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दादों के पंचायत कांड में मुख्य आरोपियों की जमानत खारिज
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दादों में पिछले दिनों हुए बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म और पंचायत कांड के दो मुख्य आरोपियों की जमानत अर्जी एडीजे-पॉक्सो न्यायालय से खारिज कर दी है। बता दें कि इस मामले में चार सह आरोपियों को पहले जमानत मिल चुकी है। मगर इन दोनों आरोपियों पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज की है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह ने बताया कि घटना 23 व 25 अप्रैल की है। पहले किशोरी संग दुष्कर्म की घटना हुई। बाद में मसला पंचायत के जरिये निपटाने का प्रयास हुआ और पंचायत में आरोपियों का बेटी के हाथों मुंह काला कराया। साथ में जूतों से पिटवाया गया। मगर प्रकरण में पुलिस से शिकायत नहीं हुई। इसके बाद किशोरी ने आत्मग्लानि में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के बाद प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आया तो आनन-फानन मुकदमा व गिरफ्तारी हुई। जिसमें शिशुपाल उर्फ बड्डे को 26 अप्रैल को व विनोद को 27 अप्रैल को जेल भेजा गया। बाकी चार सह आरोपियों की पूर्व में जमानत मंजूर हो गई है। इन दोनों के अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने जमानत खारिज कर दी है।
कैश वैन लूटकांड के मास्टरमाइंड लुटेरे सुमित की जमानत खारिज
एडीजे-15 के न्यायालय से धनीपुर मंडी के सामने 17 जुलाई 2017 को हुई कैश वैन से 32 लाख की लूट व सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मुकदमे में मुख्य मास्टर माइंड सुमित चौधरी निवासी सद्दीक नगर बाजना नौहझील मथुरा की जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी केएम जौहरी ने दी है। बता दें कि सुमित को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था और उसके गोली लगी थी। इसके अलावा जिला जल के न्यायालय से दुष्कर्म के आरोप में साजिद निवासी मामूद नगर व दहेज हत्या में भूरा निवासी बिजौली पाली की जमानत खारिज हुई है। इसके अलावा गिरीश व सुभाष निवासी नगला मान सिंह की हत्या में जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर ने दी है।
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मारपीट के आरोपियों को सुनाई सजा
जेएम-प्रथम कोर्ट की न्यायाधीश अर्शी नूर के न्यायालय से वर्ष 2011 के मारपीट के मुकदमे में आरोपियों को सजा सुनाई गई है। एपीओ हेमंत सिंह के अनुसार वादी जुगेंद्र निवासी कठैरा विजयगढ़ ने 10 नवंबर 2011 को गांव के ही वीरपाल, बृजेश, सतेंद्र व ज्वाली पर भांजे के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सभी आरोपियों को दोषी करार देकर दो-दो साल की सजा व 5500-5500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह ने बताया कि घटना 23 व 25 अप्रैल की है। पहले किशोरी संग दुष्कर्म की घटना हुई। बाद में मसला पंचायत के जरिये निपटाने का प्रयास हुआ और पंचायत में आरोपियों का बेटी के हाथों मुंह काला कराया। साथ में जूतों से पिटवाया गया। मगर प्रकरण में पुलिस से शिकायत नहीं हुई। इसके बाद किशोरी ने आत्मग्लानि में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के बाद प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आया तो आनन-फानन मुकदमा व गिरफ्तारी हुई। जिसमें शिशुपाल उर्फ बड्डे को 26 अप्रैल को व विनोद को 27 अप्रैल को जेल भेजा गया। बाकी चार सह आरोपियों की पूर्व में जमानत मंजूर हो गई है। इन दोनों के अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने जमानत खारिज कर दी है।
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कैश वैन लूटकांड के मास्टरमाइंड लुटेरे सुमित की जमानत खारिज
एडीजे-15 के न्यायालय से धनीपुर मंडी के सामने 17 जुलाई 2017 को हुई कैश वैन से 32 लाख की लूट व सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मुकदमे में मुख्य मास्टर माइंड सुमित चौधरी निवासी सद्दीक नगर बाजना नौहझील मथुरा की जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी केएम जौहरी ने दी है। बता दें कि सुमित को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था और उसके गोली लगी थी। इसके अलावा जिला जल के न्यायालय से दुष्कर्म के आरोप में साजिद निवासी मामूद नगर व दहेज हत्या में भूरा निवासी बिजौली पाली की जमानत खारिज हुई है। इसके अलावा गिरीश व सुभाष निवासी नगला मान सिंह की हत्या में जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर ने दी है।
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मारपीट के आरोपियों को सुनाई सजा
जेएम-प्रथम कोर्ट की न्यायाधीश अर्शी नूर के न्यायालय से वर्ष 2011 के मारपीट के मुकदमे में आरोपियों को सजा सुनाई गई है। एपीओ हेमंत सिंह के अनुसार वादी जुगेंद्र निवासी कठैरा विजयगढ़ ने 10 नवंबर 2011 को गांव के ही वीरपाल, बृजेश, सतेंद्र व ज्वाली पर भांजे के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सभी आरोपियों को दोषी करार देकर दो-दो साल की सजा व 5500-5500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है।