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व्हाट्सएप पर लिंक फॉलो कराकर खाते से उड़ाए 20 हजार रुपये
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महानगर में साइबर ठगी को लेकर पुलिस स्तर से जिस गति से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, उसी गति से साइबर ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के लैब तकनीशियन को व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उसे फॉलो कराकर हैकर ने 20 हजार रुपये ठग लिए। खास बात यह है कि हैकर ने खुद को स्वास्थ्यकर्मी का रिश्तेदार बताया। मगर वह रिश्तेदार को पहचान नहीं सका और ठगी का शिकार हो गया। अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर क्वार्सी पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से सासनी गेट पला साहिबाबाद निवासी पुष्पेंद्र कुमार दीनदयाल अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद पर तैनात हैं। दो दिन पहले उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनके मामा का रिश्तेदार बताते हुए बातचीत की। इसके बाद उसके व्हाटसएप पर एक लिंक भेज दिया। फिर लिंक को फॉलो करने को कहा। जैसे ही पुष्पेंद्र ने इस लिंक को फॉलो किया। कुछ ही देर में उनके खाते से 20 हजार रुपये निकल गए। जब खाते से रुपये निकलने का संदेश पुष्पेन्द्र के मोबाइल पर आया तो वह दंग रह गए। आनन-फानन में उन्होंने बैंक अधिकारियों से संपर्क किया, मगर वहां से मदद नहीं मिली। बाद में पीड़ित थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल से मदद लेकर जांच शुरू कर दी है।
साइबर थाने की तर्ज पर लखनऊ एसटीएफ ने दिल्ली से पकड़ा रैकेट
जिस तरह पिछले सप्ताह रेंज स्तरीय साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले रैकेट का एक सदस्य पकड़ा था। उसी तर्ज पर ठगी करने वाला रैकेट एसटीएफ लखनऊ ने दिल्ली से पकड़ा है। यह रैकेट दिल्ली में सक्रिय था। इस रैकेट के अलीगढ़ में पकड़े गए रैकेट से संबंध तो नहीं, मगर इसकी जांच साइबर थाना पुलिस व एसटीएफ कर रही है।
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जिला पुलिस लगातार साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जा रहे प्रलोभनों को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। साथ में साइबर अपराधियों की कारगुजारियों को रोकने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। मगर लोग लालचवश ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। हमारी अपील है कि किसी भी कीमत पर अंजान लोगों, नंबरों व ईमेल आदि से बचें तो ठगी से बच सकेंगे। अपने नंबर, पासवर्ड आदि भी गोपनीय रखें। - मुनिराज जी एसएसपी
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मूल रूप से सासनी गेट पला साहिबाबाद निवासी पुष्पेंद्र कुमार दीनदयाल अस्पताल में लैब तकनीशियन के पद पर तैनात हैं। दो दिन पहले उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनके मामा का रिश्तेदार बताते हुए बातचीत की। इसके बाद उसके व्हाटसएप पर एक लिंक भेज दिया। फिर लिंक को फॉलो करने को कहा। जैसे ही पुष्पेंद्र ने इस लिंक को फॉलो किया। कुछ ही देर में उनके खाते से 20 हजार रुपये निकल गए। जब खाते से रुपये निकलने का संदेश पुष्पेन्द्र के मोबाइल पर आया तो वह दंग रह गए। आनन-फानन में उन्होंने बैंक अधिकारियों से संपर्क किया, मगर वहां से मदद नहीं मिली। बाद में पीड़ित थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल से मदद लेकर जांच शुरू कर दी है।
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साइबर थाने की तर्ज पर लखनऊ एसटीएफ ने दिल्ली से पकड़ा रैकेट
जिस तरह पिछले सप्ताह रेंज स्तरीय साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले रैकेट का एक सदस्य पकड़ा था। उसी तर्ज पर ठगी करने वाला रैकेट एसटीएफ लखनऊ ने दिल्ली से पकड़ा है। यह रैकेट दिल्ली में सक्रिय था। इस रैकेट के अलीगढ़ में पकड़े गए रैकेट से संबंध तो नहीं, मगर इसकी जांच साइबर थाना पुलिस व एसटीएफ कर रही है।
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जिला पुलिस लगातार साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जा रहे प्रलोभनों को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। साथ में साइबर अपराधियों की कारगुजारियों को रोकने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। मगर लोग लालचवश ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। हमारी अपील है कि किसी भी कीमत पर अंजान लोगों, नंबरों व ईमेल आदि से बचें तो ठगी से बच सकेंगे। अपने नंबर, पासवर्ड आदि भी गोपनीय रखें। - मुनिराज जी एसएसपी