अंधेरा कायम है: अलीगढ़ के रामघाट रोड पर अंधकार, नहीं दिख रहे 100 स्ट्रीट लाइटों पर खर्च हुए 55 लाख
हैंडओवर की प्रक्रिया में इस मार्ग का प्रकाश फंस गया है। प्राधिकरण यह लाइटें नगर निगम को हैंडओवर करने की तैयारी कर रहा है। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होगी लाइटें नहीं जलेंगी।
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अलीगढ़ के रामघाट रोड को रोशन करने के लिए एडीए ने 55 लाख खर्च कर डिवाइडर पर पोल लगाकर 100 स्ट्रीट लाइटें लगवाई। जुलाई में लगीं यह लाइटें चार दिन ही जलीं, उसके बाद बंद हो गईं। जब पड़ताल की गई तो पता चला कि हैंडओवर की प्रक्रिया में इस मार्ग का प्रकाश फंस गया है। प्राधिकरण यह लाइटें नगर निगम को हैंडओवर करने की तैयारी कर रहा है। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होगी लाइटें नहीं जलेंगी।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने पहले चरण में शंकर विहार कॉलोनी से देवसैनी (मोहन नगर) तक 100 स्ट्रीट लाइटें लगवाई हैं। 23 से 26 जुलाई तक कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली निगम के ट्रांसफॉर्मर से कनेक्शन देकर लाइट चालू कराई गई लेकिन चार दिन लाइटें जलने के बाद बंद हो गईं, जो अभी तक बंद पड़ी हैं। तीन विभागों की फेर में फंसी इस स्ट्रीट लाइटों के कारण लोगों को भारी असुविधा हो रही है। रात में अक्सर बाइक सवार गड्ढों में गिर कर चुटहिल हो रहे हैं लेकिन इन सब से अंजान विभाग नियमों का हवाला देकर हाथ बांधे खड़े हैं।
रामघाट रोड के डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइटें अभी नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुई हैं। जब तक स्ट्रीट लाइटें नगर निगम को पूरी तरह हैंडओवर नहीं हो जातीं, तब तक इन लाइटों को जलाने और बुझाने की जिम्मेदारी अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की है।- अजय कुमार सक्सेना, एक्सईएन, नगर निगम
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55 लाख रुपये से रामघाट रोड के डिवाइडर पर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं। कनेक्शन जोड़ कर इसे कावंड़ यात्रा के समय चालू किया गया था लेकिन बिजली निगम ने कनेक्शन काट दिया। इस कारण लाइटें बंद हैं। नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रकिया चल रही है।- हरीश चौधरी, एई, एडीए
स्ट्रीट लाइट के बिजली कनेक्शन को लेकर एडीए ने कोई संपर्क नहीं किया है। बिना सूचना के अगर कनेक्शन जोड़ा है तो यह भी गलत है।- पीए मोंगा, एसई, नगरीय
यह अलीगढ़ शहर की प्रमुख मार्ग है। स्ट्रीट लाइटों के बंद होने से रात के समय सड़क पर अंधेरा छाया रहता है। - प्रदीप गौड़, एटा चुंगी
सड़क पर गड्ढे और लाइटें बंद होने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - कपिल शर्मा, रघुवीर पुरी
लाइटें बंद होने से सड़क पर मौजूद गड्ढों के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। - सरिता, सासनी गेट
राहगीरों व लोगों की सुविधा के लिए 55 लाख खर्च कर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई लेकिन इसका कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। - राम रतन, क्वार्सी