रियासत के एलान से दहशत में गांव वाले.. फोर्स तैनात

अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Mon, 10 Oct 2016 01:34 AM IST
विज्ञापन
रियासत के एलान से दहशत में गांववाले.. फोर्स तैनात
रियासत के एलान से दहशत में गांववाले.. फोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
जिस पूर्व प्रधान की हत्या के बाद नामजद आरोपी रियासत गांव में खुलेआम घूमकर यह एलान करता था कि वह पूरे परिवार का खात्मा कर देगा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार माह में चार कदम भी आगे नहीं बढ़ाए। लेकिन थाना पुलिस की अनदेखी ने उसके हौसले जरूर बुलंद कर दिए और इसी वजह से उसने शनिवार रात तीन-तीन हत्याओं को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती देने के साथ हर ग्रामीण में अपना खौफ पैदा कर दिया।
विज्ञापन

पुलिस की इस लापरवाही को एसएसपी ने संज्ञान लिया है और इंस्पेक्टर छर्रा के खिलाफ प्रारंभिक जांच बैठा दी है। साथ ही गांव में दहशत व तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात कर दिया है।
तिहरे हत्याकांड की गुत्‍थी उलझी
अधेड़ उम्र महिला के परिवार की स्थिति पर गौर करें तो वह उस पूर्व प्रधान परिवार से संबंध रखती थी, जिसकी जुलाई में हत्या हुई। मगर वह परिवार से अलग थलग थी। उसके बच्चे बाहर रहते हैं। वह खुद अपने छोटे बेटे और बेटी संग गांव से बाहर मढ़इयों में मकान बनाकर रहती थी। उसके पति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उसका इस रंजिश से कोई लेना देना नहीं। फिर उसे क्यों निशाना बनाया गया। यह बड़ा सवाल पुलिस के सामने है। रहा सवाल दुष्कर्म के शक का तो लोगों में चर्चा थी कि हत्या तो उसी रंजिश में हुई है। मगर दुष्कर्म और दुष्कर्म की कोशिश से घटना की जांच को डायवर्ट करने की कोशिश की गई है।
देर शाम से ही घर में हत्या के आरोपी के होने की आशंका
इस घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने जो साक्ष्य जुटाए हैं, उसके अनुसार यह लग रहा है कि कोई करीबी जरूर घर में रहा है। घर की रसोई में चूल्हे पर सब्जी चढ़ी मिली है, जबकि चूल्हे के बराबर थाली में आटा गुदा हुआ मिला है। इसके चलते अंदेशा है कि शाम से ही किसी ने परिवार के तीनों सदस्यों को कब्जे में ले रखा है और रात को मौका मिलते ही एक-एक कर तीनों हत्याओं को अंजाम दिया है। यह जरूर किसी करीबी की मदद से हो सकता है।
तीन घंटे के अंतराल में तीनों हत्याएं
इन तीनों हत्याओं को लेकर एक बात यह भी समझ में आ रही है कि तीनों को अलग-अलग बातों में उलझाकर या जबरन पहले से ही ले जाया गया है। तीनों हत्याएं तीन घंटे के अंतराल पर की गई हैं। यह तभी संभव है कि तीनों को अलग-अलग रखा गया है। वरना तीन तीन हत्याएं एक साथ होती तो शोरशराबा या चीख पुकार जरूर मचती। फोरेंसिक एक्सपर्ट मान रहे हैं कि तीनों हत्याएं तीन घंटे के अंतराल में हुई हैं। या अंदेशा यह भी है कि तीनों को घर में मारने के बाद अलग-अलग फेंका गया है।
82 की कार्रवाई क्यों नहीं, जांच में होगा साफ
इस हत्याकांड में नामजद किए गए रियासत पर पूर्व में भी प्रधान की हत्या का आरोप रहा है। इस हत्या के बाद से वह आज तक फरार है। इस पर मौके पर ही सवाल खड़ा हुआ कि आखिर उसकी गिरफ्तारी न होने पर आज तक कुर्की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस पर एसएसपी ने कहा है कि इंस्पेक्टर के खिलाफ प्रारंभिक जांच में साफ हो जाएगा। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश अभियान जारी है।
300 मीटर की दूरी पर थी पुलिस पिकेट
पूर्व में हुई हत्या के बाद से गांव में पिकेट तैनात थी। जो उस प्रधान के घर के आसपास और अधेड़ महिला के घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर थी। शनिवार रात भी पिकेट गांव में उसी स्थान पर लगी थी, लेकिन पुलिस को इस जघन्य वारदात की भनक तक नहीं लगी।
देर रात तक पोस्टमार्टम, स्लाइड सुरक्षित
डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच तीनों शवों का देर शाम तक पोस्टमार्टम किया। जिसमें तीनों की हत्या गला दबाकर होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा किशोरी के शरीर पर खरोंच के निशान पाए गए हैं। गैंगरेप की पुष्टि के लिए स्लाइड सुरक्षित रखी गई है। स्लाइड रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी।






 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us