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धर्मस्थल की गुंबद निर्माण पर बखेड़ा, फायरिंग और पथराव

अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sat, 20 May 2017 01:48 AM IST
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महानगर के अतिसंवेदनशील फूल चौराहा स्थित सराफा चौक के एक धर्मस्थल पर गुंबद निर्माण को लेकर शुक्रवार शाम से शुरू हुए विवाद ने देर रात सांप्रदायिक रूप ले लिया। शुरुआती दौर में हुई समझौता वार्ता के बाद एक पक्ष की भीड़ ने पुलिस पर पथराव के साथ फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। कुछ ही देर में ऊपरकोट से सटा पुराने शहर का पूरा मिश्रित इलाका सांप्रदायिक तनाव की जद में आ गया। दोनों ओर से जमकर धार्मिक नारेबाजी होने लगी। हालांकि पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों की भीड़ को खदेड़ दिया। बाद में पहुंचे शहर विधायक, मेयर, भाजपा महानगर अध्यक्ष आदि भाजपाइयों ने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर सुबह छह बजे तक गुंबद न हटी, तो परिणाम गंभीर होंगे। पूरी रात पुलिस-प्रशासनिक अमला मौके पर जमा रहा। जबकि भाजपाइयों ने हलवाईखाने में डेरा जमा रखा था।
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फूल चौराहा सराफा चौक सांप्रदायिक दृष्टि से शहर का अतिसंवेदनशील प्वाइंट है। यहां अर्से पुराना धर्मस्थल है, जिसकी तीसरी मंजिल पर काफी समय से निर्माण कार्य चल रहा है। एक साइड तैयार की गई गुंबद पड़ोसी सराफ राजकुमार वर्मा के मकान व दुकान पर निकल रही है और झुकी हुई है। गुंबद का निर्माण इस तरह हो रहा है कि अगर भविष्य में कभी राजकुमार अपने मकान पर निर्माण कराता है, तो गुंबद आड़े आ सकती है। इसी तरह दूसरे कोने पर गुंबद पर लाउड स्पीकर इस तरह लगा दिए गए हैं कि वह प्याऊ पर आ रहे हैं।


इसका एक पक्ष के लोगों ने शाम करीब पांच बजे से विरोध शुरू कर दिया और निर्माण न होने देने की चेतावनी दी। कुछ ही देर में सराफ पक्ष से भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि वर्मा, भाजपा नेता सुबोध स्वीटी, मानव महाजन आदि पहुंच गए। भीड़ जुटने पर सीओ प्रथम, सीओ तृतीय, सिटी मजिस्ट्रेट, कोतवाली, सासनी गेट, बन्नादेवी थाने की फोर्स समेत आरआरएफ आदि पहुंच गई। मेयर शकुंतला भारती भी आ गईं। यहां दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बन गई कि निर्माण रुकवा दिया जाए। साथ ही फिलहाल गुंबद हटवा दी जाए और आगे का निर्माण रविवार को दोनों पक्षों की वार्ता के बाद हो। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए, जबकि एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

इसी बीच गुंबद का एक हिस्सा उतारा जाने लगा। तभी किसी ने ऊपरकोट के लोगों को सोशल साइट पर फोटो भेजकर यह अफवाह उड़ा दी कि वहां धर्मस्थल ही गिराया जा रहा है। इस पर ऊपरकोट पर लोग आक्रोशित हो गए और भारी संख्या में भीड़ एकत्रित होकर ऊपरकोट से फूल चौराहा पर आने वाली गली से चौराहे पर आ गई। इस भीड़ ने वहां पहले धार्मिक नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर दूसरी ओर से भी नारेबाजी की गई। यह देख पुलिस ने दोनों पक्षों की भीड़ को दौड़ा दिया। मगर बाद में ऊपरकोट से आई भीड़ ने पुलिस पर फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया। इससे माहौल बिगड़ गया। बचाव में पुलिस को भी हवाई फायरिंग करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पहले ऊपरकोट की ओर भीड़ को खदेड़ा। बाद में दूसरी तरफ की भीड़ को भी दौड़ा दिया। 

इसी बीच पहुंचे विधायक, मेयर आदि भाजपाइयों ने पहले भीड़ से बात की। बाद में गुंबद को देखा और मौके पर मौजूद डीएम, एसएसपी को सीधी चेतावनी दी कि अगर सुबह 6 बजे तक गुंबद न हटी तो परिणाम गंभीर होंगे। यह कहकर भाजपाई अपने साथ भीड़ लेकर हलवाई खाने में आ गए, जबकि डीएम, एसएसपी, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, एसपी क्राइम, एसपी ट्रैफिक, सीओ प्रथम, सीओ द्वितीय, सीओ तृतीय शहर व देहात के कई थानों की फोर्स, आरआरएफ इलाके में चारों तरफ भ्रमणशील रहा। साथ ही धर्मस्थल कमेटी पदाधिकारियों को बुलाया जा रहा था। ताकि उनसे बातचीत कर रात में ही गुंबद को उतरवाया जा सके। 


 एक धर्मस्थल पर गुंबद के निर्माण को लेकर बाजार में लोगों को आपत्ति थी, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से उतरवाया जा रहा था। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव करके माहौल बिगाड़ दिया। मगर पुलिस ने सख्ती से उन्हें हटा दिया। अब माहौल शांत है। रहा सवाल गुंबद का, तो इसे हटवाया जाएगा। निर्माण को लेकर जांच होगी। फायरिंग किसी ओर से नहीं की गई है। - ऋषिकेश भाष्कर याशोद जिलाधिकारी


साजिश भरी अफवाह ने फैलाया सांप्रदायिक तनाव
खटीकान के बाद बाबरी मंडी और अब फूल चौराहा। पिछले कुछ सालों में हुईं तीनों घटनाओं पर गौर करें तो हर बार की तरह इस बार भी खुफिया तंत्र फेल रहा। साफ-साफ महसूस हो रहा है कि दोनों पक्ष गुंबद हटाने पर सहमत हैं और गुंबद हटाया भी जा रहा है। मगर साजिशन चंद लोगों ने गुंबद हटाते समय की फोटो वायरल करते हुए अफवाह फैलाई कि धर्मस्थल को ही तोड़ा जा रहा है। इसके बाद जो हुआ, उसकी शायद किसी को उम्मीद न थी। मगर सब कुछ साजिश के तहत हुआ। हैरत की बात ये है कि इन्हीं में से चंद लोग ऐसे थे, जो दोनों ओर से भीड़ में शामिल होकर धार्मिक नारेबाजी कर रहे थे। इधर, जब ऊपरकोट और उससे सटे मिश्रित आबादी वाले पुराने शहर के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण हुआ, तो पूरे शहर में अफवाहों का बाजार गरम हो गया। लोग दहशत में आ गए। खुद डीएम, एसएसपी आधी रात के बाद तक मौके पर जमा रहे और खुद गुंबद हटवाई गई।

इस धर्मस्थल पर निर्माण तो काफी समय से चल रहा है। मगर यहां रेडीमेड गुंबद रात में ही लगाई गई थी। इसके बाद दोपहर में जब सराफा व्यापारियों का धरना चल रहा था, उस समय लोगों की नजर गई और विरोध शुरू हुआ। दोनों पक्षों में गुंबद हटाने पर सहमति बनी। मगर शाम पांच बजे अचानक विरोध सार्वजनिक हुआ और हंगामा हो गया। पुलिस प्रशासनिक के सामने भी निर्माण करा रहे लोगों ने कहा कि गुंबद हटाने को तैयार हैं। इसी दौरान कुछ लोगों ने छत पर गुंबद हटाते समय के फोटो कुछ इस अंदाज में खींचे, जैसे धर्मस्थल गिराया जा रहा है। यही फोटो वायरल करते हुए अफवाह फैला दी। 

दोनों ओर की भीड़ को पुलिस ने रोक रखा था
जब धर्मस्थल हटाए जाने की अफवाह पर ऊपरकोट से भीड़ उतरकर आई तो गुंबद विरोधी पक्ष हलवाईखाने की ओर जमा था। भीड़ को दोनों ओर से पुलिस ने रोक रखा था। मगर धार्मिक नारेबाजी चालू थी। माहौल इस कदर तनावपूर्ण हो गया कि आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने फूल चौराहे की ओर जाने वाले हर रास्ते को सील कर दिया। एडीएम सिटी, एसपी सिटी, शहर के तीनों सीओ ने पथराव, फायरिंग करने वाली भीड़ को नियंत्रित किया।

 

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