{"_id":"61d0b167d0701e3f9a7a7e1c","slug":"heart-trembled-after-seeing-stampede-in-vaishno-devi-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ देखकर कांप उठा था कलेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ देखकर कांप उठा था कलेजा
Sun, 02 Jan 2022 01:43 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 02 Jan 2022 01:43 AM IST
विज्ञापन
वैष्णो देवी मंदिर के बाहर लगी यात्रियों की भीड़ ।
- फोटो : Rupesh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैष्णो देवी मंदिर में शुक्रवार-शनिवार रात एक बजे भगदड़ में 12 लोग मारे गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। भगदड़ की वजह से महिला, बच्चे और बुजुर्ग आदि भीड़ के पैरों तले दब गए। हादसा देख कलेजा कांप उठा था। हादसे की वजह से तीन घंटे तक दर्शन बंद रहे। पुलिस ने हालात काबू में किण्, तब जाकर चार बजे फिर से दर्शन शुरू हुए। यह कहना था भगदड़ वाले स्थान पर एक तरफ खड़े सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी, महासचिव रवि सैनी, चिंटू चौधरी व सोनू चौधरी का। चारों ने हादसे के बारे में बताया कि वह मौके पर ही थे। किसी तरह इधर-उधर होकर अपनी जान बचाई है। हादसे के दौरान दर्शन के लिए अलीगढ़ से सैकड़ों लोग अलग-अलग स्थानों पर थे।
पीएसी मधुवन कॉलोनी निवासी रंजीत चौधरी, मैलरोज बाईपास निवासी सोनू चौधरी व चिंटू चौधरी, लाल मंदिर मानसरोवर निवासी रवि सैनी ने बताया कि वैष्णो देवी के मुख्य मंदिर पर ढलान है। इसी ढलान से लोग आ रहे थे और एक तरफ लाइन लगाकर जा रहे थे। चूंकि, यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसीलिए दोनों लाइनें एक हो गईं। भीड़ में लोग फंसने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां फटकार कर लाइनों को अलग अलग करना शुरू किया। इसकी वजह से भगदड़ मच गई।
मौके पर बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं गिर पड़े और लोग उनके रौंदते हुए इधर-उधर भागने लगे। माहौल देखकर कलेजा कांप गया था। भगदड़ की चपेट में हम भी थे, लेकिन किसी तरह इधर उधर होकर अपनी जान बचाई है। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे चढ़ाई शुरू की थी। 12 बजे मंदिर के बाहर लाइन में लगे थे। एक बजे हादसा हुआ। इसके बाद तीन घंटे तक हालात काबू में हुए। चार बजे दर्शन शुरू हुए। डर की वजह से मातारानी से लोग प्रार्थना करने लगे। इनके अलावा कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने शनिवार सुबह चढ़ाई शुरू की। शुक्रवार रात को भी सैकड़ों लोग कतार में थे। हादसे की सूचना के बावजूद अलीगढ़ से लोगों का निकलना जारी है।
विज्ञापन
यह लोग भी हैं वैष्णो देवी में
- सेंटर प्वाइंट निवासी लवली चौहान, पीएसी निवासी सुमित चौधरी, एडीए कालोनी के अभिषेक गौड़ व आईटीआई रोड के एडवोकेट सुधीर चौहान वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए हुए हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर एक बजे कटरा से चढ़ाई शुरू की थी। रात नौ-दस बजे के लगभग दर्शन हो पाए हैं। पूरे रास्ते में लोग भगदड़ और मरने वालों की बातें कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार 20-22 लोग मरे हैं।
- महेंद्र नगर के मुदित वार्ष्णेय, यश शर्मा, कालीदह के उत्पल वार्ष्णेय, हाथरस अड्डा के यश वार्ष्णेय, प्रीमियर नगर के यतिन वार्ष्णेय वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं। शुक्रवार रात को चढ़ाई कर दर्शन करने का मन था। लेकिन मातारानी की कृपा से रात में नहीं निकले। इसीलिए हादसे से बच गए। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे कटरा से चढ़ाई शुरू की है।
विज्ञापन
पीएसी मधुवन कॉलोनी निवासी रंजीत चौधरी, मैलरोज बाईपास निवासी सोनू चौधरी व चिंटू चौधरी, लाल मंदिर मानसरोवर निवासी रवि सैनी ने बताया कि वैष्णो देवी के मुख्य मंदिर पर ढलान है। इसी ढलान से लोग आ रहे थे और एक तरफ लाइन लगाकर जा रहे थे। चूंकि, यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसीलिए दोनों लाइनें एक हो गईं। भीड़ में लोग फंसने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां फटकार कर लाइनों को अलग अलग करना शुरू किया। इसकी वजह से भगदड़ मच गई।
विज्ञापन
मौके पर बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं गिर पड़े और लोग उनके रौंदते हुए इधर-उधर भागने लगे। माहौल देखकर कलेजा कांप गया था। भगदड़ की चपेट में हम भी थे, लेकिन किसी तरह इधर उधर होकर अपनी जान बचाई है। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे चढ़ाई शुरू की थी। 12 बजे मंदिर के बाहर लाइन में लगे थे। एक बजे हादसा हुआ। इसके बाद तीन घंटे तक हालात काबू में हुए। चार बजे दर्शन शुरू हुए। डर की वजह से मातारानी से लोग प्रार्थना करने लगे। इनके अलावा कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने शनिवार सुबह चढ़ाई शुरू की। शुक्रवार रात को भी सैकड़ों लोग कतार में थे। हादसे की सूचना के बावजूद अलीगढ़ से लोगों का निकलना जारी है।
विज्ञापन
यह लोग भी हैं वैष्णो देवी में
- सेंटर प्वाइंट निवासी लवली चौहान, पीएसी निवासी सुमित चौधरी, एडीए कालोनी के अभिषेक गौड़ व आईटीआई रोड के एडवोकेट सुधीर चौहान वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए हुए हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर एक बजे कटरा से चढ़ाई शुरू की थी। रात नौ-दस बजे के लगभग दर्शन हो पाए हैं। पूरे रास्ते में लोग भगदड़ और मरने वालों की बातें कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार 20-22 लोग मरे हैं।
- महेंद्र नगर के मुदित वार्ष्णेय, यश शर्मा, कालीदह के उत्पल वार्ष्णेय, हाथरस अड्डा के यश वार्ष्णेय, प्रीमियर नगर के यतिन वार्ष्णेय वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं। शुक्रवार रात को चढ़ाई कर दर्शन करने का मन था। लेकिन मातारानी की कृपा से रात में नहीं निकले। इसीलिए हादसे से बच गए। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे कटरा से चढ़ाई शुरू की है।