AMU: इंजीनियरिंग छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार, किसी को भी पेपर देने अंदर जाने नहीं दिया
छात्रों ने बताया कि वह अंतिम वर्ष के छात्र हैं, जिनका परीक्षा परिणाम कम उपस्थिति के चलते रोक दिया गया है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि परिणाम घोषित न होने से उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
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एएमयू के इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का परिणाम रोके जाने और कक्षा में उपस्थिति का मानक खत्म करने की मांग को लेकर छात्रों ने इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्रों ने गेट पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। परीक्षा कक्ष में छात्रों को नहीं जाने दिया।
23 फरवरी को सुबह आठ बजे इंजीनियरिंग के छात्रों की सेशनल की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने से पहले आक्रोशित छात्र भी कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया। छात्रों ने परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने नहीं दिया।
छात्रों ने बताया कि वह अंतिम वर्ष के छात्र हैं, जिनका परीक्षा परिणाम कम उपस्थिति के चलते रोक दिया गया है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि परिणाम घोषित न होने से उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन से शिकायत की, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद यह तरीका अपनाना पड़ा।
गेट पर ताला लगने की सूचना पर प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंच गई। उन्हाेंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हटे। दोपहर 2:15 बजे छात्र वापस चले गए। छात्रों ने कहा कि मंगलवार को गेट बंद करने फिर आएंगे। परीक्षा का पूरी तरह से बहिष्कार किया गया। मामले में छात्र सोनपाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ दो बिल्डिंग में परीक्षा नहीं हुई है। यह परीक्षा सेशनल थी। कम उपस्थिति होने पर भी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी जा रही है। महीने में दो सेशनल परीक्षा होती हैं, जिनमें नंबर अच्छे आते हैं, उन्हीं के नंबर जोड़ लिए जाते हैं। ऐसे में जिन्होंने सेशनल परीक्षा नहीं दी है। वह अपना एक मौका गंवा चुके हैं।-प्रो. नवेद खान, प्रॉक्टर, एएमयू