Aligarh: मच्छर भगाने की अगरबत्ती से बिस्तर में लगी आग, तीन सिलिंडर भी धमाके के साथ फटे, दो घायल दिल्ली रेफर
आधी रात को आग लगने व सिलिंडर फटने के बाद इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी मची रही। लोग दहशत के चलते बाहर बने रहे। बाद में स्थितियां सामान्य होने पर ही लोग सो पाए। इधर, बरेली से घायलों के परिजनों के आने के बाद उन्हें दिल्ली भेज दिया गया।
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अलीगढ़ महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र के फिरदौस नगर में तीन मंजिला मकान के तीसरे माले पर रहने वाले किरायेदार सगे भाइयों के कमरे में 29 मार्च रात भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दोनों सगे भाई शहजाद व जर्राह गंभीर रूप से झुलस गए। साथ में कमरे में रखे तीन घरेलू गैस सिलिंडर भी धमाके के साथ फट गए। मध्य रात्रि हुए धमाकों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खबर पर पहुंचीं दो दमकलों ने आग पर काबू पाया। पुलिस ने दोनों भाइयों को मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां से दोनों दिल्ली सफदरजंग रेफर किए गए हैं। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटनाक्रम के अनुसार बरेली के देवरनियां क्षेत्र के गिरधरपुर के सगे भाई शहजाद व जर्राह यहां फिरदौस नगर में अधिवक्ता फैसल के तीन मंजिला मकान के तीसरे माले पर बने कमरे में किराये पर रहते हैं। इलाके में ही चाय की दुकान चलाते हैं। रात दोनों भाई कमरे में जमीन पर बिस्तर लगाकर सोये हुए थे। फायर व पुलिस टीम को मिले साक्ष्यों व प्रारंभिक पूछताछ में झुलसे भाइयों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने बिस्तर के सहारे मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती जलाई हुई थी। रात करीब सवा बजे अचानक से अगरबत्ती से बिस्तर ने आग पकड़ ली और कुछ ही देर में घर में आग लग गई। जिससे नींद के आगोश में समाए दोनों भाई आग की लपटों में घिरकर झुलस गए।
दोनों जली अवस्था में चीखते हुए बाहर निकले और मदद के लिए लोगों को पुकारा। जब तक लोग एकत्रित होते और पुलिस कंट्रोल रूम को खबर दी जाती। तब तक उनके कमरे में रखे तीन घरेलू सिलिंडर एक एक कर तेज धमाके के साथ फट गए। जिससे पूरा कमरा क्षतिग्रस्त हो गया। इसी बीच पहुंचीं दो दमकलों ने आग को बुझाया। बाद में घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां से उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार अब तक की जांच में अगरबत्ती से जांच लगने की बात स्पष्ट हुई है। बरेली से उनके परिजन भी पहुंच गए थे।
कमरे में थे पांच सिलिंडर, रिफलिंग का भी अंदेशा
जिस तीन मंजिला मकान में आग लगी। उसके पहले माले पर खुद मकान स्वामी रहते हैं, जबकि दूसरे माले पर एक अन्य किरायेदार परिवार रहता है। तीसरे माले पर बने एक कमरे में व उसके आगे टिनशेड में यह दोनों भाई रहते हैं। जिस कमरे में आग से सिलिंडर फटे थे। वहां से फायर सर्विस की टीम ने दो खाली सिलिंडर भी जब्त किए हैं। साथ में तीन सिलिंडर फटे हुए मिले हैं। इस तरह वहां कुल पांच सिलिंडर रखे थे। जिन्हें देखकर रिफलिंग का अंदेशा भी जताया गया है। मगर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि आग बुझने के बाद पूरे कमरे की गहनता से जांच की गई। वहां रिफलिंग के साक्ष्य तो नहीं मिले हैं। फिर भी इस दिशा में जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। आपूर्ति विभाग की मदद ली जाएगी कि ये सिलिंडर इतनी संख्या में यहां कैसे आए। अनुमान ये भी है कि ये सिलिंडर चाय की दुकान संचालन के लिए रखे थे।
सिलिंडर रिसाव का अंदेशा, इसलिए नहीं हुआ बड़ा ब्लास्ट
इस विषय में मुख्य अग्निशमन अधिकारी यह भी बताते हैं कि जिस तरह से हल्के धमाकों के साथ सिलिंडर फटे हैं, उससे सिलिंडर से गैस रिसाव का अंदेशा है। पहले कमरे में आग लगी होगी। रिसाव के चलते सिलिंडरों ने आग पकड़ी होगी। फिर वे धमाके के साथ फटे होंगे। अगर रिसाव न होता तो अंदर गैस बनने पर ब्लास्ट के साथ ये सिलिंडर फटते और उड़ते भी। इससे कमरे के क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ भवन के अन्य हिस्सों व आसपास तक नुकसान हो सकता था।
इलाके में मची रही घंटों तक अफरा-तफरी
आधी रात को आग लगने व सिलिंडर फटने के बाद इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी मची रही। लोग दहशत के चलते बाहर बने रहे। बाद में स्थितियां सामान्य होने पर ही लोग सो पाए। इधर, बरेली से घायलों के परिजनों के आने के बाद उन्हें दिल्ली भेज दिया गया।