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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Descendants of Hindu king had given Waqf of 50 thousand bighas of land in Aligarh-Bulandshahr

Waqf Property: अलीगढ़-बुलंदशहर में हिंदू राजा के वंशजों ने वक्फ की थी 50 हजार बीघा जमीन, हुए अवैध कब्जे

Fri, 07 Feb 2025 03:32 PM IST
चमन शर्मा नगेश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
नगेश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 07 Feb 2025 03:32 PM IST
सार

जमीनों में से अधिकांश पर भूमाफिया ने कब्जा कर लिया और आवासीय भवन और दुकानें बनवाकर व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं। इन जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन वक्फ बोर्ड और प्रशासन के स्तर पर मदद नहीं मिली।

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Descendants of Hindu king had given Waqf of 50 thousand bighas of land in Aligarh-Bulandshahr
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

अलीगढ़ और बुलंदशहर जिलों में करीब 50 हजार बीघा जमीन हिंदू राजा लाल सिंह के वंशज बासित अली खां ने वक्फ की थी। बादशाह अकबर के काल में राजघराने के लाल सिंह मुस्लिम धर्म अपनाकर लाल खां बन गए थे। तब से यह परिवार मुसलमान है। बताते हैं कि नवाब छतारी अहमद सईद खां और बासित अली खां ममेरे भाई थे। वक्फ की गई जमीनों पर वर्तमान में अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। ज्यादातर जमीनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। अब बासित अली खां के वंशजों ने वक्फ की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रयास शुरू किए हैं।

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वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे तथा सरकारी जमीनों को वक्फ में दर्ज करने को लेकर प्रदेशभर में मच रहे शोर के बीच अलीगढ़ में नवाब छतारी के खानदानी लोग वक्फ की गई जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए भटक रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि अलीगढ़ के तकीपुर, नारौली, खेड़खुर्द, दारापुर, महुआखेड़ा, हरदुआगंज, हसनगढ़, चंदफरी तथा बुलंदशहर के रुस्तमगढ़ी, सिद्धगढ़ी, जमनाढेर और जोठ में उनके पूर्वजों ने करीब 50 हजार बीघा जमीन वक्फ की थी। इनकी वक्फ संख्या अलीगढ़ में 77ए, 87ए, 22ए है तथा बुलंदशहर में 133, 150, 154, 157, 180 है।
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इन जमीनों में से अधिकांश पर भूमाफिया ने कब्जा कर लिया और आवासीय भवन और दुकानें बनवाकर व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं। इन जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन वक्फ बोर्ड और प्रशासन के स्तर पर मदद नहीं मिली।
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छतारी कंपाउंड निवासी तैमूर अली खां ने बताया कि उनके पूर्वज बासित अली खां ने अलीगढ़ और बुलंदशहर में जमीनें अलल औलाद की श्रेणी में वक्फ की थीं। देखरेख के अभाव में उन जमीनों पर कब्जे हुए। कुछ लोग मनमाने ढंग से इन जमीनों का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं। अब वक्फ बोर्ड और प्रशासन से इन जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर अस्पताल, मुसाफिर खाना तथा अन्य सेवा के कार्यों के लिए उपयोग करने की मांग की गई है। इसके अलावा उनके परिवार के सदस्य को ही इन वक्फ संपत्तियों का मुतवल्ली बनाने की मांग की है।

वक्फ बोर्ड की टीम ने की सुनवाई

जिले में वक्फ बोर्ड की जमीनों को लेकर चल रहे विवादों की सुनवाई के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की दो सदस्यीय टीम लखनऊ से अलीगढ़ आई। दोनों सदस्यों ने माल गोदाम स्थित मुसाफिर खाना में सुनवाई की। सूचना मिलने पर तैमूर अली भी वहां पहुंचे। तैमूर अली ने बताया कि वक्फ बोर्ड के मुबीन अहमद और एक अन्य सदस्य को उन्होंने अपना मांग पत्र दिया। सदस्यों ने उनसे ऑनलाइन शिकायत करने की सलाह दी है।

बादशाह अकबर से जंग के बाद लाल सिंह बने थे लाल खां
बासित अली खां के वंशज तैमूर अली खां ने बताया कि उनके पूर्वज भगवान राम के पुत्र लव के वंशज थे। इसलिए उनका राजपूत खानदान है। उनके पूर्वज लाल सिंह का राजघराना था। बादशाह अकबर के काल में मुगलों से जंग के बाद लाल सिंह धर्म परिवर्तन कर लाल खां बने थे। तभी से उनका परिवार राजपूत मुसलमान कहलाता है। उनकी वंशावली का सिजरा तैयार है, जिसमें भगवान राम के पुत्र लव के वंशज होने का प्रमाण है। यह वंशावली अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में भी उपलब्ध है।

वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे रोके प्रशासन : गुल सनोवर
शहर के फफाला दवाई बाजार की वक्फ संपत्तियों की सचिव गुल सनोवर का कहना है कि एक ओर जहां प्रदेश सरकार वक्फ की जमीनों को लेकर गंभीर है वहीं, जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड ने उनकी कमेटी के सदस्य को इन जमीनों की देखरेख के लिए मुतवल्ली नियुक्त किया है, लेकिन कुछ लोग उन जमीनों से अपने अवैध कब्जे नहीं हटा रहे। इस संबंध में प्रशासन से शिकायत भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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