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ऊपरकोट बवाल में आ रही साजिश की बू
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:57 AM IST
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ऊपरकोट बवाल में आ रही साजिश की बू
- फोटो : Rupesh
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ऊपरकोट पर शुक्रवार को हुआ बवाल किसी सोची-समझी साजिश से कम नहीं रहा। अफसरान और शहर मुफ्ती के स्तर से मिले भरोसे के बाद प्रदर्शनकारियों की आधी से ज्यादा भीड़ छंट गई। फिर अचानक एक युवक को पीटकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई और जब दरोगा ने दखल किया तो ऐसा बवाल हुआ कि 20 मिनट तक पुलिस को सोचने समझने का मौका नहीं मिला। इस इलाके की दुकानें और फड़ नमाज शुरू होते समय ही बंद होने लगी थीं।
मुस्लिम समुदाय के ही जो लोग पुलिस के साथ खड़े थे, उन्हें भी निशाना बनाया गया। इस सब से लग रहा था कि भीड़ में शामिल उत्पाती मैनेज होकर आए थे और दुकानदारों को भी भनक थी। मगर बड़ा सवाल है कि यह सब किसके इशारे पर हुआ?
रेलवे रोड पर रक्षाबंधन के दिन सुरेश सैनी कचौड़ी वाले ने गोलियां मारकर दो भाइयों आशु व वसीम की हत्या कर दी थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही ऊपरकोट पर तनाव जैसी स्थिति थी। जुमे की नमाज के दौरान ऊपरकोट पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के एकत्रित होने और तकरीरें होने की खबर पुलिस-प्रशासन को थी। इसके लिए पुलिस-प्रशासनिक अमला पहले से तैयार था और समाज के प्रमुख लोगों के संपर्क में था।
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यही वजह रही कि काफी संख्या में पुलिस बल यहां तैनात था। मुआवजे की मांग पर आश्वासन भी दिया गया, जिसके बाद सब कुछ नियंत्रण में था। लोग सब्जी मंडी चौराहे तक मार्च करते हुए जाने की जिद कर रहे थे। मगर पुलिस ने उन्हें रोके रखा और समझा लिया। मगर ऊपरकोट और उससे सटे बाजारों में आशंकाएं तैर रही थीं। इसी बीच यह घटनाक्रम हो गया।
जख्मी युवक की हरकत से खैर रोड पर भगदड़
इस घटना के बाद वैसे तो आसपास के सभी बाजारों में भीड़ खत्म हो गई थी। दुकानदार भी दुकानों के आगे इस स्थिति में खड़े थे कि कब जरूरत पड़े और दुकानें बंद करके निकला जाए। मगर इसी बीच घटना के बाद एक युवक बाइक पर खैर रोड की ओर भागा। उसके सिर से खून बह रहा था। वह ऊपरकोट बवाल में ही जख्मी होकर भाग रहा था। उसे देखकर देहली गेट चौराहे से खैर रोड पर भगदड़ मच गई। तनाव भरा माहौल बन गया।
रेलवे रोड आधा-अधूरा हुआ बंद
रेलवे रोड का बाजार आधा अधूरा ही बंद हुआ। इसके अलावा बड़ा बाजार, छिपैटी, कटरा, कनवरीगंज, महावीरगंज, फूल चौराहा, मामू भांजा, मानिक चौक, बारहद्वारी, सराय हकीम आदि बाजारों में भी कुछ ऐसे ही हालात थे। सभी जगह से भीड़ गायब थी।
खुफिया इनपुट पर कुछ नेता जांच की जद में
इस प्रकरण को लेकर खुफिया तंत्र के स्तर से बराबर इनपुट दिया जा रहा था। मगर पुलिस से टकराव होगा, ऐसा अंदेशा नहीं था। इनपुट यह भी था कि दो दिन से कुछ नेताओं की आवाजाही और गुप्त मीटिंगें भी हुई हैं। अब इस घटना के बाद इन तमाम इनपुट व नेताओं को भी जांच की जद में रखा जा रहा है।
लोगों में जबरदस्त गुस्सा है : जमीरउल्लाह
सपा के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह का कहना था कि मैं मुंबई में हूं। इसलिए मुझे शहर के विषय में ज्यादा जानकारी नहीं है। फिर भी अगर वहां नेताओं के आने जाने की बातें कही जा रही हैं, तो यह अफवाहें या बेवजह की बातें मात्र हैं। मैं तो कल घर से निकला ही नहीं था। बाकी मैं इतना जरूर कहना चाहूंगा कि शहर के लोगों में काफी गुस्सा है। आज वही निकला है। इसके लिए प्रशासन को खुद सोचना होगा। मैं फिर भी कहूंगा कि लोग कानून हाथ में न लें। कानून को अपना काम करने दें।
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मुस्लिम समुदाय के ही जो लोग पुलिस के साथ खड़े थे, उन्हें भी निशाना बनाया गया। इस सब से लग रहा था कि भीड़ में शामिल उत्पाती मैनेज होकर आए थे और दुकानदारों को भी भनक थी। मगर बड़ा सवाल है कि यह सब किसके इशारे पर हुआ?
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रेलवे रोड पर रक्षाबंधन के दिन सुरेश सैनी कचौड़ी वाले ने गोलियां मारकर दो भाइयों आशु व वसीम की हत्या कर दी थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही ऊपरकोट पर तनाव जैसी स्थिति थी। जुमे की नमाज के दौरान ऊपरकोट पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के एकत्रित होने और तकरीरें होने की खबर पुलिस-प्रशासन को थी। इसके लिए पुलिस-प्रशासनिक अमला पहले से तैयार था और समाज के प्रमुख लोगों के संपर्क में था।
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यही वजह रही कि काफी संख्या में पुलिस बल यहां तैनात था। मुआवजे की मांग पर आश्वासन भी दिया गया, जिसके बाद सब कुछ नियंत्रण में था। लोग सब्जी मंडी चौराहे तक मार्च करते हुए जाने की जिद कर रहे थे। मगर पुलिस ने उन्हें रोके रखा और समझा लिया। मगर ऊपरकोट और उससे सटे बाजारों में आशंकाएं तैर रही थीं। इसी बीच यह घटनाक्रम हो गया।
जख्मी युवक की हरकत से खैर रोड पर भगदड़
इस घटना के बाद वैसे तो आसपास के सभी बाजारों में भीड़ खत्म हो गई थी। दुकानदार भी दुकानों के आगे इस स्थिति में खड़े थे कि कब जरूरत पड़े और दुकानें बंद करके निकला जाए। मगर इसी बीच घटना के बाद एक युवक बाइक पर खैर रोड की ओर भागा। उसके सिर से खून बह रहा था। वह ऊपरकोट बवाल में ही जख्मी होकर भाग रहा था। उसे देखकर देहली गेट चौराहे से खैर रोड पर भगदड़ मच गई। तनाव भरा माहौल बन गया।
रेलवे रोड आधा-अधूरा हुआ बंद
रेलवे रोड का बाजार आधा अधूरा ही बंद हुआ। इसके अलावा बड़ा बाजार, छिपैटी, कटरा, कनवरीगंज, महावीरगंज, फूल चौराहा, मामू भांजा, मानिक चौक, बारहद्वारी, सराय हकीम आदि बाजारों में भी कुछ ऐसे ही हालात थे। सभी जगह से भीड़ गायब थी।
खुफिया इनपुट पर कुछ नेता जांच की जद में
इस प्रकरण को लेकर खुफिया तंत्र के स्तर से बराबर इनपुट दिया जा रहा था। मगर पुलिस से टकराव होगा, ऐसा अंदेशा नहीं था। इनपुट यह भी था कि दो दिन से कुछ नेताओं की आवाजाही और गुप्त मीटिंगें भी हुई हैं। अब इस घटना के बाद इन तमाम इनपुट व नेताओं को भी जांच की जद में रखा जा रहा है।
लोगों में जबरदस्त गुस्सा है : जमीरउल्लाह
सपा के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह का कहना था कि मैं मुंबई में हूं। इसलिए मुझे शहर के विषय में ज्यादा जानकारी नहीं है। फिर भी अगर वहां नेताओं के आने जाने की बातें कही जा रही हैं, तो यह अफवाहें या बेवजह की बातें मात्र हैं। मैं तो कल घर से निकला ही नहीं था। बाकी मैं इतना जरूर कहना चाहूंगा कि शहर के लोगों में काफी गुस्सा है। आज वही निकला है। इसके लिए प्रशासन को खुद सोचना होगा। मैं फिर भी कहूंगा कि लोग कानून हाथ में न लें। कानून को अपना काम करने दें।