Aligarh News: देशभर में खोजती रही एटीएस, अलीगढ़ से किया फैजान गिरफ्तार, एएमयू ने साधी चुप्पी
एटीएस द्वारा गिरफ्तार हुए फैजान का सीधे एएमयू से नाता रहा है। वह यहां का छात्र रहा। एएमयू के ही छात्र संगठन के जरिये सभी आपस में आईएस के संपर्क में आए। एएमयू छात्रों के संगठन में मॉड्यूल ने अपनी पैंठ बनाई। एएमयू के छात्रों की लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। मगर पूरे मामले में एएमयू अभी तक मौन है।
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आईएस से जुड़े और 25 हजार इनामी फैजान बख्तियार की तलाश में एटीएस प्रयागराज से लेकर देशभर में सभावित ठिकानों पर दौड़ती रही। 17 जनवरी को उसे पुलिस ने अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसे अलीगढ़ में किस जगह से पकड़ा गया, इसका खुलासा अभी एटीएस ने नहीं किया है।
पुणे माड्यूल्स के सरगना शाहनवाज की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि वह पढ़े-लिखे युवाओं को आईएस से जोड़ कर प्रतिबंधित संगठन का नेटवर्क खड़ा कर रहा था। इनकी गिरफ्तारी का क्रम आज तक जारी है। अभी कुछ और की तलाश में एटीएस लगी है। इसकी शुरुआत झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले एएमयू के स्नातक छात्र की गिरफ्तारी से हुई। इसके बाद उसका साथी महाराजगंज से दबोचा गया। फिर पुणे मॉड्यूल के शाहनवाज आदि पकड़े गए। उनसे पूछताछ के बाद एटीएस ने तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद अब्दुल्ला अर्सलान, माज बिन तारिक व वजीउउ्दीन को दबोचा। जांच में उजागर हुआ है कि शाहनवाज ने ही इन्हें एएमयू में सक्रिय रहकर आईएस से जुड़वाया।
गिरफ्तार फैजान का सीधे एएमयू से नाता रहा। वह यहां का छात्र रहा। एएमयू के ही छात्र संगठन के जरिये सभी आपस में आईएस के संपर्क में आए । एएमयू छात्रों के संगठन में मॉड्यूल ने अपनी पैंठ बनाई। एएमयू छात्रों की लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। मगर पूरे मामले में एएमयू अभी तक मौन है। न तो पकड़े जा रहे छात्रों पर कोई एक्शन हो रहा और न एएमयू में सक्रिय छात्रों के इस संगठन पर कोई कदम उठाया जा रहा है। हर बार की तरह एएमयू एक ही बात कहती है कि अभी तक उन्हें लिखित में कोई जानकारी नहीं मिली है।
जेल जाने वालों का एएमयू से नाता
गिरफ्तार फराज ने वर्ष 2022 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान मे स्नातक किया था और 2023 में एमबीए के लिए प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुआ, जबकि कोर्ट में समर्पण करने वाला अब्दुल समद मलिक एएमयू से एमएसडब्ल्यू मास्टर इन सोशल वर्क कर रहा था। अब पकड़ा गया फैजान भी एएमयू का छात्र है।
फिर एक बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र को आतंकवादी संगठन से जुड़ने और गिरफ्तार किया जाना चिंता का विषय है। एएमयू से जुड़ा होना उससे भी ज्यादा चिंता का विषय है। संपूर्ण देश में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए खुशी का वातावरण है। अलीगढ़ में जिस प्रकार से आतंकी पकड़े जा रहे हैं वह गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं। केंद्र और प्रदेश में एक सक्षम सरकार होने के कारण उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र और प्रदेश की सरकारों से आग्रह है और कड़ी कार्रवाई करते हुए इनके खिलाफ जांच करें।-पुष्पेंद्र पचौरी, ब्रज क्षेत्र सहसंयोजक भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ
कुछ वर्ष पूर्व जम्मू-कश्मीर में सेना ने एएमयू छात्र आतंकी मन्नान वानी हो मार गिराने का मामला हो या अब एटीएस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों का मामला, इनसे स्पष्ट है कि एएमयू कैम्पस में आतंकी पनाह पाए हुए हैं। एएमयू इंतजामिया के कोई कार्रवाई नहीं करने से सवाल उठ रहा है कि इन्हें संरक्षण प्राप्त है। प्रशासन को कैंपस में इस तरह के लोगों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाना चाहिए और शिनाख्त कर कार्रवाई करें।-अमित गोस्वामी, उपाध्यक्ष भाजयुमो महानगर
अब तक न जाने कितने संदिग्ध आतंकवादी इस विश्वविद्यालय से पकड़े जा चुके हैं, लेकिन फिर भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का प्रशासन नहीं करता है। आखिरकार इन पर कार्रवाई करने से एएमयू प्रशासन क्यों डरता है। -बल्देव चौधरी सीटू, छात्र नेता