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Aligarh News: कैंटर की टक्कर से बाइक सवार दादा, दादी और नाती की मौत
Mon, 09 Jun 2025 01:19 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:19 AM IST
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गांव भरतपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हादसे में हुई मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संबा
- फोटो : samvad
अलीगढ़-मथुरा रोड पर गांव गजू के समीप रविवार सुबह तेज रफ्तार कैंटर की टक्कर से इगलास के गांव भरतपुर के रहने वाले बाइक सवार दादा-दादी और नाती की मौत हो गई। दादी का शव कैंटर में फंसकर आधा किलोमीटर दूर मथुरा की सीमा में पहुंच गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार के मुताबिक इगलास के गांव भरतपुर निवासी राजपाल सिंह (52) रविवार को पत्नी मीरा (48) देवी व नाती युवराज सिंह (09) को बाइक पर लेकर राजस्थान के भरतपुर के कुम्हेर क्षेत्र के गांव तैगोर में बेटी कृष्णा की कुशल क्षेम जानने के लिए सुबह 05:30 बजे गांव से निकल गए थे। मथुरा सीमा के समीप गांव गजू से पहले सुबह 06:30 बजे पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे कैंटर संख्या यू.पी. 25 ई.टी. 4265 ने बाइक सवार दंपति व उनके नाती को टक्कर मार दी।
राजपाल ने आगरा ले जाते समय दम तोड़ा
हादसे में मीरा देवी तथा उनके पौत्र की मौके पर ही मौत हो गई। राजपाल को गंभीर हालत में मथुरा के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भिजवाया गया, वहां से डॉक्टरों ने आगरा के लिए रेफर कर दिया लेकिन आगरा पहुंचने से पूर्व ही रास्ते में राजपाल की भी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना के बाद गांव में कोहराम मच गया है।
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शव को कैंटर आधा किलोमीटर तक खींचता ले गया
इगलास। अलीगढ़-मथुरा रोड पर रविवार सुबह हुए हादसे के बाद कैंटर चालक महिला (दादी) के शव को आधा किलोमीटर तक खींचता हुआ मथुरा सीमा में ले गया।
परिजनों के मुताबिक हादसे के बाद राजपाल एक साइड में गिरे, जबकि पत्नी मीरा और नाती युवराज सिंह कैंटर की साइड की ओर गिरे। इस दौरान मीरा का शव कैंटर में फंस गया। चालक कैंटर को तेजी से भगाया, जिससे शव करीब आधा किलोमीटर तक घिसटते हुए मथुरा के थाना राया की पुलिस चौकी बिचपुरी के गांव अयेरा तक पहुंच गया, जहां स्पीड ब्रेकरों के कारण उनका शव कैंटर से अलग हुआ।
-वर्जन-
तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनो के सुपुर्द कर दिया गया है। हादसे के संंबंध में अरविंद कुमार की ओर से तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कैंटर चालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। महेश कुमार पुलिस क्षेत्राधिकारी इगलास
मां की मौत के बाद दादा-दादी की गोद में पला था युवराज
इगलास। हादसे में मृत बालक युवराज दादा-दादी का सबसे दुलारा नाती था। मां की सात साल पहले मौत हो जाने के बाद वह इन्ही की गोद में पला था और बुआ से मिलने वह उनके साथ गया था।
परिजनों के मुताबिक हादसे में मृत राजपाल सिंह के चार बेटे धर्मेंद्र, अरविंद, वीरेंद्र और आकाश हैं। सबसे बड़े बेटे धर्मेंद्र की पत्नी अनीता की 09 मई 2018 को आए तूफान में दीवार गिरने के दौरान दबकर मौत हो चुकी है। इसके चलते राजपाल सिंह व उनकी पत्नी धर्मेंद्र के बच्चों का ध्यान रखते थे। धर्मेंद्र के तीन बेटे हैं. जिनमें आयुष, लकी व युवराज। सबसे छोटे पौत्र को दादा-दादी बहुत प्यार करते थे। हादसे की खबर के बाद बेटी कृष्णा भी आ गई है, जिसका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि पहले तीनों का शनिवार की रात को ही बेटी के पास जाने की तैयारी थी लेकिन रात हो जाने पर उन्होंने सुबह जाने के लिए टाल दिया था।
दंपती की चिता एक साथ जलीं, नाती की भी अंत्येष्टि
इगलास। क्षेत्र के गांव भरतपुर में रविवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शवों के आने के बाद कोहराम मच गया। राजपाल और उनकी पत्नी मीरा का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि नाती को परंपरा के अनुसार मिट्टी में दबाकर उसकी अंत्येष्टि की गई। मृतक राजपाल सिंह पांच भाई हैं, जिनमें वे सबसे बड़े थे, उनसे छोटे क्रमश: भगवान स्वरुप विमल, सूरज पाल भारती, शिव कुमार व जितेन्द्र भारती हैं। हादसे की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार के मुताबिक इगलास के गांव भरतपुर निवासी राजपाल सिंह (52) रविवार को पत्नी मीरा (48) देवी व नाती युवराज सिंह (09) को बाइक पर लेकर राजस्थान के भरतपुर के कुम्हेर क्षेत्र के गांव तैगोर में बेटी कृष्णा की कुशल क्षेम जानने के लिए सुबह 05:30 बजे गांव से निकल गए थे। मथुरा सीमा के समीप गांव गजू से पहले सुबह 06:30 बजे पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे कैंटर संख्या यू.पी. 25 ई.टी. 4265 ने बाइक सवार दंपति व उनके नाती को टक्कर मार दी।
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राजपाल ने आगरा ले जाते समय दम तोड़ा
हादसे में मीरा देवी तथा उनके पौत्र की मौके पर ही मौत हो गई। राजपाल को गंभीर हालत में मथुरा के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भिजवाया गया, वहां से डॉक्टरों ने आगरा के लिए रेफर कर दिया लेकिन आगरा पहुंचने से पूर्व ही रास्ते में राजपाल की भी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना के बाद गांव में कोहराम मच गया है।
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शव को कैंटर आधा किलोमीटर तक खींचता ले गया
इगलास। अलीगढ़-मथुरा रोड पर रविवार सुबह हुए हादसे के बाद कैंटर चालक महिला (दादी) के शव को आधा किलोमीटर तक खींचता हुआ मथुरा सीमा में ले गया।
परिजनों के मुताबिक हादसे के बाद राजपाल एक साइड में गिरे, जबकि पत्नी मीरा और नाती युवराज सिंह कैंटर की साइड की ओर गिरे। इस दौरान मीरा का शव कैंटर में फंस गया। चालक कैंटर को तेजी से भगाया, जिससे शव करीब आधा किलोमीटर तक घिसटते हुए मथुरा के थाना राया की पुलिस चौकी बिचपुरी के गांव अयेरा तक पहुंच गया, जहां स्पीड ब्रेकरों के कारण उनका शव कैंटर से अलग हुआ।
-वर्जन-
तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनो के सुपुर्द कर दिया गया है। हादसे के संंबंध में अरविंद कुमार की ओर से तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कैंटर चालक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। महेश कुमार पुलिस क्षेत्राधिकारी इगलास
मां की मौत के बाद दादा-दादी की गोद में पला था युवराज
इगलास। हादसे में मृत बालक युवराज दादा-दादी का सबसे दुलारा नाती था। मां की सात साल पहले मौत हो जाने के बाद वह इन्ही की गोद में पला था और बुआ से मिलने वह उनके साथ गया था।
परिजनों के मुताबिक हादसे में मृत राजपाल सिंह के चार बेटे धर्मेंद्र, अरविंद, वीरेंद्र और आकाश हैं। सबसे बड़े बेटे धर्मेंद्र की पत्नी अनीता की 09 मई 2018 को आए तूफान में दीवार गिरने के दौरान दबकर मौत हो चुकी है। इसके चलते राजपाल सिंह व उनकी पत्नी धर्मेंद्र के बच्चों का ध्यान रखते थे। धर्मेंद्र के तीन बेटे हैं. जिनमें आयुष, लकी व युवराज। सबसे छोटे पौत्र को दादा-दादी बहुत प्यार करते थे। हादसे की खबर के बाद बेटी कृष्णा भी आ गई है, जिसका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि पहले तीनों का शनिवार की रात को ही बेटी के पास जाने की तैयारी थी लेकिन रात हो जाने पर उन्होंने सुबह जाने के लिए टाल दिया था।
दंपती की चिता एक साथ जलीं, नाती की भी अंत्येष्टि
इगलास। क्षेत्र के गांव भरतपुर में रविवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शवों के आने के बाद कोहराम मच गया। राजपाल और उनकी पत्नी मीरा का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि नाती को परंपरा के अनुसार मिट्टी में दबाकर उसकी अंत्येष्टि की गई। मृतक राजपाल सिंह पांच भाई हैं, जिनमें वे सबसे बड़े थे, उनसे छोटे क्रमश: भगवान स्वरुप विमल, सूरज पाल भारती, शिव कुमार व जितेन्द्र भारती हैं। हादसे की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है।