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बवाल के पीछे बाहरियों की साजिश की आशंका, छात्रों के हाथ आए हथियारों पर सवाल

Mon, 16 Dec 2019 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 16 Dec 2019 04:02 AM IST
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Fear of conspiracy of outsiders behind the ruckus in AMU 
amu protest - फोटो : अमर उजाला

अलीगढ़ मुस्लिम विवि में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जिस दिन से विरोध शुरू हुआ है, उसी दिन से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यहां छात्रों को कैंपस से बाहरी और निलंबित व निष्कासित छात्र उकसाने का काम कर रहे हैं। आशंका जाहिर की जा रही है कि बड़ी साजिश के तहत यह बवाल कराया गया है।

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रविवार देर शाम डीएम ने अपनी प्रेसवार्ता में और एएमयू प्रॉक्टर ने अपने जारी बयान सहित एएमयू रजिस्ट्रार ने छुट्टी संबंधी आदेश में इन बातों का उल्लेख किया है कि परिसर में बाहरी असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 
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इसी दौरान रात आठ बजे महज एक अफवाह के चलते छात्रों की भीड़ प्रदर्शन करते हुए पुलिस से टकरा जाती है और सुनियोजित तरीके से उनके हाथों में मौजूद हथियार, पत्थर और हथगोले कहां से आ जाते हैं। 
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यहां किस साजिश के तहत और किन लोगों के इशारों पर यह सब हुआ हो रहा है। यह बात तो जांच में ही सामने आएगी। मगर जिस तरह से शाम आठ बजे से लेकर रात 11 बजे तक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा था। उससे लगा कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।

शाम को जब शांतिपूर्वक प्रदर्शन हुआ तो छात्रों ने यूपी पुलिस के विरोध नारेबाजी की थी। उसके बाद एएमयू प्रॉक्टर ने मीडिया को यह बयान दिया था कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। बाहरी लोग इसमें शामिल हैं। 

इसी बीच डीएम ने भी उनकी बात दोहराते हुए करीब 150 बाहरी लोगों के चिन्हित होने की बात कही थी। इसी बीच रात आठ बजे हिंसक प्रदर्शन शुरू हुआ। इसमें एएमयू से बाहर के युवकों के शामिल होने के तथ्य भी सामने आए हैं। 

आरएएफ  के हटते ही हिंसक हुए छात्र
तीन दिन से एएमयू में चल रहे प्रदर्शन के बीच आरएएफ  लगातार तैनात है। रविवार शाम को अधिकारियों ने बवाल थमने की आशंका पर आरएएफ  को हटाते हुए पुलिस भी कम कर ली थी। इस बात की सूचना छात्रों को लगी तो वह मौके का फायदा उठाते हुए प्रशासनिक भवन तक आ गए और पथराव, फायरिंग को अंजाम दिया। इस हिंसा में एएमयू छात्रों सहित अधिकारियों, कर्मचारियों के करीब 60 वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
 
मिश्रित आबादी वाले हिस्सों में भी गश्त बढ़ाई
एएमयू में जारी बवाल के बीच शहर की पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी अपनी गश्त बढ़ा दी। देर रात तक पुलिस शहर के हर नाके पर डटी रही। लोगों को एकत्रित होकर बातें करने से भी रोका गया। जनता से अपील की गई कि वह अपने घरों में रहे। किसी भी प्रकार की हिंसा को बल न दें।


एडीजी पहुंचे, अन्य जनपदों से फोर्स मंगाया
एडीजी आगरा जोन अजय आनंद बवाल की सूचना पर देर रात को ही आगरा से अलीगढ़ आ गए। उन्होंने पूरे हालात का अधिकारियों से बातचीत कर जायजा लिया। एडीजी के निर्देश पर देर को ही आस पास के जिलों से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को अलीगढ़ में बुला लिया गया है।

बाब ए सैयद से निकलते ही तोड़े सीसीटीवी
एएमयू छात्रों का रैला जैसा ही बाब ए सैयद से बाहर निकले उन्होंने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के खंभों को तोड़ दिया। इतना ही नहीं पथराव के लिए इंतजाम करने को गमले तोड़ दिए, जिससे की पुलिस पर पथराव अधिक देर तक किया जा सके।


एएमयू में जो कुछ हो रहा है, वह सब एएमयू इंतजामिया के इशारों और बाहरियों को अंदर बुलाकर छात्रों को बरगलाकर करवाया जा रहा है। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन से अपील है कि इन सब लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाए।
- अनिल पाराशर, भाजपा विधायक

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