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एएमयू बवाल ः न्याियक आयोग ने 31 जनवरी तक मांगे साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 22 Dec 2016 01:44 AM IST
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एएमयू में 23/24 अप्रैल की रात हुए हिंसक बवाल की जांच आठ माह बाद विधिवत शुरू हो चुकी है। इस मामले में न्यायिक जांच और मजिस्ट्रेटी जांच की घोषणा की गई थ्ाी। न्यायिक जांच शुरू करते हुए जांच अधिकारी ने पब्लिक नोटिस जारी कर 31 जनवरी तक साक्ष्य मांगे हैं। उधर मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे एडीएम प्रशासन को अभी बयान भी नहीं मिले हैं। वह भी अपनी ओर से पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी कर बयान दर्ज कराने को बुलाएंगे।
न्यायिक जांच की शुरुआत करते हुए एएमयू द्वारा जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया है कि इस मामले से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी लिखित में भी दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त फोटो, वीडियो क्लिपिंग यदि हो तो वह भी जांच अधिकारी को सौंप सकते हैं।
इस मामले की जानकारी देने वाले लोगों का नाम गुप्त रखा जाएगा। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि न्यायमूर्ति मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा जनवरी में एएमयू आएंगे। बता दें कि एएमयू में दो छात्र गुटों के बीच भिड़ंत में प्रॉक्टर आफिस पर एएमयू के गाजीपुर निवासी पूर्व छात्र मेहताब आलम व सरसैयद नगर निवासी मोहम्मद वाकिफ की हत्या कर दी गई थी।
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इसके बाद जमकर फायरिंग व आगजनी में प्रॉक्टर ऑफिस, डीएसडब्लू कार्यालय व गेस्ट हाउस नंबर 2 को आग के हवाले कर दिया था। गत दिनों न्यायमूर्ति मुर्तजा स्वयं एएमयू में आए थे। उसके बाद से जांच शुरू कर दी गई है। पब्लिक नोटिस में जांच अधिकारी का मोबाइल नंबर भी दिया गया है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
जेल गए आरोपियों पर लगी चार्जशीट, तीन अभी भी फरार
इस बवाल हत्याकांड, आगजनी, तोड़फोड़ आदि में कुल 13 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनकी बाकायदा एक एसआईटी गठित कर एसपी क्राइम के नेतृत्व में जांच कराई गई थी। इस एसआईटी का हिस्सा रहे सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि हत्याकांड, आगजनी आदि के 13 मुकदमों में डेढ़ दर्जन के करीब छात्र, पूर्व छात्र व कुछ बाहरी नामजद थे।
इनमें से एक दर्जन से अधिक जेल चले गए, जबकि आमिर चौधरी, शेखू व एक अन्य अभी फरार चल रहे हैं। जो लोग जेल चले गए हैं, उनके खिलाफ सभी मुकदमों में चार्जशीट अदालत में दायर करा दी गई है। बाकी तीनों फरारों के खिलाफ अभी विवेचना प्रचलित है। उनके खिलाफ अदालत से कुर्की नोटिस जारी हो चुके हैं।
अब फिर से कुर्की नोटिस जारी कराया जाना भी तैयारी में है। फिर भी यह हाजिर न हुए तो इनाम आदि की कार्रवाई होगी। बाकी विवेचना का काम पूरा है। प्रशासनिक जांच में भी सभी बयान दिए जा चुके हैं।
मजिस्ट्रेटी जांच के संदर्भ मेरे मेरे स्तर से जांच की जा रही है। अभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इनके बयान दर्ज करने के बाद ही मैं अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को भेजूंगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है, जल्द ही उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
-आरएन शर्मा, एडीएम ई
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न्यायिक जांच की शुरुआत करते हुए एएमयू द्वारा जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया है कि इस मामले से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी लिखित में भी दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त फोटो, वीडियो क्लिपिंग यदि हो तो वह भी जांच अधिकारी को सौंप सकते हैं।
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इस मामले की जानकारी देने वाले लोगों का नाम गुप्त रखा जाएगा। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि न्यायमूर्ति मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा जनवरी में एएमयू आएंगे। बता दें कि एएमयू में दो छात्र गुटों के बीच भिड़ंत में प्रॉक्टर आफिस पर एएमयू के गाजीपुर निवासी पूर्व छात्र मेहताब आलम व सरसैयद नगर निवासी मोहम्मद वाकिफ की हत्या कर दी गई थी।
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इसके बाद जमकर फायरिंग व आगजनी में प्रॉक्टर ऑफिस, डीएसडब्लू कार्यालय व गेस्ट हाउस नंबर 2 को आग के हवाले कर दिया था। गत दिनों न्यायमूर्ति मुर्तजा स्वयं एएमयू में आए थे। उसके बाद से जांच शुरू कर दी गई है। पब्लिक नोटिस में जांच अधिकारी का मोबाइल नंबर भी दिया गया है ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
जेल गए आरोपियों पर लगी चार्जशीट, तीन अभी भी फरार
इस बवाल हत्याकांड, आगजनी, तोड़फोड़ आदि में कुल 13 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनकी बाकायदा एक एसआईटी गठित कर एसपी क्राइम के नेतृत्व में जांच कराई गई थी। इस एसआईटी का हिस्सा रहे सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि हत्याकांड, आगजनी आदि के 13 मुकदमों में डेढ़ दर्जन के करीब छात्र, पूर्व छात्र व कुछ बाहरी नामजद थे।
इनमें से एक दर्जन से अधिक जेल चले गए, जबकि आमिर चौधरी, शेखू व एक अन्य अभी फरार चल रहे हैं। जो लोग जेल चले गए हैं, उनके खिलाफ सभी मुकदमों में चार्जशीट अदालत में दायर करा दी गई है। बाकी तीनों फरारों के खिलाफ अभी विवेचना प्रचलित है। उनके खिलाफ अदालत से कुर्की नोटिस जारी हो चुके हैं।
अब फिर से कुर्की नोटिस जारी कराया जाना भी तैयारी में है। फिर भी यह हाजिर न हुए तो इनाम आदि की कार्रवाई होगी। बाकी विवेचना का काम पूरा है। प्रशासनिक जांच में भी सभी बयान दिए जा चुके हैं।
मजिस्ट्रेटी जांच के संदर्भ मेरे मेरे स्तर से जांच की जा रही है। अभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। इनके बयान दर्ज करने के बाद ही मैं अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को भेजूंगा। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है, जल्द ही उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
-आरएन शर्मा, एडीएम ई