{"_id":"602adb028ebc3ee92b275759","slug":"gave-vote-threat-to-bjp-aligarh-news-ali256357289","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मान वापस पाने के लिए भाजपा को दें वोट की चोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्मान वापस पाने के लिए भाजपा को दें वोट की चोट
विज्ञापन
हाथरस के कस्बा सादाबाद में किसान महापंचायत को संबोधित करते जयंत चौधरी।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद (हाथरस)।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने सादाबाद के छाबी मियां के बाग में कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित किसान महापंचायत में चार फैसले सुनाए। कहा कि पहला फैसला यह है कि सम्मान वापस पाने के लिए आने वाले चुनावों में भाजपा को वोट की चोट देनी होगी। दूसरा, जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, विरोध प्रदर्शन चलते रहेंगे। तीसरा, अगर सरकार आंदोलन करने वाले लोगों पर दबाव बनाएगी तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। चौथा, हमें नौजवानों की नौकरी के लिए भी आंदोलन चलाना होगा। जल्द ही हम इसके लिए आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब तक ये कानून वापस नहीं होते, ये आंदोलन नहीं रुकेगा। पुलिस को अपराधियों के पीछे लगाओ, किसान के पीछे लगाने की जुर्रत मत करो। जयंत ने शायराना अंदाज में कहा कि इन्हीं गम की घटाओं से निकलेगा खुशियों का चांद, अंधेरी रात के पर्दे में दिन की रोशनी भी तो है। हमें आशावादी रहना होगा, हारना नहीं है। हम लाख चुनाव हार जाएं, लेकिन देश का किसान नहीं हारना चाहिए। उन्होंने किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि किसान रोज जूझता है, रोज लड़ता है।
फिर नया सवेरा होगा, हिम्मत मत हारो। भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग जिद पर आ गए हैं, इन्हें कोई समझ नहीं है, ये किसान के मिजाज को नहीं समझते। हम तो झुकना जानते ही नहीं, क्योंकि हम तो पैदा ही जिद्दी हुए हैं। ये लोग चाय में नमक डालकर देंगे, लेकिन हम लोग चाय पीने वाले लोग नहीं है, हम दूध व घी पीने वाले लोग हैं। भाजपा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है।
विज्ञापन
विरोध देखने के बाद भी प्रधानमंत्री अपनी जिद पर अड़े हैं, इसका अर्थ यही है, जो उनके दाता हैं, वही उनके लिए भगवान हैं। उन्होंने कहा कि आज किसान आंदोलन को चलते हुए करीब 82 दिन बीत चुके हैं और तमाम किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही, वह कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही। चौधरी चरण सिंह की लिखी हुई 1978 की किताब भारत की अर्थनीति गांधीवादी रूपरेखा का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी साहब कहा करते थे कि सरकारों में जो लोग बैठे हैं, उन्हें ग्रामीण परिवेश के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए वह जो फैसले लेते हैं, वे ज्यादातर गांव व किसानों के खिलाफ होते हैं। आज की सरकार ने यह बात साबित कर दी है।
उन्होंने भाजपा की राजनीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि आप राम के नाम पर वोट लेते हो, तो बात अलीगढ़ के रामजीलाल पर होनी चाहिए, रामजीलाल एक ऐसे किसान, जिन्हें बिजली अधिकारियों ने बकाए को लेकर इतना परेशान किया कि तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस राम का कोई संज्ञान नहीं लेगा क्यों कि ये गणेश जी को दूूध पिलाने वाले लोग हैं, इनके झूठ फरेब से सावधान रहें। किसानों की आमदनी को दोगुना करने के मुद्दे को भी जयंत ने उठाया और सरकार से सवाल किया कि बिजली ढाई से तीन सौ फीसदी महंगी हो गई, जब से बाबा बैठे हैं वहां। किसानों के ट्यूबवेल पर मीटर लग गया , मिनिमम चार्ज भी लगा दिया गया। गन्ने के दामों में तीन साल से कोई वृद्धि नहीं हुई और बाकी फसलों के उचित दाम किसान को मिल नहीं रहे, क्या ऐसे ही किसान की आय दोगुनी होगी।
उन्होंने कहा कि एफसीआई पर साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्जा है, क्योंकि इस सरकार के पास कोई नीति नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री हैं भाजपा के, जो कहते हैं कि श्रीलंका व नेपाल में बीजेपी की सरकार बनेगी, क्या ये अंतरराष्ट्रीय मामलों में दखल नहीं है। आज देश में 21 साल की बच्ची को गिरफ्तार किया जा रहा है, 80 साल के बुजुर्ग को पुलिस उठाकर बंद कर रही है।
वर्तमान में विश्वभर में गूंज उठी है, कि किसानों के साथ बुरा हुआ है, आज भी अगर आपका खून नहीं खौल रहा तो आपको कोरोना भी नहीं मार सकता। मोदी जी ने नंबर नहीं दिया, लेकिन मैं आपको नंबर दे रहा हूं। कॉल लगाओ और रालोद से जुड़ जाओ। पंचायत में पहुंचने से पूर्व जयंत चौधरी ने पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
महापंचायत को पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, वरिष्ठ रालोद नेता गिरेंद्र चौधरी और गुड्डू चौधरी ने भी संबोधित किया और किसानों से कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज को लगातार बुलंद करने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष केशवदेव चौधरी और युवा नेता दीपू चौधरी ने आभार जताया। अध्यक्षता कारे सिंह और संचालन प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी ने किया।
किसानों पर वार करने वालों को हाय लगेगी
महापंचायत के दौरान जयंत चौधरी ने हाथरस कांड को लेकर कहा कि एक गरीब परिवार की एक घर की रोशनी को दरिंदों ने छीन लिया। जब वह वहां जा रहे थे, तब पुलिस ने हमारे ऊपर, आपके ऊपर लाठीचार्ज किया। उन्होंने लाठी चलाई, लेकिन हम रुके नहीं नहीं, कोई लाठी ऐसी बनी नहीं है, जो किसानों को रोक सके, जो मुझे आपके लिए लड़ने से रोक पाए। किसानों पर वार करने वालों को तो हाय लगेगी, उनकी पीढ़ियों को भी लगेगी।
भेंट की गदा और हल
रालोद जिलाध्यक्ष केशवदेव, युवा रालोद जिलाध्यक्ष महीपाल सिंह ने हल भेंट कर जयंत को सम्मानित किया। युवा नेता यथार्थ चौधरी ने गदा भेंट की।
ये रहे शामिल
पूर्व ब्लाक प्रमुख बहादुर सिंह,चंद्रेश चौधरी, इशान चौधरी, पूर्व चेयरमैन देशराज सिंह, महीपाल सिंह चौधरी, आशीष ठैनुआं, सुभाष चौधरी, चंद्रेश चौधरी, सुमन दिवाकर, नवाब सिंह छौंकर, रामवीर सिंह, हरेंद्र प्रधान, ओमवती बुआ, मनोज यादव, श्याम प्रधान, बॉबी यादव, यथार्थ चौधरी, छोटे कर्मवीर, रामसहाय चौधरी, सचिन पचहरा, नरेश पौनियां, गंभीर सिंह, सुरेंद्र चौधरी, राधाचरन पहलवान, हरिपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, रामवीर सिंह, हरिभजन सिंह, रामनारायण वर्मा, रमेश ठैनुआं, सुरेंद्र परिहार, मनोज दिवाकर, हरचरन सिंह, कुलदीप, मनोज चौधरी मुरसान, राजपाल भरंगर, भूरा पहलवान, धर्मवीर सिंह चौहान, इरफान मलिक, राजेश ठैनुआं, उम्मेद सिंह, कारे सिंह, नितिन चौधरी, आसू अहमद कुरैशी, सनेहीलाल, कुंजिल सिंह, चंद्रकांत बधौतिया, भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन, मनोज यादव, ब्लाक प्रमुख विनीत गुप्ता, डॉ. कालीचरन सिंह, महीपाल सिंह, राजेंद्र सिंह एडवोकेट, महाराज सिंह, छीतर सिंह बघेल, कोमल सिंह, देशराज सिंह, लायक सिंह बधौतिया, मलखान सिंह, बच्चन पहलवान, मुकेश वाल्मीकि, चोब सिंह पहलवान आदि शामिल थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने सादाबाद के छाबी मियां के बाग में कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित किसान महापंचायत में चार फैसले सुनाए। कहा कि पहला फैसला यह है कि सम्मान वापस पाने के लिए आने वाले चुनावों में भाजपा को वोट की चोट देनी होगी। दूसरा, जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, विरोध प्रदर्शन चलते रहेंगे। तीसरा, अगर सरकार आंदोलन करने वाले लोगों पर दबाव बनाएगी तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। चौथा, हमें नौजवानों की नौकरी के लिए भी आंदोलन चलाना होगा। जल्द ही हम इसके लिए आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब तक ये कानून वापस नहीं होते, ये आंदोलन नहीं रुकेगा। पुलिस को अपराधियों के पीछे लगाओ, किसान के पीछे लगाने की जुर्रत मत करो। जयंत ने शायराना अंदाज में कहा कि इन्हीं गम की घटाओं से निकलेगा खुशियों का चांद, अंधेरी रात के पर्दे में दिन की रोशनी भी तो है। हमें आशावादी रहना होगा, हारना नहीं है। हम लाख चुनाव हार जाएं, लेकिन देश का किसान नहीं हारना चाहिए। उन्होंने किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि किसान रोज जूझता है, रोज लड़ता है।
विज्ञापन
फिर नया सवेरा होगा, हिम्मत मत हारो। भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग जिद पर आ गए हैं, इन्हें कोई समझ नहीं है, ये किसान के मिजाज को नहीं समझते। हम तो झुकना जानते ही नहीं, क्योंकि हम तो पैदा ही जिद्दी हुए हैं। ये लोग चाय में नमक डालकर देंगे, लेकिन हम लोग चाय पीने वाले लोग नहीं है, हम दूध व घी पीने वाले लोग हैं। भाजपा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है।
विज्ञापन
विरोध देखने के बाद भी प्रधानमंत्री अपनी जिद पर अड़े हैं, इसका अर्थ यही है, जो उनके दाता हैं, वही उनके लिए भगवान हैं। उन्होंने कहा कि आज किसान आंदोलन को चलते हुए करीब 82 दिन बीत चुके हैं और तमाम किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही, वह कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही। चौधरी चरण सिंह की लिखी हुई 1978 की किताब भारत की अर्थनीति गांधीवादी रूपरेखा का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी साहब कहा करते थे कि सरकारों में जो लोग बैठे हैं, उन्हें ग्रामीण परिवेश के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए वह जो फैसले लेते हैं, वे ज्यादातर गांव व किसानों के खिलाफ होते हैं। आज की सरकार ने यह बात साबित कर दी है।
उन्होंने भाजपा की राजनीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि आप राम के नाम पर वोट लेते हो, तो बात अलीगढ़ के रामजीलाल पर होनी चाहिए, रामजीलाल एक ऐसे किसान, जिन्हें बिजली अधिकारियों ने बकाए को लेकर इतना परेशान किया कि तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस राम का कोई संज्ञान नहीं लेगा क्यों कि ये गणेश जी को दूूध पिलाने वाले लोग हैं, इनके झूठ फरेब से सावधान रहें। किसानों की आमदनी को दोगुना करने के मुद्दे को भी जयंत ने उठाया और सरकार से सवाल किया कि बिजली ढाई से तीन सौ फीसदी महंगी हो गई, जब से बाबा बैठे हैं वहां। किसानों के ट्यूबवेल पर मीटर लग गया , मिनिमम चार्ज भी लगा दिया गया। गन्ने के दामों में तीन साल से कोई वृद्धि नहीं हुई और बाकी फसलों के उचित दाम किसान को मिल नहीं रहे, क्या ऐसे ही किसान की आय दोगुनी होगी।
उन्होंने कहा कि एफसीआई पर साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्जा है, क्योंकि इस सरकार के पास कोई नीति नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री हैं भाजपा के, जो कहते हैं कि श्रीलंका व नेपाल में बीजेपी की सरकार बनेगी, क्या ये अंतरराष्ट्रीय मामलों में दखल नहीं है। आज देश में 21 साल की बच्ची को गिरफ्तार किया जा रहा है, 80 साल के बुजुर्ग को पुलिस उठाकर बंद कर रही है।
वर्तमान में विश्वभर में गूंज उठी है, कि किसानों के साथ बुरा हुआ है, आज भी अगर आपका खून नहीं खौल रहा तो आपको कोरोना भी नहीं मार सकता। मोदी जी ने नंबर नहीं दिया, लेकिन मैं आपको नंबर दे रहा हूं। कॉल लगाओ और रालोद से जुड़ जाओ। पंचायत में पहुंचने से पूर्व जयंत चौधरी ने पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
महापंचायत को पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, वरिष्ठ रालोद नेता गिरेंद्र चौधरी और गुड्डू चौधरी ने भी संबोधित किया और किसानों से कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज को लगातार बुलंद करने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष केशवदेव चौधरी और युवा नेता दीपू चौधरी ने आभार जताया। अध्यक्षता कारे सिंह और संचालन प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी ने किया।
किसानों पर वार करने वालों को हाय लगेगी
महापंचायत के दौरान जयंत चौधरी ने हाथरस कांड को लेकर कहा कि एक गरीब परिवार की एक घर की रोशनी को दरिंदों ने छीन लिया। जब वह वहां जा रहे थे, तब पुलिस ने हमारे ऊपर, आपके ऊपर लाठीचार्ज किया। उन्होंने लाठी चलाई, लेकिन हम रुके नहीं नहीं, कोई लाठी ऐसी बनी नहीं है, जो किसानों को रोक सके, जो मुझे आपके लिए लड़ने से रोक पाए। किसानों पर वार करने वालों को तो हाय लगेगी, उनकी पीढ़ियों को भी लगेगी।
भेंट की गदा और हल
रालोद जिलाध्यक्ष केशवदेव, युवा रालोद जिलाध्यक्ष महीपाल सिंह ने हल भेंट कर जयंत को सम्मानित किया। युवा नेता यथार्थ चौधरी ने गदा भेंट की।
ये रहे शामिल
पूर्व ब्लाक प्रमुख बहादुर सिंह,चंद्रेश चौधरी, इशान चौधरी, पूर्व चेयरमैन देशराज सिंह, महीपाल सिंह चौधरी, आशीष ठैनुआं, सुभाष चौधरी, चंद्रेश चौधरी, सुमन दिवाकर, नवाब सिंह छौंकर, रामवीर सिंह, हरेंद्र प्रधान, ओमवती बुआ, मनोज यादव, श्याम प्रधान, बॉबी यादव, यथार्थ चौधरी, छोटे कर्मवीर, रामसहाय चौधरी, सचिन पचहरा, नरेश पौनियां, गंभीर सिंह, सुरेंद्र चौधरी, राधाचरन पहलवान, हरिपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, रामवीर सिंह, हरिभजन सिंह, रामनारायण वर्मा, रमेश ठैनुआं, सुरेंद्र परिहार, मनोज दिवाकर, हरचरन सिंह, कुलदीप, मनोज चौधरी मुरसान, राजपाल भरंगर, भूरा पहलवान, धर्मवीर सिंह चौहान, इरफान मलिक, राजेश ठैनुआं, उम्मेद सिंह, कारे सिंह, नितिन चौधरी, आसू अहमद कुरैशी, सनेहीलाल, कुंजिल सिंह, चंद्रकांत बधौतिया, भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन, मनोज यादव, ब्लाक प्रमुख विनीत गुप्ता, डॉ. कालीचरन सिंह, महीपाल सिंह, राजेंद्र सिंह एडवोकेट, महाराज सिंह, छीतर सिंह बघेल, कोमल सिंह, देशराज सिंह, लायक सिंह बधौतिया, मलखान सिंह, बच्चन पहलवान, मुकेश वाल्मीकि, चोब सिंह पहलवान आदि शामिल थे।