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Aligarh News: किसान को वाहन ने रौदा, तीन घंटे गड्ढे में पड़ा रहा शव
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कल्याण सिंह की मौत पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : samvad
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शेखाझील के निकट रविवार सुबह खेत पर जा रहे 72 वर्षीय किसान की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। करीब तीन घंटे बाद उनका शव सड़क किनारे गढ्ढे में पड़ा मिला।
भवनखेड़ा गांव के योगेंद्र सिंह ने बताया उनके पिता कल्याण सिंह गांव के पूर्व प्रधान थे। गांव के बाहर अपने खेत पर लगे सबमर्सिबल पर ही सोते थे। प्रतिदिन सुबह शेखाझील के निकट मक्के के खेत तक टहलने जाते। रविवार सुबह भी वह खेत की ओर जा रहे थे, इसी दौरान झील से 300 मीटर पहले अज्ञात वाहन ने उन्हें रौंदा दिया, जिसमें उनकी मौके मौत हो गई। करीब तीन घंटे बाद गांव के लोगों ने कल्याण सिंह का शव सड़क किनारे गढ्ढे में पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। घटना स्थल से करीब पांच मीटर दूर उनके जूते पड़े मिले। बेटे योगेंद्र सिंह ने बताया है कि पिता की किसी से रंजिशन नहीं थी। यह केवल हादसा है। थाना प्रभारी निरीक्षक हरिभान सिंह ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने जाम लगाने का प्रयास किया
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान बेटे योगेंद्र ने पुलिस से कहा कि 15 मिनट रुक जाएं, रिश्तेदार आ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने उनकी नहीं सुनी और शव को भेजने लगे, जिससे गुस्साए लोगों ने जाम लगाने की धमकी दी। लोगों का गुस्सा देख पुलिस कर्मियों ने उन्हें शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर पुलिस गश्त कम करती, जिससे घटनाओं हो रही है।
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भवनखेड़ा गांव के योगेंद्र सिंह ने बताया उनके पिता कल्याण सिंह गांव के पूर्व प्रधान थे। गांव के बाहर अपने खेत पर लगे सबमर्सिबल पर ही सोते थे। प्रतिदिन सुबह शेखाझील के निकट मक्के के खेत तक टहलने जाते। रविवार सुबह भी वह खेत की ओर जा रहे थे, इसी दौरान झील से 300 मीटर पहले अज्ञात वाहन ने उन्हें रौंदा दिया, जिसमें उनकी मौके मौत हो गई। करीब तीन घंटे बाद गांव के लोगों ने कल्याण सिंह का शव सड़क किनारे गढ्ढे में पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। घटना स्थल से करीब पांच मीटर दूर उनके जूते पड़े मिले। बेटे योगेंद्र सिंह ने बताया है कि पिता की किसी से रंजिशन नहीं थी। यह केवल हादसा है। थाना प्रभारी निरीक्षक हरिभान सिंह ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
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ग्रामीणों ने जाम लगाने का प्रयास किया
शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान बेटे योगेंद्र ने पुलिस से कहा कि 15 मिनट रुक जाएं, रिश्तेदार आ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने उनकी नहीं सुनी और शव को भेजने लगे, जिससे गुस्साए लोगों ने जाम लगाने की धमकी दी। लोगों का गुस्सा देख पुलिस कर्मियों ने उन्हें शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर पुलिस गश्त कम करती, जिससे घटनाओं हो रही है।
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