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हिस्ट्रीशीटर रॉबी पर हमला, बाजू में लगी गोली
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:40 AM IST
गोली से घायल संजीव उर्फ रोबी।
- फोटो : amar ujala
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पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में आरोपी इलाके के हिस्ट्रीशीटर पुत्र संजीव उर्फ रॉबी को रविवार दोपहर गांव कलाई में एक बार फिर गोली मारी गई। यह हमला उस समय हुआ, जब रॉबी अपने घेर में बैठा था। इस दौरान हुई तीन-चार राउंड फायरिंग में एक गोली रॉबी के दायें बाजू में जा लगी। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन परिजनों ने घायल को क्वार्सी के ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज जारी है। इस हमले के बाद इलाके की चर्चित रॉबी-कालू के बीच चली आ रही रंजिश एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। रॉबी के प्रधान पिता भूपेंद्र सिंह एडवोकेट ने इस हमले की साजिश का आरोप जेल में निरुद्ध कालू पर लगाते हुए छह नामजदों पर मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस इस घटना को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है।
संजीव उर्फ रॉबी केे पिता गांव कलाई के प्रधान भूपेन्द्र सिंह एडवोकेट के अनुसार रविवार दोपहर करीब साढे़ तीन बजे रॉबी घेर में बैठा हुआ था, तभी हमलावर घुस आए और घेर में 20 मीटर अंदर घुसकर उन्होंने रॉबी को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर खुद उन्होंने चबूतरे से गोली की आवाज सुनी और शोर मचाया तो पीछे से ग्वालरा निवासी योगेश आदि काफी लोग आ गए।
उन्हें देखकर आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। गोली रॉबी के बाजू में लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। उसे ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इस संबंध में पिता ने गांव के कुशबाबू उर्फ पप्पी पुत्र गुलवीर, उसका भतीजा विक्रांत उर्फ गोल्डी, पड़ोसी गांव ग्वालरा के पूर्व प्रधान रवि प्रताप उर्फ विंका पुत्र रामबहादुर के अलावा गौरव उर्फ घपलू, राजू पुत्रगण बलवीर सिंह एडवोकेट मूल निवासी उसरह टप्पल हाल निवासी प्रिंस नगर कॉलोनी बन्नादेवी को नामजद करते हुए कहा है कि यह हमला जेल में निरुद्ध गांव के ही राघवेंद्र सिंह उर्फ कालू ने साजिश रचकर कराया है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि कुशबाबू उनके सामने चुनाव लड़े थे। इसी रंजिश में चुनाव से ऐन पहले 18 नवंबर 2015 कोे भी रॉबी को गांव में गोली मारी गई थी। इस बार भी इसी रंजिश में कालू ने साजिश रचकर यह हमला कराया है।
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-रॉबी के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मगर प्रथम दृष्टया जांच में घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। अब जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जांच के नजरिये से पहले नामजदों की लोकेशन ट्रैस की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। रॉबी पर थाने के रिकार्ड में हत्या आदि के कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं और हिस्ट्रीशीटर 32-ए भी खुली हुई है।
-डॉ.विनोद सिंह एसओ हरदुआगंज
एक पूर्व विधायक से रॉबी को सियासी दबाव का अंदेशा
ट्रामा सेंटर में भर्ती रॉबी ने मीडिया से बातचीत में यह बताया कि उस पर हमला किस किस ने किया। उसने खुद पर हमले में शरद गोस्वामी व जीतू चौधरी हत्याकांड में जेल गए पलवल हरियाणा के शूटर देवेंद्र उर्फ बेबी का भी नाम लिया। यह भी कहा कि इन हमलावरों को जिले के कुछ दिग्गज राजनीतिक लोग संरक्षण दे रहे हैं। उनमें एक पूर्व विधायक का नाम भी रॉबी ने अपनी जुबां से लिया है। यहां तक कहा है कि यह पूर्व विधायक पहले भी इन हमलावरों को संरक्षण देते रहे हैं। आगे भी यह उनके मुकदमे को सियासी दबाव बनाकर खराब करा सकते हैं।
अधिवक्ता बलवीर ने बताई सजा से बचने की साजिश
इस हमले को लेकर अधिवक्ता बलवीर सिंह का कहना है कि पुलिस को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी होगी। यह मुकदमा सरासर झूठा दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि सभी जानते हैं कि संजीव रॉबी वर्ष 2002 में डीएस डिग्री कॉलेज कैंपस में हुई मेरे बेटे संजीव चौधरी की हत्या में आरोपी है। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय के न्यायालय में विचाराधीन है और उसका ट्रायल अंतिम दौर में है, निर्णय जल्द ही आने वाला है। अदालत में सभी आरोपियों पर सख्त गवाहियां हुई हैं और रॉबी द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बाद भी आज तक वह खुद को बचाने में सफल साबित नहीं हुआ है। इसी के बचाव में दबाव बनाने के लिए खुद पर हमले की झूठी साजिश रचकर मेरे बेटों को नामजद कराया गया है, जबकि मैं परिवार के साथ सुबह से गांव में हूं। मेरे परिवार के एक बच्चे को किडनी की परेशानी हुई है। उसी सिलसिले में हम गांव में हैं। पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि इस मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराएं।
इस तरह रॉबी-कालू की दोस्ती बदली दुश्मनी में
यह जगजाहिर है कि कलाई गांव के ही सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह कालू व रॉबी किसी जमाने में दोस्त हुआ करते थे। दोनों साथ पढ़ते-पढ़ते एडवोकेट बलवीर सिंह के बेटे संजीव की हत्या में आरोपी बने और फिर दबंगई के क्षेत्र में आगे बढ़े। मगर एकाएक करीब एक ़दशक पहले दोनों में दूरियां हुईं और अब दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं। कई साल पहले कालू पर जब हमला हुआ उस समय रॉबी का नाम चर्चाओं में आया। मगर पुलिस आज तक इस हमले का खुलासा न कर सकी। पिछले दिनों पकड़े गए सोनू गौतम गैंग के सदस्य लुटेरे नितिन शर्मा माया ने स्वीकारा कि उन्होंने सोनू के कहने पर कालू पर हमला किया था। चूंकि सोनू व रॉबी दोनों मलखान सिंह हत्याकांड में आरोपी हैं। इसलिए यह तार इस तरह पुलिस ने जोड़ा कि साथी सोनू की मदद से रॉबी ने हमला कराया होगा। इसके बाद 18 नवंबर 2015 में चुनाव से ऐन पहले रॉबी पर हमले में कालू को साजिश का आरोपी बनाया गया। हालांकि उसमें कालू यह कहते रहे कि घटना के समय वह लखनऊ में पार्टी की मीटिंग में थे। अब यह घटना हुई तो इसमें भी कालू को साजिश का आरोपी बनाया गया है। बता दें कि कालू रामघाट रोड के बाइकर्स अपने ही गांव के जीतू चौधरी की हत्या में जेल में है। कहा जाता है कि जीतू रॉबी का ही समर्थक था और कालू के सामने जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। इसलिए जीतू की हत्या की गई।
संजीव उर्फ रॉबी केे पिता गांव कलाई के प्रधान भूपेन्द्र सिंह एडवोकेट के अनुसार रविवार दोपहर करीब साढे़ तीन बजे रॉबी घेर में बैठा हुआ था, तभी हमलावर घुस आए और घेर में 20 मीटर अंदर घुसकर उन्होंने रॉबी को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर खुद उन्होंने चबूतरे से गोली की आवाज सुनी और शोर मचाया तो पीछे से ग्वालरा निवासी योगेश आदि काफी लोग आ गए।
उन्हें देखकर आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। गोली रॉबी के बाजू में लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। उसे ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इस संबंध में पिता ने गांव के कुशबाबू उर्फ पप्पी पुत्र गुलवीर, उसका भतीजा विक्रांत उर्फ गोल्डी, पड़ोसी गांव ग्वालरा के पूर्व प्रधान रवि प्रताप उर्फ विंका पुत्र रामबहादुर के अलावा गौरव उर्फ घपलू, राजू पुत्रगण बलवीर सिंह एडवोकेट मूल निवासी उसरह टप्पल हाल निवासी प्रिंस नगर कॉलोनी बन्नादेवी को नामजद करते हुए कहा है कि यह हमला जेल में निरुद्ध गांव के ही राघवेंद्र सिंह उर्फ कालू ने साजिश रचकर कराया है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि कुशबाबू उनके सामने चुनाव लड़े थे। इसी रंजिश में चुनाव से ऐन पहले 18 नवंबर 2015 कोे भी रॉबी को गांव में गोली मारी गई थी। इस बार भी इसी रंजिश में कालू ने साजिश रचकर यह हमला कराया है।
-रॉबी के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मगर प्रथम दृष्टया जांच में घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। अब जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जांच के नजरिये से पहले नामजदों की लोकेशन ट्रैस की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। रॉबी पर थाने के रिकार्ड में हत्या आदि के कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं और हिस्ट्रीशीटर 32-ए भी खुली हुई है।
-डॉ.विनोद सिंह एसओ हरदुआगंज
एक पूर्व विधायक से रॉबी को सियासी दबाव का अंदेशा
ट्रामा सेंटर में भर्ती रॉबी ने मीडिया से बातचीत में यह बताया कि उस पर हमला किस किस ने किया। उसने खुद पर हमले में शरद गोस्वामी व जीतू चौधरी हत्याकांड में जेल गए पलवल हरियाणा के शूटर देवेंद्र उर्फ बेबी का भी नाम लिया। यह भी कहा कि इन हमलावरों को जिले के कुछ दिग्गज राजनीतिक लोग संरक्षण दे रहे हैं। उनमें एक पूर्व विधायक का नाम भी रॉबी ने अपनी जुबां से लिया है। यहां तक कहा है कि यह पूर्व विधायक पहले भी इन हमलावरों को संरक्षण देते रहे हैं। आगे भी यह उनके मुकदमे को सियासी दबाव बनाकर खराब करा सकते हैं।
अधिवक्ता बलवीर ने बताई सजा से बचने की साजिश
इस हमले को लेकर अधिवक्ता बलवीर सिंह का कहना है कि पुलिस को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी होगी। यह मुकदमा सरासर झूठा दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि सभी जानते हैं कि संजीव रॉबी वर्ष 2002 में डीएस डिग्री कॉलेज कैंपस में हुई मेरे बेटे संजीव चौधरी की हत्या में आरोपी है। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय के न्यायालय में विचाराधीन है और उसका ट्रायल अंतिम दौर में है, निर्णय जल्द ही आने वाला है। अदालत में सभी आरोपियों पर सख्त गवाहियां हुई हैं और रॉबी द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बाद भी आज तक वह खुद को बचाने में सफल साबित नहीं हुआ है। इसी के बचाव में दबाव बनाने के लिए खुद पर हमले की झूठी साजिश रचकर मेरे बेटों को नामजद कराया गया है, जबकि मैं परिवार के साथ सुबह से गांव में हूं। मेरे परिवार के एक बच्चे को किडनी की परेशानी हुई है। उसी सिलसिले में हम गांव में हैं। पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि इस मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराएं।
इस तरह रॉबी-कालू की दोस्ती बदली दुश्मनी में
यह जगजाहिर है कि कलाई गांव के ही सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह कालू व रॉबी किसी जमाने में दोस्त हुआ करते थे। दोनों साथ पढ़ते-पढ़ते एडवोकेट बलवीर सिंह के बेटे संजीव की हत्या में आरोपी बने और फिर दबंगई के क्षेत्र में आगे बढ़े। मगर एकाएक करीब एक ़दशक पहले दोनों में दूरियां हुईं और अब दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं। कई साल पहले कालू पर जब हमला हुआ उस समय रॉबी का नाम चर्चाओं में आया। मगर पुलिस आज तक इस हमले का खुलासा न कर सकी। पिछले दिनों पकड़े गए सोनू गौतम गैंग के सदस्य लुटेरे नितिन शर्मा माया ने स्वीकारा कि उन्होंने सोनू के कहने पर कालू पर हमला किया था। चूंकि सोनू व रॉबी दोनों मलखान सिंह हत्याकांड में आरोपी हैं। इसलिए यह तार इस तरह पुलिस ने जोड़ा कि साथी सोनू की मदद से रॉबी ने हमला कराया होगा। इसके बाद 18 नवंबर 2015 में चुनाव से ऐन पहले रॉबी पर हमले में कालू को साजिश का आरोपी बनाया गया। हालांकि उसमें कालू यह कहते रहे कि घटना के समय वह लखनऊ में पार्टी की मीटिंग में थे। अब यह घटना हुई तो इसमें भी कालू को साजिश का आरोपी बनाया गया है। बता दें कि कालू रामघाट रोड के बाइकर्स अपने ही गांव के जीतू चौधरी की हत्या में जेल में है। कहा जाता है कि जीतू रॉबी का ही समर्थक था और कालू के सामने जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। इसलिए जीतू की हत्या की गई।