Cancer: एएमयू में शोध शुरू, अब चिकित्सक-वैज्ञानिक व इंजीनियर मिलकर ढूंढेंगे कैंसर की दवा
एएमयू ने एक अधिकारिक समूह बना है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे विशेषज्ञ कैंसर पर शोध करेंगे। समूह में जीवन विज्ञान विभाग, इंजीनियरिंग विभाग और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में कैंसर की नई दवाओं को ढूंढने की कवायद शुरू हो गई है। कैंसर को हराने के लिए अब चिकित्सक, वैज्ञानिक और इंजीनियर मिलकर एक साथ काम करेंगे।
यूनिवर्सिटी की तरफ से एक अधिकारिक समूह बना है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे विशेषज्ञ कैंसर पर शोध करेंगे। समूह में जीवन विज्ञान विभाग, इंजीनियरिंग विभाग और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। समूह में यूनिवर्सिटी और जेएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर, सर्जन, नैनो मेडिसिन विभाग, पैथोलॉजिस्ट सहित अन्य शामिल हैं।
इस समूह में शामिल विशेषज्ञ अमेरिका सहित अन्य देशों में काम कर चुके हैं। शोध के दौरान देश-दुनिया में कैंसर पर काम कर रहीं संस्थाओं और विशेषज्ञों से सहयोग लिया जाएगा। फंड एजेंसी से हासिल कर अकादमिक कार्यक्रम किया जाएगा। कैंसर को लेकर नवाचार भी दिए जाएंगे। कैंसर को हराने को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में समूह को लॉन्च भी किया। साथ ही देश के विख्यात विषय विशेषज्ञों ने कैंसर को लेकर नवीनतम जानकारियां भी दीं।
कैंसर की दवा की तो खोज होगी ही बेहतर इलाज भी तलाशा जाएगा। विश्व के जिन जिन देशों में कैंसर का शोध हो रहा है वहां की तकनीक भी शामिल की जाएंगी।-प्रो. अकरम खान, अध्यक्ष, रेडियोथैरेपी, जेएन मेडिकल कॉलेज, एएमयू
कैंसर मरीजों पर होगा ट्रायल
प्रो. अकरम खान ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अलग-अलग विभागों में कैंसर पर शोध चल रहा है। अब यूनिवर्सिटी में विशेषज्ञों के सहारे कैंसर पर शोध होगा, जिसमें सटीक परिणाम आएंगे। सामूहिक सहभागिता होने से कैंसर की दवाएं खोजने में आसानी होगी। कैंसर की सटीक दवा खोजने को लेकर विशेषज्ञों की बीच-बीच में बैठक होगी। इसमें मंथन होगा। उसी आधार पर लैब में परीक्षण शुरू होगा। जरूरत पड़ने पर कैंसर मरीजों पर ट्रायल भी किया जाएगा।