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नोएडा में साथ काम करने वाले दोस्त ने की युवक की हत्या
Thu, 05 Nov 2020 01:03 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 01:03 AM IST
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हत्यारोपी
- फोटो : amar ujala
बरला क्षेत्र के गांव गाजीपुर के युवक नीरज की हत्या का पुलिस ने सर्विलांस की मदद से खुलासा करते हुए उसके दोस्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह हत्या दोस्ती में पनपी रंजिश व बेइज्जती का बदला लेने के लिए की गई थी। बुधवार को एसपी देहात ने प्रेसवार्ता में इस हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी।
एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि नीरज पुत्र विजयपाल सिंह 29 अक्तूबर की दोपहर से लापता था, जिसकी लाश एक नवंबर की सुबह गाजीपुर के ही जंगलों में मिली थी। परिवार ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव छिपाए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस पूछताछ में किसी रंजिश तक की बात सामने नहीं आई थी। इसी दौरान सर्विलांस की मदद से पुलिस जांच में पता चला कि नीरज के साथ नोएडा की एक फैक्टरी में विशाल पुत्र रामगोपाल निवासी हुसैनपुर शहजादपुर, दादों काम करता था। उसकी मोबाइल कॉल डिटेल के जरिये उस पर शक गहराया।
मंगलवार को विशाल पुत्र रामगोपाल व उसके दोस्त विवेक कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी शिवपुरी, छर्रा को अरनी मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में विशाल ने स्वीकारा कि वह और नीरज नोएडा में नौकरी करते थे। वहां पिछले दिनों चोरी हुई थी, जिसमें नीरज द्वारा फैक्टरी मालिक व पुलिस के सामने चोरी का आरोप उस पर लगा दिया था। इस मामले में जेल जाने से बचा था। इसके बाद फैक्टरी मालिक ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया। इसी खुन्नस में नीरज ने उसे मरवाने के लिए एक दिन आदमी भी बुला लिए थे। साथ ही जिस कमरे में दोनों रहते थे, वहां से 20 हज़ार रुपये कीमत का मोबाइल भी चोरी हो गया। विशाल ने बताया कि चोरी का शक उसे नीरज पर ही हुआ। इसको लेकर वह नीरज से रंजिश मानने लगा।
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इसी के तहत 29 अक्तूबर को अपने दोस्त विवेक के साथ मिलकर नीरज को गांव के बाहर बुलाया और वन विभाग का जंगल देखने के बहाने उसे ले गए। वहां नीरज के साथ मिलकर बीयर पी। इसके बाद वापस आते समय नीरज से बाइक चलवाई और पीछे बैठकर उसके सिर में लोहे की रॉड मार दी। इसके बाद जब वह गिर गया तो उसकी दो-तीन वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद नीरज का मोबाइल फोन साथ ले आए और उसे छिपा दिया। एसपी देहात के अनुसार हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड व नीरज का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। खुलासा व गिरफ्तारी टीम में सर्विलांस टीम के साथ-साथ एसओ सर्वेश कुमार, एसआई संजीव कुमार की भूमिका प्रमुख रही है।
एटा के भाजपा सांसद राजू भैय्या संग एसएसपी से मिलने पहुंचा परिवार
नीरज का परिवार इस खुलासे पर असंतोष जताते हुए भाजपा के एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैय्या संग बुधवार को एसएसपी से मिला। परिवार की दलील है कि इस हत्याकांड में इन दो के अलावा और भी आरोपी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचा रही है। इस पर एसएसपी ने मामले में अग्रिम जांच किसी अन्य थाने या क्राइम ब्रांच से कराने का भरोसा दिया है।
मृतक नीरज के बड़े भाई मोहित ने बताया कि 29 अक्तूबर को भाई के गायब होने के बाद उसकी सभी जगह तलाश की। मगर, वह नहीं मिला। 30 अक्तूबर को थाने पर पहुंचकर शिकायत की तो पुलिस ने छोटे फोटो की बजाय बड़े फोटो को साथ लाकर शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया। 31 अक्तूबर को जैसे तैसे शिकायत दर्ज की। इसके बाद एक नवंबर को ही शव मिल गया। आरोप है कि भाई नीरज शारीरिक तौर पर मजबूत था। उसे विशाल व विवेक मिलकर हाथापाई करते हुए नहीं मार सकते। इस घटना को अंजाम देने में अन्य लोगों का भी हाथ है। मगर, पुुलिस उनकी इस बात को नहीं सुन रही है। जबरन फर्द पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। शिकायत दर्ज करने से लेकर खुलासे तक में लापरवाही बरती गई है। सुबह जब थाने पहुंचकर इस बात का जिक्र किया तो एसओ स्तर से अभद्रता की गई। एसएसपी ने उनकी बात सुन अन्य लोगों के नाम उजागर करने के लिए अग्रिम जांच किसी दूसरे थाने या क्राइम ब्रांच से कराने का भरोसा दिया है।
- परिवार की अपनी दलील है और तर्क हैं। वहीं पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर खुलासा किया है। दोनों बातें एसएसपी के सामने रखी गई हैं। उनकी ओर से उचित आश्वासन मिला है। परिवार को संतुष्ट करने के बाद ही जांच पूरी की जाएगी।
- राजवीर सिंह राजू भैय्या, भाजपा सांसद एटा
- इस मामले में तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया था। किसी तरह की कमी नहीं की गई। परिवार के सामने आरोपियों के बयान तक कराए गए। फिर भी परिवार असंतुष्ट है। जिसे लेकर आगे जांच जारी रहेगी।
- सर्वेश कुमार, एसओ बरला
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एसपी देहात शुभम पटेल ने बताया कि नीरज पुत्र विजयपाल सिंह 29 अक्तूबर की दोपहर से लापता था, जिसकी लाश एक नवंबर की सुबह गाजीपुर के ही जंगलों में मिली थी। परिवार ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव छिपाए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस पूछताछ में किसी रंजिश तक की बात सामने नहीं आई थी। इसी दौरान सर्विलांस की मदद से पुलिस जांच में पता चला कि नीरज के साथ नोएडा की एक फैक्टरी में विशाल पुत्र रामगोपाल निवासी हुसैनपुर शहजादपुर, दादों काम करता था। उसकी मोबाइल कॉल डिटेल के जरिये उस पर शक गहराया।
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मंगलवार को विशाल पुत्र रामगोपाल व उसके दोस्त विवेक कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी शिवपुरी, छर्रा को अरनी मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में विशाल ने स्वीकारा कि वह और नीरज नोएडा में नौकरी करते थे। वहां पिछले दिनों चोरी हुई थी, जिसमें नीरज द्वारा फैक्टरी मालिक व पुलिस के सामने चोरी का आरोप उस पर लगा दिया था। इस मामले में जेल जाने से बचा था। इसके बाद फैक्टरी मालिक ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया। इसी खुन्नस में नीरज ने उसे मरवाने के लिए एक दिन आदमी भी बुला लिए थे। साथ ही जिस कमरे में दोनों रहते थे, वहां से 20 हज़ार रुपये कीमत का मोबाइल भी चोरी हो गया। विशाल ने बताया कि चोरी का शक उसे नीरज पर ही हुआ। इसको लेकर वह नीरज से रंजिश मानने लगा।
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इसी के तहत 29 अक्तूबर को अपने दोस्त विवेक के साथ मिलकर नीरज को गांव के बाहर बुलाया और वन विभाग का जंगल देखने के बहाने उसे ले गए। वहां नीरज के साथ मिलकर बीयर पी। इसके बाद वापस आते समय नीरज से बाइक चलवाई और पीछे बैठकर उसके सिर में लोहे की रॉड मार दी। इसके बाद जब वह गिर गया तो उसकी दो-तीन वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद नीरज का मोबाइल फोन साथ ले आए और उसे छिपा दिया। एसपी देहात के अनुसार हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड व नीरज का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। खुलासा व गिरफ्तारी टीम में सर्विलांस टीम के साथ-साथ एसओ सर्वेश कुमार, एसआई संजीव कुमार की भूमिका प्रमुख रही है।
एटा के भाजपा सांसद राजू भैय्या संग एसएसपी से मिलने पहुंचा परिवार
नीरज का परिवार इस खुलासे पर असंतोष जताते हुए भाजपा के एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैय्या संग बुधवार को एसएसपी से मिला। परिवार की दलील है कि इस हत्याकांड में इन दो के अलावा और भी आरोपी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचा रही है। इस पर एसएसपी ने मामले में अग्रिम जांच किसी अन्य थाने या क्राइम ब्रांच से कराने का भरोसा दिया है।
मृतक नीरज के बड़े भाई मोहित ने बताया कि 29 अक्तूबर को भाई के गायब होने के बाद उसकी सभी जगह तलाश की। मगर, वह नहीं मिला। 30 अक्तूबर को थाने पर पहुंचकर शिकायत की तो पुलिस ने छोटे फोटो की बजाय बड़े फोटो को साथ लाकर शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया। 31 अक्तूबर को जैसे तैसे शिकायत दर्ज की। इसके बाद एक नवंबर को ही शव मिल गया। आरोप है कि भाई नीरज शारीरिक तौर पर मजबूत था। उसे विशाल व विवेक मिलकर हाथापाई करते हुए नहीं मार सकते। इस घटना को अंजाम देने में अन्य लोगों का भी हाथ है। मगर, पुुलिस उनकी इस बात को नहीं सुन रही है। जबरन फर्द पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। शिकायत दर्ज करने से लेकर खुलासे तक में लापरवाही बरती गई है। सुबह जब थाने पहुंचकर इस बात का जिक्र किया तो एसओ स्तर से अभद्रता की गई। एसएसपी ने उनकी बात सुन अन्य लोगों के नाम उजागर करने के लिए अग्रिम जांच किसी दूसरे थाने या क्राइम ब्रांच से कराने का भरोसा दिया है।
- परिवार की अपनी दलील है और तर्क हैं। वहीं पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर खुलासा किया है। दोनों बातें एसएसपी के सामने रखी गई हैं। उनकी ओर से उचित आश्वासन मिला है। परिवार को संतुष्ट करने के बाद ही जांच पूरी की जाएगी।
- राजवीर सिंह राजू भैय्या, भाजपा सांसद एटा
- इस मामले में तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया था। किसी तरह की कमी नहीं की गई। परिवार के सामने आरोपियों के बयान तक कराए गए। फिर भी परिवार असंतुष्ट है। जिसे लेकर आगे जांच जारी रहेगी।
- सर्वेश कुमार, एसओ बरला