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गेहूं बेचने के 72 घंटे में मिलेगा किसानों को पूरा भुगतान
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एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने कहा है कि एक अप्रैल से गेहूं की खरीद को लेकर क्रय केंद्र प्रभारी व व्यवस्थापक पर्याप्त संख्या में खाली बोरा, छन्नी, कांटा, नमी मापक यंत्र के अलावा किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था करा लें। ये बातें उन्होंने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने बताया कि जिले भर में 99 गेहूं क्रय केंद्रों पर इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाते हुए 2015 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। गेेहूं खरीद को पारदर्शी बनाए रखने के लिए शासन स्तर से ऑनलाइन खरीद की व्यवस्था की गई है। जिसकेे अनुसार पंजीकरण एवं टोकन के माध्यम से ही गेहूं की खरीद की जाएगी। एडीएम ने कहा है कि क्रय केंद्र पर आने वाले काश्तकारों से सद्भाव पूर्ण व्यवहार करें और खरीद के बारे में उन्हें संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम व तहसीलदार क्रय केंद्रों के प्रभारियों संग बैठक कर व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण कर लें।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने डिप्टी आरएमओ को सभी केंद्रों पर ई-पॉस मशीन, वारदाना एवं अन्य उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कहीं भी बोरों एवं अन्य उपकरणों के अभाव में गेेेेहूं खरीद प्रभावित नहीं होनी चाहिए। क्रय केंद्रों पर बड़े किसानों के साथ छोटे किसानों का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने साफ किया कि गेहूं खरीद में केंद्र प्रभारियों की मनमानी नहीं चलेगी। यदि कहीं कोई शिकायत पायी जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने बताया कि बीते साल 1.56 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी, जिसमें प्रदेश भर में जिला अब्बल रहा था। किसानों को 250 करोड़ की धनराशि गेहूं भुगतान के रूप में किसानों के खाते में हस्तांतरित की गयी थी। किसानों की उपज का मूल्य पीएफएमएस के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। मंडी सभापति इस बात ञका ध्यान रखें कि मंडियों में गेेहूं की वास्तविक नीलामी हो। क्रय केंद्रों पर बैनर आदि लगा होना चाहिए। क्रय केंद्रों पर किसानों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए 72 घंटे के भीतर उपज का मूल्य हस्तांतरित करा दिया जाए।
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उन्होंने बताया कि जिले भर में 99 गेहूं क्रय केंद्रों पर इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाते हुए 2015 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। गेेहूं खरीद को पारदर्शी बनाए रखने के लिए शासन स्तर से ऑनलाइन खरीद की व्यवस्था की गई है। जिसकेे अनुसार पंजीकरण एवं टोकन के माध्यम से ही गेहूं की खरीद की जाएगी। एडीएम ने कहा है कि क्रय केंद्र पर आने वाले काश्तकारों से सद्भाव पूर्ण व्यवहार करें और खरीद के बारे में उन्हें संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम व तहसीलदार क्रय केंद्रों के प्रभारियों संग बैठक कर व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण कर लें।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व ने डिप्टी आरएमओ को सभी केंद्रों पर ई-पॉस मशीन, वारदाना एवं अन्य उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कहीं भी बोरों एवं अन्य उपकरणों के अभाव में गेेेेहूं खरीद प्रभावित नहीं होनी चाहिए। क्रय केंद्रों पर बड़े किसानों के साथ छोटे किसानों का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने साफ किया कि गेहूं खरीद में केंद्र प्रभारियों की मनमानी नहीं चलेगी। यदि कहीं कोई शिकायत पायी जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने बताया कि बीते साल 1.56 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी, जिसमें प्रदेश भर में जिला अब्बल रहा था। किसानों को 250 करोड़ की धनराशि गेहूं भुगतान के रूप में किसानों के खाते में हस्तांतरित की गयी थी। किसानों की उपज का मूल्य पीएफएमएस के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। मंडी सभापति इस बात ञका ध्यान रखें कि मंडियों में गेेहूं की वास्तविक नीलामी हो। क्रय केंद्रों पर बैनर आदि लगा होना चाहिए। क्रय केंद्रों पर किसानों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए 72 घंटे के भीतर उपज का मूल्य हस्तांतरित करा दिया जाए।
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