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एएमयू प्रोफेसर से रिश्तेदार ने मांगी रंगदारी, हिरासत में
Wed, 10 Nov 2021 01:05 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 10 Nov 2021 01:05 AM IST
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एएमयू
- फोटो : Amar Ujala
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क्वार्सी क्षेत्र में अनूपशहर रोड पर सागर हाउसिंग कांप्लेक्स में रहने वाली एएमयू प्रोफेसर से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। रंगदारी के लिए उनके घर के दरवाजे पर खड़ी कार के बोनट पर लिफाफे में धमकी भरा पत्र और तीन कारतूस के खोखे रखे गए। फिर फोन कर धमकी दी गई। दहशत में आए परिवार ने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने प्रयास कर देर रात आरोपी रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ जारी है, जबकि उसके दो साथियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एएमयू कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर डॉ. शगुफ्ता मुईन व उनके पति नवेद मुख्तार बच्चों के साथ सागर हाउसिंग के मकान नंबर 44 में रहते हैं। उनके पति आगरा में चमड़े के जूते का व्यापार करते हैं। पुलिस को दी जानकारी के अनुसार वाकया सोमवार देर शाम का है, जब उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को राजू नोएडा से बताते हुए कहा कि आपकी कार पर कुछ सामान रखा है। उसे उठा लो।
इस पर नवेद मुख्तार ने बाहर जाकर लिफाफा देखा और अंदर लाकर देखा तो दंग रह गए। उसमें तीन जले हुए 315 बोर के खोखे और एक पत्र रखा था। जिसमें ऊपर हिंदी में नवेद, शगुफ्ता व हमजा लिखा है। उसके बाद पत्र में 10 लाख रुपये की रंगदारी की डिमांड के साथ धमकी थी कि अगर बात नहीं मानी गई तो बच्चे को उठा लेंगे। उसमें बच्चे का नाम भी लिखा था।
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इस चिट्ठी को पढ़कर प्रोफेसर परिवार दहशत में आ गया। रात को ही पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद दूसरी कॉल मंगलवार दोपहर में फिर आई, जिसमें फिर से रुपयों की बात दोहराई गई और समय व दिन बताने की भी बात कही। यह बाद थाना स्तर से अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई। तत्काल प्रोफेसर परिवार को सुरक्षा देते हुए एसएसपी कलानिधि ने मामले में सर्विलांस सहित थाने की अन्य टीमें आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगाईं।
चूंकि, अपराधियों की ओर से एक ही नंबर से दो बार कॉल किया गया था तो उस नंबर की मदद से पुलिस मंगलवार देर शाम तक आरोपियों तक पहुंच गई। पहले इस नंबर ने मदार गेट के किसी व्यक्ति तक पहुंचाया। मगर देर रात पुलिस ने उस व्यक्ति की मदद से मोबाइल प्रोफेसर के रिश्तेदार ऊपरकोट चंदनशहीद रोड के दानिश को हिरासत में ले लिया, जिसने धमकी भरा पत्र अपने दोस्त उस्मानपाड़ा के आजेब व शाहजमाल के अदनान की मदद से वहां पहुंचाना स्वीकार किया है। पुलिस देर रात उन दोनों को तलाश रही थी।
रिश्ते की मौसी पहले मांगा था उधार दस लाख
पूछताछ में साफ हुआ कि दानिश की मां व प्रोफेसर शगुफ्ता रिश्ते बहनें हैं। इस तरह दानिश की यह प्रोफेसर मौसी लगती हैं। पिछले कुछ दिन पहले दानिश दस लाख रुपये के कर्ज में डूब गया है। यह कर्ज उतारने के लिए उसने अपनी मौसी शगुफ्ता से रुपये उधार मांगे थे। जब मौसी ने उधार रुपये देने से इंकार कर दिया तो उसके दिमाग में यह खुराफात सूझ गई और उसने दोस्तों की मदद से यह साजिश रच ली। इसके लिए उसने अपने दोनों दोस्तों को बाइक से लिफाफा रखने भेजा। पुलिस जांच में सीसीटीवी में दोनों बाइक पर सोसाइटी में अंदर जाते और बाहर आते भी कैद हैं।
इस तरह से लिखी चिट्ठी में धमकी
चिट्ठी में दानिश ने लिखा है कि उम्मीद है कि यह पैगाम तुम्हारे पास तक पहुंच जाएगा। तुम्हारी मेडिकल में जॉब है। परिवार में पांच लोग हैं, जिनमें एक बेटा हमजा, दो बेटियां, पति नावेद। फ्लैट के अलावा लॉज के लिए भी एक प्लाट खरीद रखा है। हम तेरी दो घंटे की डिटेल निकाल चुके हैं। रेड कलर की स्कूटी पर सुबह जाती है और आती है। सिर्फ दस लाख की पेटी चाहता हूं।
यह गारंटी है कि अगर होशियारी की तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। जब दो घंटे की डिटेल निकाल चुके हैं तो और भी कुछ कर सकते हैं। उम्मीद करता हूं कि दिमाग में ये बात आ जाएगी। प्रशासन के पास जाने की कोशिश की तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। मैं बेशक नोएडा में बैठा हूं, मगर मेरे पार्टनर तेरे इर्द-गिर्द ही घूम रहे हैं। नंबर बदल दिया तो भी तुझे पकड़ लेंगे। सोच भी नहीं क्या कर सकते हैं। हम तुझे कॉल करेंगे। वेट करिये हमारी कॉल का। तेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं। जिंदगी रही तो पैसा और कमा लेगी। ठिकाना हम बताएंगे कहां लाना है।
- एएमयू प्रोफेसर के घर धमकी भरा रंगदारी का पत्र पहुंचने और रुपये मांगने के मामले को गंभीरता से लिया गया। सुबह से कई टीमें अलग अलग काम में लगाई गईं। देर शाम बड़ी सफलता मिली है। हिरासत में लिया गया मुख्य आरोपी रिश्तेदार है। उसने अपने दोस्तों संग ये हरकत की है। बाकी पूछताछ व अन्य की तलाश जारी है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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एएमयू कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर डॉ. शगुफ्ता मुईन व उनके पति नवेद मुख्तार बच्चों के साथ सागर हाउसिंग के मकान नंबर 44 में रहते हैं। उनके पति आगरा में चमड़े के जूते का व्यापार करते हैं। पुलिस को दी जानकारी के अनुसार वाकया सोमवार देर शाम का है, जब उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को राजू नोएडा से बताते हुए कहा कि आपकी कार पर कुछ सामान रखा है। उसे उठा लो।
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इस पर नवेद मुख्तार ने बाहर जाकर लिफाफा देखा और अंदर लाकर देखा तो दंग रह गए। उसमें तीन जले हुए 315 बोर के खोखे और एक पत्र रखा था। जिसमें ऊपर हिंदी में नवेद, शगुफ्ता व हमजा लिखा है। उसके बाद पत्र में 10 लाख रुपये की रंगदारी की डिमांड के साथ धमकी थी कि अगर बात नहीं मानी गई तो बच्चे को उठा लेंगे। उसमें बच्चे का नाम भी लिखा था।
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इस चिट्ठी को पढ़कर प्रोफेसर परिवार दहशत में आ गया। रात को ही पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद दूसरी कॉल मंगलवार दोपहर में फिर आई, जिसमें फिर से रुपयों की बात दोहराई गई और समय व दिन बताने की भी बात कही। यह बाद थाना स्तर से अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई। तत्काल प्रोफेसर परिवार को सुरक्षा देते हुए एसएसपी कलानिधि ने मामले में सर्विलांस सहित थाने की अन्य टीमें आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगाईं।
चूंकि, अपराधियों की ओर से एक ही नंबर से दो बार कॉल किया गया था तो उस नंबर की मदद से पुलिस मंगलवार देर शाम तक आरोपियों तक पहुंच गई। पहले इस नंबर ने मदार गेट के किसी व्यक्ति तक पहुंचाया। मगर देर रात पुलिस ने उस व्यक्ति की मदद से मोबाइल प्रोफेसर के रिश्तेदार ऊपरकोट चंदनशहीद रोड के दानिश को हिरासत में ले लिया, जिसने धमकी भरा पत्र अपने दोस्त उस्मानपाड़ा के आजेब व शाहजमाल के अदनान की मदद से वहां पहुंचाना स्वीकार किया है। पुलिस देर रात उन दोनों को तलाश रही थी।
रिश्ते की मौसी पहले मांगा था उधार दस लाख
पूछताछ में साफ हुआ कि दानिश की मां व प्रोफेसर शगुफ्ता रिश्ते बहनें हैं। इस तरह दानिश की यह प्रोफेसर मौसी लगती हैं। पिछले कुछ दिन पहले दानिश दस लाख रुपये के कर्ज में डूब गया है। यह कर्ज उतारने के लिए उसने अपनी मौसी शगुफ्ता से रुपये उधार मांगे थे। जब मौसी ने उधार रुपये देने से इंकार कर दिया तो उसके दिमाग में यह खुराफात सूझ गई और उसने दोस्तों की मदद से यह साजिश रच ली। इसके लिए उसने अपने दोनों दोस्तों को बाइक से लिफाफा रखने भेजा। पुलिस जांच में सीसीटीवी में दोनों बाइक पर सोसाइटी में अंदर जाते और बाहर आते भी कैद हैं।
इस तरह से लिखी चिट्ठी में धमकी
चिट्ठी में दानिश ने लिखा है कि उम्मीद है कि यह पैगाम तुम्हारे पास तक पहुंच जाएगा। तुम्हारी मेडिकल में जॉब है। परिवार में पांच लोग हैं, जिनमें एक बेटा हमजा, दो बेटियां, पति नावेद। फ्लैट के अलावा लॉज के लिए भी एक प्लाट खरीद रखा है। हम तेरी दो घंटे की डिटेल निकाल चुके हैं। रेड कलर की स्कूटी पर सुबह जाती है और आती है। सिर्फ दस लाख की पेटी चाहता हूं।
यह गारंटी है कि अगर होशियारी की तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। जब दो घंटे की डिटेल निकाल चुके हैं तो और भी कुछ कर सकते हैं। उम्मीद करता हूं कि दिमाग में ये बात आ जाएगी। प्रशासन के पास जाने की कोशिश की तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। मैं बेशक नोएडा में बैठा हूं, मगर मेरे पार्टनर तेरे इर्द-गिर्द ही घूम रहे हैं। नंबर बदल दिया तो भी तुझे पकड़ लेंगे। सोच भी नहीं क्या कर सकते हैं। हम तुझे कॉल करेंगे। वेट करिये हमारी कॉल का। तेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं। जिंदगी रही तो पैसा और कमा लेगी। ठिकाना हम बताएंगे कहां लाना है।
- एएमयू प्रोफेसर के घर धमकी भरा रंगदारी का पत्र पहुंचने और रुपये मांगने के मामले को गंभीरता से लिया गया। सुबह से कई टीमें अलग अलग काम में लगाई गईं। देर शाम बड़ी सफलता मिली है। हिरासत में लिया गया मुख्य आरोपी रिश्तेदार है। उसने अपने दोस्तों संग ये हरकत की है। बाकी पूछताछ व अन्य की तलाश जारी है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी