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मृदा परीक्षण घोटाला: कंपनी पर अब तक नहीं हो सकी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:31 AM IST
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घोटाला
- फोटो : amar ujala
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मृदा परीक्षण घोटाले की परत खुलने के बाद अब तक टेंडर पाने वाली बरेली की कंपनी एस सॉल्यूशंस के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है जबकि डेढ़ सप्ताह पहले ही इस मामले में शासन की ओर से विभागीय अधिकारियों को कंपनी के खिलाफ एफआईआर भेज दिए गए हैं। घोटाले की जद में आने के बाद निलंबित हुए जेडीए जेएस राठौर के बाद इस पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जेडीए टीपी चौधरी ने भी इस मामले में अभी कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया है।
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मृदा परीक्षण के नाम पर लाखों का घोटाला करने और फर्जी तरीके से टेंडर पाने वाली बरेली की कंपनी एस सॉल्यूशंस की शासन ने जांच कराई थी, जिसमें कंपनी की अनियमितताएं सामने आईं। इस मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर के आदेश तत्कालीन जेडीए जेएस राठौर को दिए गए थे, लेकिन उनका पांच दिन बाद ही इसी मामले के चलते निलंबन हो गया।
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उनके स्थान पर आगरा के जेडीए को अलीगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। चार दिन पहले चार्ज संभालने वाले टीपी चौधरी ने भी इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया है। इस बात का फायदा कंपनी को मिल रहा है। वह अभी भी कानूनी शिकंजे से दूर है। इधर, विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी इस मामले में शासन के निर्देश पर ही सवाल उठा रहे हैं।
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उनका कहना है कि जिस मामले में एक अधिकारी के संलिप्त होने की बात सामने आ रही थी। उसी को आखिरकार कंपनी के खिलाफ एफआईआर लिखाने के आदेश कैसे दे दिए गए। इधर, पिछले सप्ताह जेडीए ऑफिस में लगी आग के मामले में भी अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। उस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
मैंने हाल ही में अलीगढ़ में चार्ज लिया है। शासन की ओर से मृदा परीक्षण घोटाले में संलिप्त कंपनी के संदर्भ में आई पत्रावली को अभी पढ़ा नहीं है। पढ़ने के बाद ही इस मामले में आगे कार्रवाई करूंगा।
- टीपी चौधरी, संयुक्त कृषि निदेशक