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प्रदर्शनकारियों ने जोश-आक्रोश के साथ दिखाई ताकत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:19 AM IST
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एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में विरोध प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में बसपा समेत कई दलित संगठनों के देशव्यापी बंद के दौरान सोमवार को कलेक्ट्रेट में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अनूपशहर रोड, एएमयू सर्किल रोड जाम कर दिया तो पुलिस ने एहतियातन तस्वीर महल, यूनिवर्सिटी सर्किल और शमशाद मार्केट से वाहनों की आवाजाही बंद करा दी। जिससे इस पूरे इलाके में हजारों वाहन फंस गए। अनूप शहर रोड पर फंसे वाहन बाद में जीटी रोड के रास्ते निकाले गए।
प्रदर्शनकारी घंटाघर से हजारों की संख्या में झंडे, बैनर लेकर कलेक्ट्रेट की ओर आए थे। बीच रास्ते में आए भाजपा नेता की गाड़ी घेर ली तो एसएसपी की गाड़ी के सामने भी नारेबाजी से नहीं चूके। कुछ शरारती तत्वों ने कलेक्ट्रेट गेट पर लगे पोस्टर व बैनर भी फाड़ डाले। हालांकि साथ आए नेताओं के समझाने और मौके पर बड़ी संख्या पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी समेत अन्य अफसरों को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। सभी जिलाधिकारी को बुलाने की जिद पर अड़ गए थे। कुछ देर बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी राजेश पांडेय ने ज्ञापन लिया।
नगर निगम के मेयर एवं बसपा नेता मो.फुरकान, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह ने डीएम चंद्रभूषण सिंह को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि संविधान निर्माता डा. भीमराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान के माध्यम से दलितों को मौलिक अधिकार प्रदान किए और आरक्षण व्यवस्था दी। तत्कालीन सरकारों ने दलित एवं शोषितों के हित में एससी-एसटी एक्ट के रूप में कानून बनाया। आज एक साजिश के रूप में इस एक्ट को निष्प्रभावी किया जा रहा है। बसपा समेत सभी दलित संगठन इसका पुरजोर विरोध करते हैं।
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उन्होंने राष्ट्रपति से एससी एसटी कानून जस का तस रखने तथा संसद में इसका कानून बनाने की मांग की है। नेताओं ने एक्ट में संशोधन को दलित विरोधी ठहराते हुए इसे आरक्षण समाप्त करने की मोदी सरकार की साजिश ठहराया। यहां पर बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सिंह एड, उपाध्यक्ष ठा.सतेंद्र सिंह तोमर, महासचिव सुनील निगम, जोन इंचार्ज सूरज सिंह, जोन इंचार्ज महेश चौधरी, जोन इंचार्ज गजराज विमल, जोन इंचार्ज रणवीर सिंह कश्यप, यशपाल यादव, कुंवर बहादुर पिप्पल, लाल सिंह रस्तोगी, अभय कुमार बंटी, मनवीर सिंह गौतम, रंजीत, हरिकिशन, दिनेश आदि उपस्थित थे। सुबह दस बजे से दोपहर करीब एक बजे तक प्रदर्शन चला।
स्वतंत्र जनता राज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश माहौर ने एसएलओ को सौंपे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से एससी एसटी वर्ग पर पुन: अत्याचार और शोषण बढ़ जाएगा। सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावी कानून बनाए। इस मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संतशरण माहौर, जिलाध्यक्ष रामगोपाल, महानगर अध्यक्ष रविशंकर माहौर, प्रमोद माहौर, प्रदीप कुमार, किशन माहौर, राजकुमार कोरी, रवि शंकर, सुनील, बंटी, तेजवीर सिंह, दयाशंकर, राजेंद्र, किशोरीलाल, मनोहर, गोपाल, प्रदीप सिंह आदि उपस्थित थे।
नगर सफाई मजदूर संघ के महामंत्री सुनील कुमार टुंडा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा है इस फैसले से दलितों का शोषण होगा। नगर सफाई मजदूर संघ इसी के विरोध में भारत बंद आंदोलन में शामिल हुआ है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मानिक लाल नागर, राहुल चेतन, महेंद्र राठौर, संविदा सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र दीवान, उत्तम उजैनवाल, महेश भोले, रवि विनोद, देवानंद, विशाल, अनिल व कैलाश उपस्थित थे।
श्री वाल्मीकि सेना उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आनंद शास्त्री वाल्मीकि, प्रदेश प्रवक्ता बिल्लू चौहान, शीलू चंदेल, प्रदीप भंडारी, बबलू कमल, मंडल अध्यक्ष बाबा मुंशी, प्रदेश महामंत्री प्रशांत वाल्मीकि, राधे धुरी, जिलाध्यक्ष नितिन चौहान ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि न्यायालय के निर्णय से एससी एसटी एक्ट कमजोर हो गया है।
अखिल भारतीय कोली कोरी समाज के बब्बे कुमार, गोपाल माहौर, जगदीश प्रसाद, नानकचंद, गोपाल, राजू, बंटी, कालीचरन, राजकुमार कोरी, हरीसिंह पहलवान ने कहा कि यदि बदलाव वापस नहीं हुआ तो दलित समाज सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेगा।
वाल्मीकि सद्भावना समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनोज फूल सिंह ने निर्णय को दलित समाज के साथ अन्याय बताया। कानून को चुनौती देने वाले जजों के खिलाफ महाअभियोग चलाना चाहिए। इस अवसर पर सचिन राज, मनीष जय वाल्मीकि, राकेश खन्ना, अमित चौहान, रोहित वाल्मीकि, गुड्डू बैंजी, रवि राजे, विष्णु खरे मौजूद थे।
भीम मित्र मंडल के संस्थापक सुरेंद्र कुमार, महासचिव रामगोपाल रैना व कार्यवाहक अध्यक्ष किशन चंदेल ने एससी एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में आयोजित राष्ट्रव्यापी आंदोलन को व्यापारियों द्वारा समर्थन न दिये जाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में व्यापार मंडलों के आंदोलनों का दलित व पिछड़े खुलेआम विरोध करेंगे।
अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद के जिलाध्यक्ष नरेश चौहान, प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप मैसी, मंडल अध्यक्ष गौरव चंदेल, प्रांतीय संयोजक मानिक लाल नागर, राजू सोल्जर, अरुण चौहान, होरीलाल, राजेश पथिक, रिषि चौहान ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर एससी एसटी एक्ट को कमजोर न होने देने एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए सशक्त कानून बनाने की मांग की।
डॉ.आंबेडकर समाज विकास समिति के अध्यक्ष ललितकांत, महासचिव लाल बहादुर व राजकुमार ने राष्ट्रपति से दोनों सदनों का अधिवेशन बुलाकर न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार करने, एक्ट के मूल स्वरूप को बरकरार रखने, डा.आंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़ने वालों को गिरफ्तार कर रासुका लगाने की मांग की। इस मौके पर मनोज, परीक्षित, देवेंद्र, नीरज जौहरी, प्रेमपाल, जितेंद्र आदि उपस्थित थे।
संत रविदास जन्मोत्सव समारोह समिति ने भी राष्ट्रपति से दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन बुलाकर न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। इस मौके पर समिति अध्यक्ष एसपी सिंह, महामंत्री नीरज जौहरी, मनोज कुमार आदि उपस्थित थे।
महर्षि वाल्मीकि शक्तिदल की रंजीत ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में एससीएसटी एक्ट को कमजोर करने का प्रयास करने वाले मनुवादी विचार के लोगों के लिए प्रार्थना की गई। गुलशन दीवान ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है। इस मौके पर राहुल दीवान, प्रशांत, कालीचरन, राजेश मोहन, सुनील चंदेल, पिंटू आदि उपस्थित थे।
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प्रदर्शनकारी घंटाघर से हजारों की संख्या में झंडे, बैनर लेकर कलेक्ट्रेट की ओर आए थे। बीच रास्ते में आए भाजपा नेता की गाड़ी घेर ली तो एसएसपी की गाड़ी के सामने भी नारेबाजी से नहीं चूके। कुछ शरारती तत्वों ने कलेक्ट्रेट गेट पर लगे पोस्टर व बैनर भी फाड़ डाले। हालांकि साथ आए नेताओं के समझाने और मौके पर बड़ी संख्या पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी समेत अन्य अफसरों को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया। सभी जिलाधिकारी को बुलाने की जिद पर अड़ गए थे। कुछ देर बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी राजेश पांडेय ने ज्ञापन लिया।
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उन्होंने राष्ट्रपति से एससी एसटी कानून जस का तस रखने तथा संसद में इसका कानून बनाने की मांग की है। नेताओं ने एक्ट में संशोधन को दलित विरोधी ठहराते हुए इसे आरक्षण समाप्त करने की मोदी सरकार की साजिश ठहराया। यहां पर बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सिंह एड, उपाध्यक्ष ठा.सतेंद्र सिंह तोमर, महासचिव सुनील निगम, जोन इंचार्ज सूरज सिंह, जोन इंचार्ज महेश चौधरी, जोन इंचार्ज गजराज विमल, जोन इंचार्ज रणवीर सिंह कश्यप, यशपाल यादव, कुंवर बहादुर पिप्पल, लाल सिंह रस्तोगी, अभय कुमार बंटी, मनवीर सिंह गौतम, रंजीत, हरिकिशन, दिनेश आदि उपस्थित थे। सुबह दस बजे से दोपहर करीब एक बजे तक प्रदर्शन चला।
स्वतंत्र जनता राज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश माहौर ने एसएलओ को सौंपे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से एससी एसटी वर्ग पर पुन: अत्याचार और शोषण बढ़ जाएगा। सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रभावी कानून बनाए। इस मौके पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संतशरण माहौर, जिलाध्यक्ष रामगोपाल, महानगर अध्यक्ष रविशंकर माहौर, प्रमोद माहौर, प्रदीप कुमार, किशन माहौर, राजकुमार कोरी, रवि शंकर, सुनील, बंटी, तेजवीर सिंह, दयाशंकर, राजेंद्र, किशोरीलाल, मनोहर, गोपाल, प्रदीप सिंह आदि उपस्थित थे।
नगर सफाई मजदूर संघ के महामंत्री सुनील कुमार टुंडा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा है इस फैसले से दलितों का शोषण होगा। नगर सफाई मजदूर संघ इसी के विरोध में भारत बंद आंदोलन में शामिल हुआ है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मानिक लाल नागर, राहुल चेतन, महेंद्र राठौर, संविदा सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र दीवान, उत्तम उजैनवाल, महेश भोले, रवि विनोद, देवानंद, विशाल, अनिल व कैलाश उपस्थित थे।
श्री वाल्मीकि सेना उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आनंद शास्त्री वाल्मीकि, प्रदेश प्रवक्ता बिल्लू चौहान, शीलू चंदेल, प्रदीप भंडारी, बबलू कमल, मंडल अध्यक्ष बाबा मुंशी, प्रदेश महामंत्री प्रशांत वाल्मीकि, राधे धुरी, जिलाध्यक्ष नितिन चौहान ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि न्यायालय के निर्णय से एससी एसटी एक्ट कमजोर हो गया है।
अखिल भारतीय कोली कोरी समाज के बब्बे कुमार, गोपाल माहौर, जगदीश प्रसाद, नानकचंद, गोपाल, राजू, बंटी, कालीचरन, राजकुमार कोरी, हरीसिंह पहलवान ने कहा कि यदि बदलाव वापस नहीं हुआ तो दलित समाज सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेगा।
वाल्मीकि सद्भावना समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनोज फूल सिंह ने निर्णय को दलित समाज के साथ अन्याय बताया। कानून को चुनौती देने वाले जजों के खिलाफ महाअभियोग चलाना चाहिए। इस अवसर पर सचिन राज, मनीष जय वाल्मीकि, राकेश खन्ना, अमित चौहान, रोहित वाल्मीकि, गुड्डू बैंजी, रवि राजे, विष्णु खरे मौजूद थे।
भीम मित्र मंडल के संस्थापक सुरेंद्र कुमार, महासचिव रामगोपाल रैना व कार्यवाहक अध्यक्ष किशन चंदेल ने एससी एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में आयोजित राष्ट्रव्यापी आंदोलन को व्यापारियों द्वारा समर्थन न दिये जाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में व्यापार मंडलों के आंदोलनों का दलित व पिछड़े खुलेआम विरोध करेंगे।
अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद के जिलाध्यक्ष नरेश चौहान, प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप मैसी, मंडल अध्यक्ष गौरव चंदेल, प्रांतीय संयोजक मानिक लाल नागर, राजू सोल्जर, अरुण चौहान, होरीलाल, राजेश पथिक, रिषि चौहान ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर एससी एसटी एक्ट को कमजोर न होने देने एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए सशक्त कानून बनाने की मांग की।
डॉ.आंबेडकर समाज विकास समिति के अध्यक्ष ललितकांत, महासचिव लाल बहादुर व राजकुमार ने राष्ट्रपति से दोनों सदनों का अधिवेशन बुलाकर न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार करने, एक्ट के मूल स्वरूप को बरकरार रखने, डा.आंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़ने वालों को गिरफ्तार कर रासुका लगाने की मांग की। इस मौके पर मनोज, परीक्षित, देवेंद्र, नीरज जौहरी, प्रेमपाल, जितेंद्र आदि उपस्थित थे।
संत रविदास जन्मोत्सव समारोह समिति ने भी राष्ट्रपति से दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन बुलाकर न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। इस मौके पर समिति अध्यक्ष एसपी सिंह, महामंत्री नीरज जौहरी, मनोज कुमार आदि उपस्थित थे।
महर्षि वाल्मीकि शक्तिदल की रंजीत ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में एससीएसटी एक्ट को कमजोर करने का प्रयास करने वाले मनुवादी विचार के लोगों के लिए प्रार्थना की गई। गुलशन दीवान ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है। इस मौके पर राहुल दीवान, प्रशांत, कालीचरन, राजेश मोहन, सुनील चंदेल, पिंटू आदि उपस्थित थे।