्ता नहीं पता था।
बस हादसे में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस घटना में अपनी पत्नी को खोने और स्वयं घायल इगलास के नाया गांव निवासी भगवान सिंह के अनुसार अधिक सवारियां देखकर चालक ने बस ले जाने से मना कर दिया था। इसके बाद बस मालिक ने तत्काल इंतजाम कर दूसरे चालक को बस लेकर शिवखोड़ी के लिए भेजा था। इस चालक को रास्ता नहीं पता था।