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Aligarh News: एएमयू से था आंबेडकर का गहरा नाता, अंग्रेजी बोल-समझने के लिए इंगलिश फिल्में देखने की दी थी सलाह
Fri, 14 Apr 2023 02:53 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 14 Apr 2023 02:53 AM IST
सार
एएमयू के स्ट्रेची हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. आंबेडकर ने छात्रों को जिंदगी में सफलता के लिए अंग्रेजी में दक्षता हासिल करने का सुझाव दिया था। अंग्रेजी भाषा बोलने और समझने के लिए अंग्रेजी फिल्में देखने की सलाह दी थी।
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डॉ. भीमराव अंबेडकर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में डॉ. बीआर आंबेडकर कई बार आए थे। उनका यूनिवर्सिटी और छात्रों से गहरा नाता था। उन्हें वाद-विवाद प्रतियोगिता में बतौर निर्णायक आमंत्रित किया गया था। बात वर्ष 1934 की है। एएमयू छात्र संघ की ओर से एक वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई थी।
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डॉ. आंबेडकर को निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया था। उस समय एएमयू के संस्थापक सर सैयद के पौत्र सर रास मसूद कुलपति थे। छात्र संघ अध्यक्ष आले अहमद सरूर ने उनका स्वागत किया था। एएमयू उर्दू एकेडमी के पूर्व निदेशक डॉ. राहत अबरार ने बताया कि 24 अगस्त 1942 में डॉ. सर जियाउद्दीन के कुलपति काल में एएमयू में केंद्रीय श्रम मंत्री के रूप में डॉ. आंबेडकर यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक के भवन की आधारशिला रखने के लिए आए थे।
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भवन के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने आर्थिक सहायता दी थी। यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक की स्थापना 1936 में ही हो गई थी। स्ट्रेची हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. आंबेडकर ने छात्रों को जिंदगी में सफलता के लिए अंग्रेजी में दक्षता हासिल करने का सुझाव दिया था। अंग्रेजी भाषा बोलने और समझने के लिए अंग्रेजी फिल्में देखने की सलाह दी थी। उन्होंने छूआ-छूत को मिटाने, शोषित वर्ग के लिए समर्पित भाव से काम करने, जाति के भेद से ऊपर उठकर समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया था।
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डॉ. अबरार ने कहा कि 1932-34 में लंदन में आयोजित गोलमेज कांफ्रेंस के बीच डॉ. आंबेडकर की एएमयू के पूर्व छात्रों से भेंट हुई थी। इनमें मौलाना मोहम्मद अली, शौकत अली, नवाब अहमद सईद खां छतारी प्रमुख थे।