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बदमाशों ने `50 लाख के लिए फार्म हाउस पर बोला था धावा
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Mon, 23 Jan 2017 01:38 AM IST
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बदमाशों ने 50 लाख के लिए फार्म हाउस पर बोला था धावा
- फोटो : Dig Vishal
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बुलंदशहर कांड के बाद हाईवे की सुरक्षा का दावा करने वाली यूपी पुलिस शनिवार रात एक बार फिर कटघरे में दिखी। शराब के नशे में धुत डकैतों ने करीब चार घंटे तक यमुना एक्सप्रेस वे और उससे सटे फार्म हाउस पर दहशत और वहशीपन का घंटों तक तांडव किया। बदमाशों ने महिला व युवती को तो टार्चर किया ही, बच्चों को भी बुरी तरह से पीटा। सर्द रात में महिला का सिर पानी की टंकी में डुबोकर वह 50 लाख रुपये मांगते रहे, जो इस फार्म हाउस में थे ही नहीं। दहशत का मंजर अब तक इस परिवार के चेहरे पर साफ झलक रहा है। लुटे बसयात्रियों से सबसे पहले सूचना पाने के बावजूद मथुरा जिले की नौहझील पुलिस ने दूसरे थाने का मामला बता पल्ला झाड़ लिया। यूपी-100 भी मदद को नजर न आई।
पीड़ित महिला, युवती और चौकीदार की जुबानी
पीड़ित महिला, युवती और चौकीदार की जुबानी
करीब दो साल से यहां रह रहे पीड़ित चौकीदार रंजीत, पीड़ित महिला व उसकी भांजी ने बताया कि रात को उसका दरवाजा बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर खुलवाया। महिला का एक रिश्तेदार किसी अपराध में आरोपी है। एक मर्तबा पुलिस ने इसी फार्म हाउस से उसे दबिश देकर गिरफ्तार किया था। इसी अंदेशे में महिला ने दरवाजा खोल दिया कि कहीं पुलिस उसी रिश्तेदार को तलाशते हुए तो नहीं आ गई। इसके बाद बदमाशों ने सभी को पीटना शुरू कर दिया। रंजीत को जबरन शराब पिलाकर पीटा। बदमाशों ने अश्लील हरकतें करते हुए महिला और उसकी भांजी को प्लास से नोचा। महिला का सिर ठंडे पानी की टंकी में डुबोया और बाद में मौके पर पड़े एक अखबार के टुकड़े को जलाकर उसकी जांघ पर रख दिया। बच्चों को भी खूब पीटा। वह बराबर यही कहते रहे कि 50 लाख रुपये दे दो, नहीं तो ऐसे ही पिटते रहोगे। वहीं बैठकर उन्होंने शराब पी और बचा हुआ खाना भी खाया। बाद में सभी के हाथ-पैर बांधकर कमरे में डाल गए।
बस लूट के समय बढ़ गई बदमाशों की संख्या
फार्म हाउस पीड़ितों के अनुसार बदमाशों की संख्या छह थी। मगर जब बस पर बदमाश पहुंचे तो उनकी संख्या आठ हो गई। इससे अंदेशा है कि दो बदमाश फार्म हाउस के बाहर चौकीदारी में रहे होंगे। जिस वक्त बदमाश बस पर पहुंचे, उस समय बस का स्टाफ टायर पंचर होने के चलते स्टेपनी लगा कर पहिया कस रहा था। बस एक नट कसने को रह गया था। बस में करीब 45 सवारियां थीं। अंदर चढ़कर जब लूटपाट शुरू की तो यात्री राजू व पूर्ण सिंह ने विरोध किया। इस पर उन्हें गोली मार दी। लूटपाट कर बदमाश जब चले गए तो ड्राइवर बस लेकर मथुरा की ओर बढ़ा। वहां हाइवे पर नौहझील पुलिस के दरोगा को वाकया बताया जा रहा था कि उस दरोगा को दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी।
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इस तरह पहुंची पुलिस तक खबर
बदमाशों के जाने के बाद फार्म हाउस के कमरे में बंधक रंजीत ने पहले किसी तरह खुद को खोला। फिर पीड़ित महिला को खोला। इसके बाद वह फार्म हाउस से 200 मीटर की दूरी पर गांव जिकरपुर पहुंचा। वहां से टप्पल पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच नौहझील पुलिस ने बस यात्रियों को घटनास्थल टप्पल में बताकर वापस भेज दिया। एकाएक दो घटनाओं की खबर पर टप्पल पुलिस के होश उड़ गए और फिर इंस्पेक्टर राजीव यादव ने भाग दौड़ शुरू की। दिन निकलते ही वहां आईजी सहित पूरा हमला पहुंच गया।
गैंगरेप के अंदेशे पर हर स्तर पर जांच
शुरुआती सूचना के आधार पर पुलिस को जब गैंगरेप बताया गया तो फॉरेंसिक टीम भी बुला ली गई। मगर पहली नजर में वहां इस तरह के साक्ष्य नहीं मिले। मेडिकल कराने के साथ-साथ महिला व युवती की अन्य चोटों के परीक्षण के लिए उन्हें जिला मुख्यालय भेजा गया। यहां जब मीडिया व अन्य ने पीड़िताओं से गैंगरेप का सवाल उनसे किया तो वे बिफर गईं। पुलिस ने किसी झमेले से बचने के लिए दोनों का परीक्षण भी कराया है। फॉरेंसिक टीम ने भी स्वाब संकलित किए हैं।
पति पहले गैंगरेप बोला, फिर पलटा
जब पीड़ित महिला का पति राजस्थान से लौटा तो उसने गैंगरेप की बात कही। मगर जब उसकी पत्नी व भांजी से बात हो गई तो वह इससे पलट गया। फिर उसने रेप के आरोपों से इंकार कर दिया।
दो मुकदमे दर्ज हुए
इंस्पेक्टर टप्पल राजीव यादव के अनुसार गैंगरेप जैसी कोई बात नहीं है। खुद परिवार ने लिखित में दिया है। इस संबंध में एक मुकदमा पीड़ित महिला के पति ने डकैती में दर्ज कराया है, जबकि दूसरा मुकदमा गोली से जख्मी बस यात्री राजू व पूर्ण सिंह के साथी राजेश निवासी खोड़ा कॉलोनी गाजियाबाद ने कराया है।
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पीड़ित महिला, युवती और चौकीदार की जुबानी
पीड़ित महिला, युवती और चौकीदार की जुबानी
करीब दो साल से यहां रह रहे पीड़ित चौकीदार रंजीत, पीड़ित महिला व उसकी भांजी ने बताया कि रात को उसका दरवाजा बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर खुलवाया। महिला का एक रिश्तेदार किसी अपराध में आरोपी है। एक मर्तबा पुलिस ने इसी फार्म हाउस से उसे दबिश देकर गिरफ्तार किया था। इसी अंदेशे में महिला ने दरवाजा खोल दिया कि कहीं पुलिस उसी रिश्तेदार को तलाशते हुए तो नहीं आ गई। इसके बाद बदमाशों ने सभी को पीटना शुरू कर दिया। रंजीत को जबरन शराब पिलाकर पीटा। बदमाशों ने अश्लील हरकतें करते हुए महिला और उसकी भांजी को प्लास से नोचा। महिला का सिर ठंडे पानी की टंकी में डुबोया और बाद में मौके पर पड़े एक अखबार के टुकड़े को जलाकर उसकी जांघ पर रख दिया। बच्चों को भी खूब पीटा। वह बराबर यही कहते रहे कि 50 लाख रुपये दे दो, नहीं तो ऐसे ही पिटते रहोगे। वहीं बैठकर उन्होंने शराब पी और बचा हुआ खाना भी खाया। बाद में सभी के हाथ-पैर बांधकर कमरे में डाल गए।
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बस लूट के समय बढ़ गई बदमाशों की संख्या
फार्म हाउस पीड़ितों के अनुसार बदमाशों की संख्या छह थी। मगर जब बस पर बदमाश पहुंचे तो उनकी संख्या आठ हो गई। इससे अंदेशा है कि दो बदमाश फार्म हाउस के बाहर चौकीदारी में रहे होंगे। जिस वक्त बदमाश बस पर पहुंचे, उस समय बस का स्टाफ टायर पंचर होने के चलते स्टेपनी लगा कर पहिया कस रहा था। बस एक नट कसने को रह गया था। बस में करीब 45 सवारियां थीं। अंदर चढ़कर जब लूटपाट शुरू की तो यात्री राजू व पूर्ण सिंह ने विरोध किया। इस पर उन्हें गोली मार दी। लूटपाट कर बदमाश जब चले गए तो ड्राइवर बस लेकर मथुरा की ओर बढ़ा। वहां हाइवे पर नौहझील पुलिस के दरोगा को वाकया बताया जा रहा था कि उस दरोगा को दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी।
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इस तरह पहुंची पुलिस तक खबर
बदमाशों के जाने के बाद फार्म हाउस के कमरे में बंधक रंजीत ने पहले किसी तरह खुद को खोला। फिर पीड़ित महिला को खोला। इसके बाद वह फार्म हाउस से 200 मीटर की दूरी पर गांव जिकरपुर पहुंचा। वहां से टप्पल पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच नौहझील पुलिस ने बस यात्रियों को घटनास्थल टप्पल में बताकर वापस भेज दिया। एकाएक दो घटनाओं की खबर पर टप्पल पुलिस के होश उड़ गए और फिर इंस्पेक्टर राजीव यादव ने भाग दौड़ शुरू की। दिन निकलते ही वहां आईजी सहित पूरा हमला पहुंच गया।
गैंगरेप के अंदेशे पर हर स्तर पर जांच
शुरुआती सूचना के आधार पर पुलिस को जब गैंगरेप बताया गया तो फॉरेंसिक टीम भी बुला ली गई। मगर पहली नजर में वहां इस तरह के साक्ष्य नहीं मिले। मेडिकल कराने के साथ-साथ महिला व युवती की अन्य चोटों के परीक्षण के लिए उन्हें जिला मुख्यालय भेजा गया। यहां जब मीडिया व अन्य ने पीड़िताओं से गैंगरेप का सवाल उनसे किया तो वे बिफर गईं। पुलिस ने किसी झमेले से बचने के लिए दोनों का परीक्षण भी कराया है। फॉरेंसिक टीम ने भी स्वाब संकलित किए हैं।
पति पहले गैंगरेप बोला, फिर पलटा
जब पीड़ित महिला का पति राजस्थान से लौटा तो उसने गैंगरेप की बात कही। मगर जब उसकी पत्नी व भांजी से बात हो गई तो वह इससे पलट गया। फिर उसने रेप के आरोपों से इंकार कर दिया।
दो मुकदमे दर्ज हुए
इंस्पेक्टर टप्पल राजीव यादव के अनुसार गैंगरेप जैसी कोई बात नहीं है। खुद परिवार ने लिखित में दिया है। इस संबंध में एक मुकदमा पीड़ित महिला के पति ने डकैती में दर्ज कराया है, जबकि दूसरा मुकदमा गोली से जख्मी बस यात्री राजू व पूर्ण सिंह के साथी राजेश निवासी खोड़ा कॉलोनी गाजियाबाद ने कराया है।