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निष्कासित छात्रों को कैंपस से बाहर करने की तैयारी
कौशल कुमार ओझा
Updated Fri, 23 Sep 2016 02:21 AM IST
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कौशल कुमार ओझा
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अधिकारी निष्कासित छात्रों एवं एएमयू की राजनीति तथा छात्रों के बीच सक्रिय बाहरी युवकों की कैंपस प्रवेश पर रोक लगाना चाहते है। ये लोग एएमयू प्रशासन के लिए हमेशा सिरदर्द साबित हुए है। निष्कासित एवं बाहरी युवकों को कैंपस से बाहर करने की जिम्मेवारी छात्रों पर डालकर प्रशासन ‘सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे’ की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अतिरिक्त इसको लेकर कुलपति जिला प्रशासन के भी संपर्क में है।
छात्र संघ चुनाव में एएमयू से निष्कासित छात्र नेता आफाक अहमद, आमीर मिंटो, अब्दुल्ला इमरान, सद्दाम हुसैन आदि सक्रिय हैैैै। सभी के कैंपस प्रवेश पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके ये सब चुनाव में सक्रिय है। किसी न किसी प्रत्याशी को इनका समर्थन प्राप्त है। इसमें से कुछ छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय है और चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। ये छात्र नेता हमेशा इंतजामिया के आंखों की किरकिरी भी रहे है।
एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में भी निष्कासित छात्रों के आवागमन एवं सक्रियता पर चिंता व्यक्त की गई। यह भी कहा गया कि जब तक अवांछनीय तत्वों को स्वयं छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर नहीं करेंगे तब तक चुनाव नहीं कराए जाएंगे।
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एएमयू छात्रों के साथ कैंपस में आने वाले बाहरी युवकों को भी कैंपस एवं कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना जा रहा है। अप्रैल में प्रॉक्टर आफिस, डीएसडब्लू आफिस, गेस्ट हाउस नंबर 2 एवं वीसी लॉज समेत अन्य स्थानों पर आगजनी एवं फायरिंग मामले में बाहरी युवकों का नाम लिया गया था।
एएमयू में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद करने एवं बाहरी युवकों को कैंपस प्रवेश से रोकने के लिए गुरुवार को वीसी जमीरउद्दीन शाह एवं डीएम राजमणि यादव के बीच फोन पर वार्ता हुई। जिलाधिकारी ने वीसी को भरोसा दिलाया कि एएमयू के प्रवेश द्वार पर पुलिस फोर्स तैनात कर देंगे और प्रवेश उन्हीं को मिलेगा, जिसे एएमयू द्वारा अनुमति दी जाएगी।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अधिकारी निष्कासित छात्रों एवं एएमयू की राजनीति तथा छात्रों के बीच सक्रिय बाहरी युवकों की कैंपस प्रवेश पर रोक लगाना चाहते है। ये लोग एएमयू प्रशासन के लिए हमेशा सिरदर्द साबित हुए है। निष्कासित एवं बाहरी युवकों को कैंपस से बाहर करने की जिम्मेवारी छात्रों पर डालकर प्रशासन ‘सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे’ की रणनीति पर काम कर रही है। इसके अतिरिक्त इसको लेकर कुलपति जिला प्रशासन के भी संपर्क में है।
छात्र संघ चुनाव में एएमयू से निष्कासित छात्र नेता आफाक अहमद, आमीर मिंटो, अब्दुल्ला इमरान, सद्दाम हुसैन आदि सक्रिय हैैैै। सभी के कैंपस प्रवेश पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके ये सब चुनाव में सक्रिय है। किसी न किसी प्रत्याशी को इनका समर्थन प्राप्त है। इसमें से कुछ छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय है और चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। ये छात्र नेता हमेशा इंतजामिया के आंखों की किरकिरी भी रहे है।
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एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में भी निष्कासित छात्रों के आवागमन एवं सक्रियता पर चिंता व्यक्त की गई। यह भी कहा गया कि जब तक अवांछनीय तत्वों को स्वयं छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर नहीं करेंगे तब तक चुनाव नहीं कराए जाएंगे।
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एएमयू छात्रों के साथ कैंपस में आने वाले बाहरी युवकों को भी कैंपस एवं कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना जा रहा है। अप्रैल में प्रॉक्टर आफिस, डीएसडब्लू आफिस, गेस्ट हाउस नंबर 2 एवं वीसी लॉज समेत अन्य स्थानों पर आगजनी एवं फायरिंग मामले में बाहरी युवकों का नाम लिया गया था।
एएमयू में कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद करने एवं बाहरी युवकों को कैंपस प्रवेश से रोकने के लिए गुरुवार को वीसी जमीरउद्दीन शाह एवं डीएम राजमणि यादव के बीच फोन पर वार्ता हुई। जिलाधिकारी ने वीसी को भरोसा दिलाया कि एएमयू के प्रवेश द्वार पर पुलिस फोर्स तैनात कर देंगे और प्रवेश उन्हीं को मिलेगा, जिसे एएमयू द्वारा अनुमति दी जाएगी।