फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   The lawsuit was written from Eta to the revolver

मुकदमा लिखा तो एटा से चलकर आई रिवाल्वर

Wed, 05 Apr 2017 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Wed, 05 Apr 2017 01:38 AM IST
विज्ञापन
मालखाने से माल गायब होने की दरोगा की करतूत पर अदालत ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने जब दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया तो दो साल पुराने मुकदमे में मुकदमा लिखने के दूसरे ही दिन रिवाल्वर एटा से चलकर अदालत पहुंच गई और पीड़ित को वापस कर दी गई। हालांकि अब पुलिस कहती फिर रही है कि रिवाल्वर मालखाने में ही थी। कहीं गई नहीं थी। तलाशने पर मिल नहीं पा रही थी। 
विज्ञापन


वाकया इस तरह है कि मडराक के आसना क्षेत्र में 2015 में एक समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान एक युवक सिर से गोली छूकर जाने पर जख्मी हुआ था। इस घटना के दौरान भगदड़ मचने पर रिवाल्वर स्वामी मौके पर लाइसेंसी रिवाल्वर छोड़कर भाग गया था।
विज्ञापन


उस समय घायल पक्ष की ओर से धारा 308 का मुकदमा दर्ज कराया गया और मौके से तत्कालीन विवेचक रनवीर सिंह ने रिवाल्वर बरामद करते हुए खुद की ओर से रिवाल्वर स्वामी पर आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो उन्होंने बरामद रिवाल्वर लिखा पढ़ी में मालखाने में दाखिल तो कर दी, मगर जमा करने के बजाय खुद ही अंटी में लगाए घूमते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर, रिवाल्वर स्वामी मुकदमे में गिरफ्तारी के बाद जब जमानत पर छूटकर आया तो उसने रिवाल्वर वापसी के लिए सीजेएम न्यायालय में याचिका दायर की। सीजेएम न्यायालय ने थाने से रिपोर्ट तलब की। तब तक पूर्व विवेचक रनवीर सिंह का एटा तबादला हो गया। उनके स्थान पर हेमप्रकाश गौतम नए विवेचक बन गए। उन्होंने और हेड मुहर्रिर ने यह रिपोर्ट भेज दी कि रिवाल्वर मालखाने में तो है, मगर माल मुकदमाती होने के कारण उसे वापस नहीं किया जा सकता।

इस आधार पर अदालत ने पीड़ित की अपील खारिज कर दी। इसके बाद अब आकर मुकदमा सत्र न्यायालय में पहुंचा और पीड़ित ने सीजेएम न्यायालय के अपील खारिज संबंधी आदेश के खिलाफ रिवीजन दायर किया, जिसकी सुनवाई एडीजे-प्रथम के न्यायालय में हुई। अदालत ने फिर से थाने से रिपोर्ट मांगी तो इस बार विवेचक कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने यह बात कही कि पूर्व विवेचक ने रिवाल्वर जमा नहीं की है।


इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और पूर्व विवेचक पर मुकदमा दर्ज न करने पर नाराजगी जताई और उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। कोर्ट के रुख पर तीन दिन पहले मडराक थाने में पूर्व विवेचक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और पूर्व विवेचक को एटा से रिवाल्वर सहित बुलाकर रिवाल्वर मंगलवार को वापस कराई गई। तब जाकर मसला मैनेज किया गया। 


इधर, मडराक में दर्ज मुकदमे की विवेचना गोंडा एसओ को दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed