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फायर कर्मी बनकर एनओसी जारी कराने वाला गिरफ्तार
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पकड़ा गया अजय शर्मा।
- फोटो : CITY OFFICE
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अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कराने का गोरखधंधा उजागर हुआ है। इस गोरखधंधे के मुख्य आरोपी अजय शर्मा को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोप है कि वह खुद को फायर कर्मी बताता था और एनओसी जारी कराने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था। फिलहाल, अभी इस मामले में जांच जारी है और विभाग के कुछ अन्य लोगों की भूमिका जांची जा रही है।
दो माह पहले आईजी पीयूष मोर्डिया को शिकायत मिली थी कि शहर में बहुमंजिला भवन, होटल, स्कूल, हॉस्पिटलों को अग्निशमन विभाग की एनओसी जारी कराने के नाम पर धन की वसूली का गोरखधंधा चल रहा है। इस पर उन्होंने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की जांच में अजय शर्मा निवासी फायर ब्रिगेड कॉलोनी, बन्नादेवी को एनओसी जारी कराने के धंधे में मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित किया गया। शनिवार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7ए व 8 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
साथ ही उसे मेरठ स्थित भ्रष्टाचार कोर्ट में पेशी के बाद मेरठ जेल भेज दिया गया। जांच में पाया गया कि वह खुद को फायर कर्मी बताता था। महकमे में अपनी सांठगांठ बताकर लोगों से रकम लेकर एनओसी जारी कराता था। हालांकि, उसके पिता अग्निशमन विभाग से ही सेवानिवृत्त हुए हैं। इसलिए उसकी महकमे के कुछ लोगों से सांठगांठ उजागर हो रही है। अभी एसआईटी जांच कर रही है।
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- शहर में फायर एनओसी के नाम पर चल रहे गोरखधंधे की शिकायत मिलने पर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अंतरिम जांच में अजय शर्मा को दोषी पाया है, जिसे भ्रष्टाचार के मुकदमे में जेल भेजा गया है। शेष जांच जारी है। पूरी जांच आख्या के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उसमें महकमे व बाहर के लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होगी। - पीयूष मोर्डिया, आईजी, रेंज
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दो माह पहले आईजी पीयूष मोर्डिया को शिकायत मिली थी कि शहर में बहुमंजिला भवन, होटल, स्कूल, हॉस्पिटलों को अग्निशमन विभाग की एनओसी जारी कराने के नाम पर धन की वसूली का गोरखधंधा चल रहा है। इस पर उन्होंने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की जांच में अजय शर्मा निवासी फायर ब्रिगेड कॉलोनी, बन्नादेवी को एनओसी जारी कराने के धंधे में मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित किया गया। शनिवार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7ए व 8 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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साथ ही उसे मेरठ स्थित भ्रष्टाचार कोर्ट में पेशी के बाद मेरठ जेल भेज दिया गया। जांच में पाया गया कि वह खुद को फायर कर्मी बताता था। महकमे में अपनी सांठगांठ बताकर लोगों से रकम लेकर एनओसी जारी कराता था। हालांकि, उसके पिता अग्निशमन विभाग से ही सेवानिवृत्त हुए हैं। इसलिए उसकी महकमे के कुछ लोगों से सांठगांठ उजागर हो रही है। अभी एसआईटी जांच कर रही है।
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- शहर में फायर एनओसी के नाम पर चल रहे गोरखधंधे की शिकायत मिलने पर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अंतरिम जांच में अजय शर्मा को दोषी पाया है, जिसे भ्रष्टाचार के मुकदमे में जेल भेजा गया है। शेष जांच जारी है। पूरी जांच आख्या के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उसमें महकमे व बाहर के लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होगी। - पीयूष मोर्डिया, आईजी, रेंज