{"_id":"690a64d08ddde9a3ba094f14","slug":"dogs-cause-terror-bite-34-people-in-24-hours-aligarh-news-c-56-1-hts1004-139822-2025-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: कुत्तों का आतंक, 24 घंटे में 34 को काटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: कुत्तों का आतंक, 24 घंटे में 34 को काटा
Wed, 05 Nov 2025 02:10 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Wed, 05 Nov 2025 02:10 AM IST
विज्ञापन
शहर व आसपास के इलाकों में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। 24 घंटे में 34 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। ये लोग एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की पहली खुराक लगवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। इससे पहले इमरजेंसी में छह लोग पहली खुराक के लिए पहुंचे।
शहरवासी इन-दिनों कुत्तों से परेशान हैं। छोटा नवीपुर निवासी अजय के 12 साल के बेटे अनिकेत पर रविवार की सुबह कुत्ते ने हमला कर दिया। उसके चेहरे व माथे पर चोट आई। अजय ने बताया कि गली में एक कुत्ता पागल हो गया है। स्थानीय लोग उसे घेरने का प्रयास कर रहे थे। आनन-फानन बच्चे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया।
इधर, गांव अहवरनपुर निवासी सुभाष (35), बालापट्टी निवासी धर्मेंद्र (37), नगला टीका निवासी शिवानी (29) व नगला रानी निवासी कौशल (30) पर अलग-अलग समय कुत्तों ने हमला किया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार की रात को छह पीड़ित एआरवी की पहली खुराक लगवाने पहुंचे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को 40 लोग एआरवी की पहली खुराक लगवाने पहुंचे। इनमें से 26 पर कुत्तों ने हमला किया। 12 बंदर व दो बिल्ली के हमले के रहे। कुत्तों के हमलों में 26 में से आठ बच्चे रहे। ओपीडी के बाद दो लोग इमरजेंसी पहुंचे। इस तरह 24 घंटे में 34 लोगों पर कुत्तों ने हमला किया।
पिछले कुछ महीनों में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस कारण जिला अस्पताल में एआरवी की खपत में भी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में पर्याप्त एआरवी की व्यवस्था है। शासन के निर्देश पर अब इमरजेंसी में भी रेबीज के पहले टीके की व्यवस्था की गई है, जिससे ओपीडी के बाद और छुट्टी वाले दिन किसी व्यक्ति पर जानवर का हमला होता है तो वह इंजेक्शन लगवा सके। रेबीज के मामले तभी बिगड़ते हैं, जब 24 घंटे के अंदर इंजेक्शन न लगे।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
विज्ञापन
शहरवासी इन-दिनों कुत्तों से परेशान हैं। छोटा नवीपुर निवासी अजय के 12 साल के बेटे अनिकेत पर रविवार की सुबह कुत्ते ने हमला कर दिया। उसके चेहरे व माथे पर चोट आई। अजय ने बताया कि गली में एक कुत्ता पागल हो गया है। स्थानीय लोग उसे घेरने का प्रयास कर रहे थे। आनन-फानन बच्चे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया।
विज्ञापन
इधर, गांव अहवरनपुर निवासी सुभाष (35), बालापट्टी निवासी धर्मेंद्र (37), नगला टीका निवासी शिवानी (29) व नगला रानी निवासी कौशल (30) पर अलग-अलग समय कुत्तों ने हमला किया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार की रात को छह पीड़ित एआरवी की पहली खुराक लगवाने पहुंचे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को 40 लोग एआरवी की पहली खुराक लगवाने पहुंचे। इनमें से 26 पर कुत्तों ने हमला किया। 12 बंदर व दो बिल्ली के हमले के रहे। कुत्तों के हमलों में 26 में से आठ बच्चे रहे। ओपीडी के बाद दो लोग इमरजेंसी पहुंचे। इस तरह 24 घंटे में 34 लोगों पर कुत्तों ने हमला किया।
पिछले कुछ महीनों में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस कारण जिला अस्पताल में एआरवी की खपत में भी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में पर्याप्त एआरवी की व्यवस्था है। शासन के निर्देश पर अब इमरजेंसी में भी रेबीज के पहले टीके की व्यवस्था की गई है, जिससे ओपीडी के बाद और छुट्टी वाले दिन किसी व्यक्ति पर जानवर का हमला होता है तो वह इंजेक्शन लगवा सके। रेबीज के मामले तभी बिगड़ते हैं, जब 24 घंटे के अंदर इंजेक्शन न लगे।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस