{"_id":"5ded5f738ebc3e1bcd75888f","slug":"ctet-student-confused-in-easy-question-aligarh-news-ali2209299121","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीटैट परीक्षा में आसान प्रश्नों में उलझे अभ्यर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीटैट परीक्षा में आसान प्रश्नों में उलझे अभ्यर्थी
विज्ञापन
सीटेट परीक्षा के के बाद लगा जाम।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के 41 परीक्षा केंद्रों पर सीबीएसई द्वारा आयोजित की गई सीटेट (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों को आसान लगा। लेकिन कुछ विषयों के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया भी। डीएस इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से ही आया है। पेपर अच्छा गया है, अब बेहतर परिणाम का इंतजार है।
महर्षि विद्या मंदिर में शाम की पाली में उच्च प्राइमरी शिक्षण स्तर की परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर अच्छा था। लेकिन गणित व विज्ञान के प्रश्न थोड़े कठिन थे। फिर भी पूरा प्रश्नपत्र बेहतर तरीके से हल करके आए हैं। डीएस इंटर कालेज से पहली पाली में प्राइमरी शिक्षण वर्ग की परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि ईवीएस, बाल विकास के प्रश्नों ने उलझाया।
प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए, लेकिन प्रश्न सीधे एक बार में समझे नहीं जा सकते थे। घुमावदार प्रश्न तो काफी देर बाद समझ में आए। अंत में अंग्रेजी विषय के पेपर को हल करने के लिए कम समय बचा था। प्रश्नपत्र में तमिलनाडु के निकटवर्ती राज्य पूछे जाने वाला प्रश्न फिर से आ गया। अभ्यर्थियों ने इस प्रश्न का अभ्यास कई बार किया होगा। बाजार में उपलब्ध अनसॉल्वड पेपर में भी यह प्रश्न कई वर्षों के सेट में है, यह दावा अभ्यर्थियों ने किया। साथ ही बच्चों के ज्ञान के विकास में सक्रिय जिज्ञासु के रूप में देखते हुए उनमें चिंतन पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषय वस्तुओं के प्रभाव का महत्व बताने वाले मनोवैज्ञानिक का नाम भी दोबारा से पूछा गया है।
विज्ञापन
शहर में 35 हजार अभ्यर्थियों की भीड़
रामघाट रोड-जीटी रोड पर लगा जाम
सीटेट शहर में दो पालियों में आयोजित हुई थी। पहली परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे से 12 बजे तो दूसरी परीक्षा दो बजे से साढ़े चार बजे तक हुई। दोपहर 12 बजे और शाम साढ़े चार बजे एकाएक तकरीबन 35 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने पर जीटी रोड व रामघाट रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर 12 बजे के बाद से लेकर शाम सात बजे तक जगह-जगह जाम लगा रहा। परीक्षा छूटने के दो घंटे बाद तो वाहन रेंग-रेंगकर चले। हालांकि, जाम को खुलवाने के लिए यातायात पुलिस ने भी काफी मशक्कत की। लगभग तीन बजे जैसे हालात सामान्य हुए। इसके बाद साढ़े चार बजे के बाद फिर से जाम लग गया। पैदल, दोपहिया, चार पहिया, ऑटो तथा अन्य वाहनों के जल्दी निकलने की होड़ के कारण घंटों तक लोग जाम में फंसे रहे।
सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू हुई पहली पाली की सीटेट परीक्षा दोपहर 12 बजे छूटी। सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र जीटी रोड व रामघाट रोड पर ही थे। इसलिए इन दोनों मार्गों के परीक्षा केंद्रों से अधिकांश संख्या में परीक्षार्थी सड़कों पर निकले। दो पहिया, चार पहिया, ऑटो व पैदल निकली भीड़ के चलते आईआईएमटी नाला चौराहा, क्वार्सी चौराहा, किशनपुर तिराहा, गांधी आई हास्पिटल, मीनाक्षी पुल, दुबे पड़ाव, छर्रा अड्डा पुल, गांधी पार्क बस स्टैंड, रसलगंज चौराहा, सारसौल चौराहे पर लगभग दो बजे तक जाम जैसी स्थिति बनी रही। वाहन काफी धीमी रफ्तार में चले। बेतरतीब वाहन चलाने के चलते चौराहों पर जाम लग गया। आगरा रोड पर मदारगेट, हाथरस अड्डा तथा सासनीगेट पर भी वाहन रेंगते हुए चले। यही स्थिति शाम को 4.30 बजे दूसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद भी रही। लोग लगभग सात बजे तक जाम से निजात पा सके। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ जाम के दौरान तो कुछ गाड़ियों से निकले व्यक्तियों ने जाम खुलवाने का काफी प्रयास भी किया।
बसों और रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
सीटेट परीक्षार्थी आसपास के जिलों से भी आए थे। परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थियों ने रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड की ओर रुख किया। छात्र-छात्राओं ने सीट न मिलने पर खड़े होकर ही सफर किया। वहीं, देर शाम तक वाहन न मिलने के चलते कुछ इंतजार भी करते रहे।
- पेपर अच्छा आया है। कुछ सवालों ने थोड़ा परेशान किया। लेकिन कुछ भी सिलेबस से बाहर नहीं था। अच्छे नंबर ही आने की ही उम्मीद है। - ईशिका शर्मा, हाथरस।
- पेपर ज्यादा कठिन नहीं था, लेकिन समय भी सीमित था। इसलिए सही निर्णय लेते हुए हर किया है। उत्तर कुंजी मिलाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। - प्राप्ति शर्मा, कासगंज।
विज्ञापन
महर्षि विद्या मंदिर में शाम की पाली में उच्च प्राइमरी शिक्षण स्तर की परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर अच्छा था। लेकिन गणित व विज्ञान के प्रश्न थोड़े कठिन थे। फिर भी पूरा प्रश्नपत्र बेहतर तरीके से हल करके आए हैं। डीएस इंटर कालेज से पहली पाली में प्राइमरी शिक्षण वर्ग की परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि ईवीएस, बाल विकास के प्रश्नों ने उलझाया।
विज्ञापन
प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए, लेकिन प्रश्न सीधे एक बार में समझे नहीं जा सकते थे। घुमावदार प्रश्न तो काफी देर बाद समझ में आए। अंत में अंग्रेजी विषय के पेपर को हल करने के लिए कम समय बचा था। प्रश्नपत्र में तमिलनाडु के निकटवर्ती राज्य पूछे जाने वाला प्रश्न फिर से आ गया। अभ्यर्थियों ने इस प्रश्न का अभ्यास कई बार किया होगा। बाजार में उपलब्ध अनसॉल्वड पेपर में भी यह प्रश्न कई वर्षों के सेट में है, यह दावा अभ्यर्थियों ने किया। साथ ही बच्चों के ज्ञान के विकास में सक्रिय जिज्ञासु के रूप में देखते हुए उनमें चिंतन पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषय वस्तुओं के प्रभाव का महत्व बताने वाले मनोवैज्ञानिक का नाम भी दोबारा से पूछा गया है।
विज्ञापन
शहर में 35 हजार अभ्यर्थियों की भीड़
रामघाट रोड-जीटी रोड पर लगा जाम
सीटेट शहर में दो पालियों में आयोजित हुई थी। पहली परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे से 12 बजे तो दूसरी परीक्षा दो बजे से साढ़े चार बजे तक हुई। दोपहर 12 बजे और शाम साढ़े चार बजे एकाएक तकरीबन 35 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने पर जीटी रोड व रामघाट रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर 12 बजे के बाद से लेकर शाम सात बजे तक जगह-जगह जाम लगा रहा। परीक्षा छूटने के दो घंटे बाद तो वाहन रेंग-रेंगकर चले। हालांकि, जाम को खुलवाने के लिए यातायात पुलिस ने भी काफी मशक्कत की। लगभग तीन बजे जैसे हालात सामान्य हुए। इसके बाद साढ़े चार बजे के बाद फिर से जाम लग गया। पैदल, दोपहिया, चार पहिया, ऑटो तथा अन्य वाहनों के जल्दी निकलने की होड़ के कारण घंटों तक लोग जाम में फंसे रहे।
सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू हुई पहली पाली की सीटेट परीक्षा दोपहर 12 बजे छूटी। सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र जीटी रोड व रामघाट रोड पर ही थे। इसलिए इन दोनों मार्गों के परीक्षा केंद्रों से अधिकांश संख्या में परीक्षार्थी सड़कों पर निकले। दो पहिया, चार पहिया, ऑटो व पैदल निकली भीड़ के चलते आईआईएमटी नाला चौराहा, क्वार्सी चौराहा, किशनपुर तिराहा, गांधी आई हास्पिटल, मीनाक्षी पुल, दुबे पड़ाव, छर्रा अड्डा पुल, गांधी पार्क बस स्टैंड, रसलगंज चौराहा, सारसौल चौराहे पर लगभग दो बजे तक जाम जैसी स्थिति बनी रही। वाहन काफी धीमी रफ्तार में चले। बेतरतीब वाहन चलाने के चलते चौराहों पर जाम लग गया। आगरा रोड पर मदारगेट, हाथरस अड्डा तथा सासनीगेट पर भी वाहन रेंगते हुए चले। यही स्थिति शाम को 4.30 बजे दूसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद भी रही। लोग लगभग सात बजे तक जाम से निजात पा सके। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ जाम के दौरान तो कुछ गाड़ियों से निकले व्यक्तियों ने जाम खुलवाने का काफी प्रयास भी किया।
बसों और रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
सीटेट परीक्षार्थी आसपास के जिलों से भी आए थे। परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थियों ने रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड की ओर रुख किया। छात्र-छात्राओं ने सीट न मिलने पर खड़े होकर ही सफर किया। वहीं, देर शाम तक वाहन न मिलने के चलते कुछ इंतजार भी करते रहे।
- पेपर अच्छा आया है। कुछ सवालों ने थोड़ा परेशान किया। लेकिन कुछ भी सिलेबस से बाहर नहीं था। अच्छे नंबर ही आने की ही उम्मीद है। - ईशिका शर्मा, हाथरस।
- पेपर ज्यादा कठिन नहीं था, लेकिन समय भी सीमित था। इसलिए सही निर्णय लेते हुए हर किया है। उत्तर कुंजी मिलाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। - प्राप्ति शर्मा, कासगंज।

CTET: student confused in easy question.- फोटो : CITY OFFICE

सीटैट की परीक्षा छूटने के रामघाट रोड पर लगे जाम में फँसे वाहन।- फोटो : CITY OFFICE

डीएस कॉलेज से टैट की परीक्षा छूटने के बाद बाहर निकलते अभ्यार्थी।- फोटो : CITY OFFICE