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UP Election 2022 : बिस्तरों पर लगी भीड़ ने दी शहर सीट पर सपा-भाजपा में सीधी लड़ाई की गवाही
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शहर सीट विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। सभी को मतगणना के बाद आने वाले परिणाम का बेसब्री से इंतजार है। परिणाम क्या होगा? ये तो अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। मगर इतना जरूर है कि आंकड़ों के गुणा-गणित लगाकर सियासी ‘पंडित’ शहर विधानसभा सीट पर सीधी लड़ाई भाजपा-सपा में मान रहे हैं। कमोबेश यही गवाही मतदान के दिन बिस्तरों पर लगी भीड़ भी दे रही थी। उसी दिन से दोनों दलों के अपने-अपने दावे हैं। मगर धड़कनें भी दोनों की बढ़ी हुई हैं।
दस फरवरी को मतदान से पहले सभी दलों के अपने-अपने प्रयास थे। हर कोई मुद्दों व विरोधी लहर के दम पर भाजपा को घेरने और मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने के लिए प्रयासरत रहा। मगर मतदान के दिन ध्रुवीकरण की जो तस्वीर दिखाई दी वो बिल्कुल इतर थी। न मुद्दे समझ में आ रहे थे और न किसी तरह के विरोध की लहर काम करती दिख रही थी। एक तबके की भीड़ हर मोहल्ले में जहां भाजपा के बिस्तरों के इर्द-गिर्द दिखाई दे रही थी तो दूसरे तबके की भीड़ सपा के बिस्तरों पर दिख रही थी। चाहे वह नजारा ऊपरकोट का हो, या शाहजमाल, रोरावर, भुजपुरा, तुर्कमान गेट, सराय रहमान, जयगंज आदि का क्यों न हो। हर तरफ सपा के अलावा मुसलिम वोटों को रिझाने के लिए दस फरवरी के पहले तक जी तोड़ मेहनत करने वाली कांग्रेस व बसपा के भी बिस्तर लगे थे। मगर भीड़ सपा के बिस्तरों पर साफ गवाही दे रही थी कि इस सीट पर भाजपा से सीधी लड़ाई सपा लड़ रही है।
अब मतदान को एक सप्ताह बीत जाने के बाद सियासी ‘पंडितों’ के और राजनीतिक दलों द्वारा जुटाए गए ब्योरे पर गौर करें तो शहर सीट पर लगभग 95 हजार मुस्लिम वर्ग के मतदान का अनुमान बूथ वार लगाया गया है। इसी तरह 1.55 लाख करीब हिंदू मतों के मतदान का अनुमान बूथ वार लगाया गया है। अब बस यह गणित कोई नहीं लगा पा रहा किस खेमे में कितना वोट पड़ा होगा। इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हां, दावा सीधे-सीधे भाजपा व सपा की लड़ाई का है। बस किसने किस वर्ग में सेंधमारी की होगी और बसपा व कांग्रेस ने इन दोनों को कितना-कितना नुकसान पहुंचाया होगा, ये परिणाम 10 मार्च को सामने आने पर ही साफ होगा।
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ये हैं आंकड़े
- कुल मतदाता-395221
- कुल मतदान-251838
अनुमानित जातीय गणित
-1.45 लाख मुस्लिम में से करीब 95 हजार के मतदान का अनुमान
-2.50 लाख हिंदू में से करीब 1.55 लाख के मतदान का अनुमान
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दस फरवरी को मतदान से पहले सभी दलों के अपने-अपने प्रयास थे। हर कोई मुद्दों व विरोधी लहर के दम पर भाजपा को घेरने और मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने के लिए प्रयासरत रहा। मगर मतदान के दिन ध्रुवीकरण की जो तस्वीर दिखाई दी वो बिल्कुल इतर थी। न मुद्दे समझ में आ रहे थे और न किसी तरह के विरोध की लहर काम करती दिख रही थी। एक तबके की भीड़ हर मोहल्ले में जहां भाजपा के बिस्तरों के इर्द-गिर्द दिखाई दे रही थी तो दूसरे तबके की भीड़ सपा के बिस्तरों पर दिख रही थी। चाहे वह नजारा ऊपरकोट का हो, या शाहजमाल, रोरावर, भुजपुरा, तुर्कमान गेट, सराय रहमान, जयगंज आदि का क्यों न हो। हर तरफ सपा के अलावा मुसलिम वोटों को रिझाने के लिए दस फरवरी के पहले तक जी तोड़ मेहनत करने वाली कांग्रेस व बसपा के भी बिस्तर लगे थे। मगर भीड़ सपा के बिस्तरों पर साफ गवाही दे रही थी कि इस सीट पर भाजपा से सीधी लड़ाई सपा लड़ रही है।
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अब मतदान को एक सप्ताह बीत जाने के बाद सियासी ‘पंडितों’ के और राजनीतिक दलों द्वारा जुटाए गए ब्योरे पर गौर करें तो शहर सीट पर लगभग 95 हजार मुस्लिम वर्ग के मतदान का अनुमान बूथ वार लगाया गया है। इसी तरह 1.55 लाख करीब हिंदू मतों के मतदान का अनुमान बूथ वार लगाया गया है। अब बस यह गणित कोई नहीं लगा पा रहा किस खेमे में कितना वोट पड़ा होगा। इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हां, दावा सीधे-सीधे भाजपा व सपा की लड़ाई का है। बस किसने किस वर्ग में सेंधमारी की होगी और बसपा व कांग्रेस ने इन दोनों को कितना-कितना नुकसान पहुंचाया होगा, ये परिणाम 10 मार्च को सामने आने पर ही साफ होगा।
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ये हैं आंकड़े
- कुल मतदाता-395221
- कुल मतदान-251838
अनुमानित जातीय गणित
-1.45 लाख मुस्लिम में से करीब 95 हजार के मतदान का अनुमान
-2.50 लाख हिंदू में से करीब 1.55 लाख के मतदान का अनुमान