{"_id":"629910875e27f814135a5de7","slug":"government-forgot-to-give-facilities-after-giving-e-labor-card-aligarh-news-ali293008167","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : ई : श्रम कार्ड देकर सुविधाएं भूली सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : ई : श्रम कार्ड देकर सुविधाएं भूली सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार जिले में 14 लाख श्रमिकों के ई: श्रम कार्ड बनवाकर भूल गई है कि इनको सुविधाएं भी देनी हैं। एक साल पहले सरकार ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से श्रमिकों के पंजीकरण के लिए अभियान चलवाया था। उन दिनों चलाए हए अभियान में 12 लाख के लक्ष्य से दो लाख अधिक लोगों के पंजीकरण हुए थे । उन दिनों घोषणा की गई थी कि पंजीकरण होने के बाद किसी श्रमिक की दुर्घटना में मौत होती है तो उसके परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसी तरह गंभीर बीमारी पर श्रमिक और उनके परिवारों को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज होगा, उनके इलाज पर खर्च होने वाली धनराशि प्रदेश सरकार खर्च करेगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय पर असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन भी किया है लेकिन अधिकार न होने के कारण यह बोर्ड कोई मदद नहीं कर पा रहा है।
उपायुक्त (श्रम) सियाराम ने बाताया कि जिले में पर्याप्त संख्या में ऑन लाइन ई: श्रम कार्ड बन गए हैं। इनके लिए असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड को नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं से कार्ड धारक श्रमिक की मौत के बाद उनके परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए अलीगढ़ से 14 दावे भेजे जा चुके हैं लेकिन सरकार की ओर से एनओसी नहीं मिली है। यही स्थिति करीब 250 परिवारों को उपचार के लिए बीमा या आर्थिक मदद की है। इन सभी के आवेदन तीन महीने पहले भेजे जा चुके हैं।
इस बारे में असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शमीम अख्तर का कहना है कि अलीगढ़ सहित प्रदेश के सभी जिलों से दुर्घटना बीमा के दावे
के प्रस्ताव शासन को भेज दिए हैं। इसी तरह बीमार होने पर उपचार के लिए धनराशि के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। इन सभी के लिए शासन स्तर से अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार है। बीमारी की स्थिति में शासन ई श्रम कार्ड वालों को मुख्यमंत्री जन अरोग्य योजना से भी जोड़ने पर विचार कर रही है। दोनों ही स्थिति में श्रमिक और उनके परिजनों के इलाज के लिए पांच-पांच लाख रुपये तक की व्यवस्था हो सकेगी।
विज्ञापन
ई: श्रम कार्ड का कोई फायदा नहीं दिख रहा है। एक साल पहले कार्ड बनवाए थे, उन दिनों प्रचार प्रसार हुआ था कि कार्ड धारक के परिवार को इलाज के लिए पांच लाख तक की व्यवस्था होगी लेकिन एक धेले की भी व्यवस्था नहीं हुई है। अरुण गुप्ता
परिवार के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। श्रम विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि हमने प्रस्ताव भेज बोर्ड को भेज दिया है। आखिर कब तक इलाज के लिए मिलने लाभ का इंतजार करें। प्रह्लाद शर्मा
श्रमिकों के पास इलाज तो क्या दो वक्त की रोटी के लिए पैसा नहीं होता। सरकार की घोषणा से उम्मीद बनी थी कि ई: श्रम कार्ड उपचार के लिए कारगर होगा लेकिन अब तो यह कागज का टुकड़ा ही रह गया है। आबिद अब्बासी
ढलाई और निकिल पॉलिश का काम करने वाले मजदूर और उनके परिवारों को सांस, दमा, टीबी जैसी खतरनाक बीमारी हो रहीं हैं। उनके इलाज के लिए सरकार की ई: श्रम कार्ड योजना अच्छी है लेकिन घोषणा तक सीमित न रहे, इसका लाभ मिले। मोम्मद कादिर
विज्ञापन
उपायुक्त (श्रम) सियाराम ने बाताया कि जिले में पर्याप्त संख्या में ऑन लाइन ई: श्रम कार्ड बन गए हैं। इनके लिए असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड को नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं से कार्ड धारक श्रमिक की मौत के बाद उनके परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए अलीगढ़ से 14 दावे भेजे जा चुके हैं लेकिन सरकार की ओर से एनओसी नहीं मिली है। यही स्थिति करीब 250 परिवारों को उपचार के लिए बीमा या आर्थिक मदद की है। इन सभी के आवेदन तीन महीने पहले भेजे जा चुके हैं।
विज्ञापन
इस बारे में असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शमीम अख्तर का कहना है कि अलीगढ़ सहित प्रदेश के सभी जिलों से दुर्घटना बीमा के दावे
के प्रस्ताव शासन को भेज दिए हैं। इसी तरह बीमार होने पर उपचार के लिए धनराशि के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। इन सभी के लिए शासन स्तर से अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार है। बीमारी की स्थिति में शासन ई श्रम कार्ड वालों को मुख्यमंत्री जन अरोग्य योजना से भी जोड़ने पर विचार कर रही है। दोनों ही स्थिति में श्रमिक और उनके परिजनों के इलाज के लिए पांच-पांच लाख रुपये तक की व्यवस्था हो सकेगी।
विज्ञापन
ई: श्रम कार्ड का कोई फायदा नहीं दिख रहा है। एक साल पहले कार्ड बनवाए थे, उन दिनों प्रचार प्रसार हुआ था कि कार्ड धारक के परिवार को इलाज के लिए पांच लाख तक की व्यवस्था होगी लेकिन एक धेले की भी व्यवस्था नहीं हुई है। अरुण गुप्ता
परिवार के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। श्रम विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि हमने प्रस्ताव भेज बोर्ड को भेज दिया है। आखिर कब तक इलाज के लिए मिलने लाभ का इंतजार करें। प्रह्लाद शर्मा
श्रमिकों के पास इलाज तो क्या दो वक्त की रोटी के लिए पैसा नहीं होता। सरकार की घोषणा से उम्मीद बनी थी कि ई: श्रम कार्ड उपचार के लिए कारगर होगा लेकिन अब तो यह कागज का टुकड़ा ही रह गया है। आबिद अब्बासी
ढलाई और निकिल पॉलिश का काम करने वाले मजदूर और उनके परिवारों को सांस, दमा, टीबी जैसी खतरनाक बीमारी हो रहीं हैं। उनके इलाज के लिए सरकार की ई: श्रम कार्ड योजना अच्छी है लेकिन घोषणा तक सीमित न रहे, इसका लाभ मिले। मोम्मद कादिर