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लुटेरों ने रेता था कारोबारी की बहन का गला
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 07 Dec 2016 02:15 AM IST
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लुटेरों ने रेता था कारोबारी की बहन का गला
- फोटो : Rupesh
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महानगर के पला रोड आदर्श नगर के प्रतिष्ठित हार्डवेयर कारोबारी घराने की महिला बीना अग्रवाल (51) की हत्या के रहस्य से पर्दा उठ ही गया। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए दो लोगों को दबोचा है। उन्होंने लूट में असफल होने पर महिला की फनर से गला रेतकर हत्या कर दी थी। हालांकि उनका मकसद लूट था और लूट के लिए उन्होंने दो दिन रैकी करने के साथ-साथ कई दिन पहले गली में लगे सीसीटीवी के तार भी काटे थे। मगर महिला से जब जंजीर न लूट सके और शोर मचाया तो डराने के इरादे से गर्दन पर रखा गया फनर घुमा दिया। बस वहीं महिला ढेर हो गई। इस हत्याकांड में अभी दो लोग फरार हैं, जिनकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मूल रूप से शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) के कारोबारी मनोज गोयल सासनी गेट के आदर्श नगर में रहते हैं। उनके बगल में उनकी बड़ी बहन बीना अग्रवाल पत्नी सुभाष चंद्र अग्रवाल भी रह रही थीं। वाकया 8 सितंबर का है, जब महिला रोजाना की तरह सुबह साढ़े पांच बजे घर से टहलने के लिए निकल रही थीं, तभी उनकी मैन गेट खोलते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ। तभी से पुलिस लगातार कई सैकड़ा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने रिंकू यादव निवासी जयगंज मूल निवासी सुल्तानपुर सहपऊ हाथरस को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की तो उसने घटना स्वीकारते हुए खुलासा कर दिया। उसने अपने सराय पीतंबर निवासी एक नाबालिग साथी का नाम बताया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी के अनुसार रिंकू ने अपने फरार साथियों के नाम नितिन उर्फ नत्ता व विनोद बताए। उन्होंने बताया कि नितिन पेशेवर अपराधी है। वह खुद मोबाइल चोरी आदि करता था। नितिन ने महिला से लूट की प्लानिंग बनाई थी। तभी वह एनडीपीएस रखने के जुर्म में जेल चला गया। उसके जाने के बाद खुद रिंकू ने महिला से लूट का प्लान बनाया और घर की रैकी करते हुए विनोद व तीसरे नाबालिग के साथ पहले सीसीटीवी के तार काटे। फिर 4 सितंबर की सुबह लूट का प्लान बना। मगर महिला से लूट न हो सकी। इसके बाद 8 तारीख को लूट की कोशिश के दौरान डराने के इरादे से रखा गया फनर उस समय घूम गया, जब महिला चीखते हुए घर के अंदर भागी। इसके बाद वह लोग भाग गए।
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एसएसपी के अनुसार अब विनोद व नितिन की तलाश जारी है। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ प्रथम राजकुमार के निर्देशन में काम करने वाली टीम में इंस्पेक्टर जितेंद्र दीक्षित, एसआई विवेक कुमार, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, अरविंद, अकबर, राकेश शामिल रहे। एसएसपी ने टीम को पांच हजार का इनाम दिया है।
नोटबंदी में मुखबिर को चेक से हुआ भुगतान
एसएसपी ने खुद स्वीकारा कि इस घटना में शामिल अपराधी मोबाइल का प्रयोग करने वाले नहीं थे। इसलिए उन तक पहुंचने में इतना समय लगा। मुखबिरों के सहारे ही घटना खुल सकी। इन मुखबिरों को भी इनाम दिया गया। मगर यहां भी नोट बंदी का असर दिखा। मुखबिरों को चेक से भुगतान किया गया। एसएसपी ने भुगतान की गई रकम को गुप्त रखा है।
चप्पल से मिला पैर तो लिया सैंपल
घटना के बाद मौके पर छूटी एक चप्पल रिंकू के पैर की थी। जब वह पकड़ा गया तो उसका मिलान रिंकू के पैर से कराया गया, जो मिल गई और उसके पैरों के निशान भी चप्पल पर साफ उभर रहे थे। जिसका सैंपल लिया गया है।
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एसएसपी राजेश पांडेय ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मूल रूप से शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) के कारोबारी मनोज गोयल सासनी गेट के आदर्श नगर में रहते हैं। उनके बगल में उनकी बड़ी बहन बीना अग्रवाल पत्नी सुभाष चंद्र अग्रवाल भी रह रही थीं। वाकया 8 सितंबर का है, जब महिला रोजाना की तरह सुबह साढ़े पांच बजे घर से टहलने के लिए निकल रही थीं, तभी उनकी मैन गेट खोलते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ। तभी से पुलिस लगातार कई सैकड़ा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने रिंकू यादव निवासी जयगंज मूल निवासी सुल्तानपुर सहपऊ हाथरस को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की तो उसने घटना स्वीकारते हुए खुलासा कर दिया। उसने अपने सराय पीतंबर निवासी एक नाबालिग साथी का नाम बताया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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एसएसपी के अनुसार रिंकू ने अपने फरार साथियों के नाम नितिन उर्फ नत्ता व विनोद बताए। उन्होंने बताया कि नितिन पेशेवर अपराधी है। वह खुद मोबाइल चोरी आदि करता था। नितिन ने महिला से लूट की प्लानिंग बनाई थी। तभी वह एनडीपीएस रखने के जुर्म में जेल चला गया। उसके जाने के बाद खुद रिंकू ने महिला से लूट का प्लान बनाया और घर की रैकी करते हुए विनोद व तीसरे नाबालिग के साथ पहले सीसीटीवी के तार काटे। फिर 4 सितंबर की सुबह लूट का प्लान बना। मगर महिला से लूट न हो सकी। इसके बाद 8 तारीख को लूट की कोशिश के दौरान डराने के इरादे से रखा गया फनर उस समय घूम गया, जब महिला चीखते हुए घर के अंदर भागी। इसके बाद वह लोग भाग गए।
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एसएसपी के अनुसार अब विनोद व नितिन की तलाश जारी है। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ प्रथम राजकुमार के निर्देशन में काम करने वाली टीम में इंस्पेक्टर जितेंद्र दीक्षित, एसआई विवेक कुमार, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, अरविंद, अकबर, राकेश शामिल रहे। एसएसपी ने टीम को पांच हजार का इनाम दिया है।
नोटबंदी में मुखबिर को चेक से हुआ भुगतान
एसएसपी ने खुद स्वीकारा कि इस घटना में शामिल अपराधी मोबाइल का प्रयोग करने वाले नहीं थे। इसलिए उन तक पहुंचने में इतना समय लगा। मुखबिरों के सहारे ही घटना खुल सकी। इन मुखबिरों को भी इनाम दिया गया। मगर यहां भी नोट बंदी का असर दिखा। मुखबिरों को चेक से भुगतान किया गया। एसएसपी ने भुगतान की गई रकम को गुप्त रखा है।
चप्पल से मिला पैर तो लिया सैंपल
घटना के बाद मौके पर छूटी एक चप्पल रिंकू के पैर की थी। जब वह पकड़ा गया तो उसका मिलान रिंकू के पैर से कराया गया, जो मिल गई और उसके पैरों के निशान भी चप्पल पर साफ उभर रहे थे। जिसका सैंपल लिया गया है।