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Aligarh News: एएमयू से उठा आंदोलन का अब्र, जामिया पर बरसा

Tue, 27 Oct 2026 03:04 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 03:04 AM IST
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The movement started from AMU and reached Jamia
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
जो अब्र यहां से उठेगा, वो सारे जहां पर बरसेगा...एएमयू का यह तराना जामिया छात्रसंघ चुनाव की घोषणा पर एकदम सटीक बैठ रही है। एएमयू में 19 दिन की भूख हड़ताल और छात्रों की एकजुटता के बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हुआ, तो इसकी गूंज जामिया मिल्लिया इस्लामिया तक पहुंच गई। वहां भी छात्रों ने मोर्चा खोला और करीब 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा हुई।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में एमए उर्दू के निलंबित छात्र यासिर फहद ने 21 सितंबर को छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। शुरुआत में यह आंदोलन यूनिवर्सिटी परिसर तक सीमित दिख रहा था, लेकिन धीरे-धीरे इसे दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्र नेताओं और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने लगा। जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नेता आंदोलन के समर्थन में अलीगढ़ पहुंचे।
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सीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भागीदारी की। एएमयू पहुंचीं जेएनयू छात्रसंघ की संयुक्त सचिव दानिश अली ने आंदोलन के दौरान कहा था कि एएमयू के बाद अब दिल्ली की बारी है। उस वक्त यह बयान आंदोलन के समर्थन में दिया गया एक राजनीतिक संदेश था, लेकिन बाद की घटनाओं ने इसे खास अहमियत दे दी। नौ अक्तूबर तक चले आंदोलन के बाद एएमयू प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा कर दी।
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एएमयू के आंदोलन से जगी जामिया के छात्रों में जगी उम्मीद
एएमयू में आंदोलन की सफलता के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों में भी छात्रसंघ चुनाव बहाली की उम्मीद मजबूत हुई। 12 अक्तूबर से वहां छात्रों ने आंदोलन शुरू किया और भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस आंदोलन में एएमयू के छात्र भी शामिल हुए। पूर्व छात्र सैयद कैफ हसन, अमजद अली समेत अन्य छात्रों ने आंदोलन को समर्थन दिया।


छात्र राजनीति में नए अध्याय के संकेत
एएमयू और जामिया के घटनाक्रम को छात्र राजनीति में एक-दूसरे से जुड़ते आंदोलनों के रूप में देखा जा सकता है। अलीगढ़ में शुरू हुआ आंदोलन दिल्ली के दूसरे विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए प्रेरणा बना। इस आंदोलन ने छात्रों में क्षमता और रणनीतिक समझ खूब दिखी। इनकी एकजुटता से विवि प्रशासन को झुकना पड़ा।
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