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अलीगढ़ः झूठा पाया गया भाजपा नेता का मुकदमा, खारिज
Sun, 23 Jan 2022 12:45 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 23 Jan 2022 12:45 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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बिजौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुत्र व भाजपा नेता महेश सिंह द्वारा रुपयों की देनदारी से जुड़े विवाद में अतरौली के नामी कॉलेज प्रबंधक व परिवार पर लगाया गया आरोप न्यायालय में झूठा साबित हुआ है। न्यायालय ने भाजपा नेता की अर्जी को कॉलेज प्रबंधक परिवार के साक्ष्यों के आगे खारिज कर दिया है। बता दें कि भाजपा नेता के खिलाफ देनदारी विवाद में न्यायालय से समन जारी हुए थे। इसी क्रम में उन्होंने यह अर्जी मुकदमा दर्ज कराने के लिए दायर की थी।
बिजौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुत्र व भाजपा नेता महेश सिंह की ओर से अतरौली नहल के महाविद्यालय प्रबंधक शैलेंद्र सिंह व उनके परिवार के खिलाफ एडीजे-एससीएसटी एक्ट विशेष न्यायालय में यह अर्जी दायर की कि उनकी चेकबुक 2018 में कहीं गिर गई थी। जिसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। अब उन्हें समाचार पत्रों के जरिये पता चला कि उनके खिलाफ शैलेंद्र सिंह की चेक बाउंस अर्जी पर न्यायालय से समन जारी हुआ है। ये सब फर्जी हस्ताक्षर कर उसकी गिरी हुई चेकबुक से चेक का दुरुपयोग कर किया गया है
। इसे लेकर 30 नवंबर को शैलेंद्र सिंह के भाई से शिकायत की तो उन्होंने अभद्रता करते हुए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस मामले में थाने में एसएसपी के यहां शिकायत पर सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। जिसमें मुकदमे का अनुरोध किया गया। इस पर अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की, जिसमें बचाव पक्ष की ओर से रुपये उधार लेने संबंधी साक्ष्य के साथ यह भी बताया कि न्यायालय से जारी समन के खिलाफ हाईकोर्ट तक महेश गए थे। वहां से राहत न मिलने पर यह मिथ्या आरोप लगाया है। न्यायालय ने इस आधार पर महेश की अर्जी को झूठा साबित पाते हुए खारिज कर दिया है।
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बिजौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुत्र व भाजपा नेता महेश सिंह की ओर से अतरौली नहल के महाविद्यालय प्रबंधक शैलेंद्र सिंह व उनके परिवार के खिलाफ एडीजे-एससीएसटी एक्ट विशेष न्यायालय में यह अर्जी दायर की कि उनकी चेकबुक 2018 में कहीं गिर गई थी। जिसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। अब उन्हें समाचार पत्रों के जरिये पता चला कि उनके खिलाफ शैलेंद्र सिंह की चेक बाउंस अर्जी पर न्यायालय से समन जारी हुआ है। ये सब फर्जी हस्ताक्षर कर उसकी गिरी हुई चेकबुक से चेक का दुरुपयोग कर किया गया है
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। इसे लेकर 30 नवंबर को शैलेंद्र सिंह के भाई से शिकायत की तो उन्होंने अभद्रता करते हुए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस मामले में थाने में एसएसपी के यहां शिकायत पर सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। जिसमें मुकदमे का अनुरोध किया गया। इस पर अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की, जिसमें बचाव पक्ष की ओर से रुपये उधार लेने संबंधी साक्ष्य के साथ यह भी बताया कि न्यायालय से जारी समन के खिलाफ हाईकोर्ट तक महेश गए थे। वहां से राहत न मिलने पर यह मिथ्या आरोप लगाया है। न्यायालय ने इस आधार पर महेश की अर्जी को झूठा साबित पाते हुए खारिज कर दिया है।
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