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छल्ला फैक्ट्री में धमाका--फॉलोअप
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के देहली गेट क्षेत्र में शाहजमाल, एडीए की आवासीय कालोनी स्थित छोटे क्वार्टर में संचालित लोहे के छल्ले बनाने की फैक्ट्री में हुए धमाके में घायल बंटी पुत्र नत्थू निवासी नीवरी मोड़ ने शनिवार तड़के उपचार के दौरान निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बंटी की मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। बंटी तीन भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ा था।
उसके पिता नत्थू ने बताया कि बंटी पर भाई-बहनों के साथ ही अपने तीन बच्चों और पत्नी आसमां की भी जिम्मेदारी थी। पति की मौत के बाद से आसमां सदमे से उबर नहीं पा रही है।
इधर, अस्पताल में मौत के बाद पुलिस ने बंटी के शव को पोस्टमार्टम भिजवाया। यहां से दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। देर शाम परिजनों ने उसके शव को सुपुर्द-ए-खाक किया।
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बता दें कि गत गुरुवार दोपहर बैल्डिंग सिलिंडर और घरेलू गैस सिलिंडर फटने से फैक्ट्री में हादसा हुआ था। इसमें फैक्ट्री में मौजूद अलतम (7) पुत्र रफीक और उसका भाई शाहबाज (15) निवासी शाहजमाल, सहित बंटी पुत्र नत्थू निवासी नीवरी मोड़ गंभीर घायल हो गए थे।
वहीं, राशिद (14) पुत्र बदरुद्दीन नीवरी मोड़, सैफी (20) पुत्र शाकिर निवासी मामूद नगर की मौके पर मौत हो गई थी।
अलतम को होश आया मगर आंखें अभी भी बंद
हादसे में घायल हुए अलतम और उसके भाई शाहबाज की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज मेें दोनों का उपचार चल रहा है। हादसे में शाहबाज के शरीर से एक हाथ और एक पैर उखड़ कर अलग हो गए।
वह अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। इधर, मासूम अलतम को होश तो आ गया है। मगर, वह आंखें नहीं खोल पा रहा है। परिवार भी इस सदमे से उबर नहीं पा रहा है।
भाई को खाना देने फैक्ट्री गया था अलतम
सात वर्षीय मासूम अलतम अपने भाई शाहबाज को फैक्ट्री में खाना देने गया था। अलमत के पिता रफीक उर्फ बबुआ ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। मगर, गले में कैंसर होने के बाद नियमित तौर पर मजदूरी को नहीं जा पाते हैं।
शाहबाज ही परिवार को चलाता था। उसके कंधों पर तीन बहनों की शादी की भी जिम्मेदारी थी। अलतम उससे बहुत प्यार करता है। मां के कहने पर हादसे वाले दिन भाई को खाना देने के लिए फैक्ट्री गया था। शाहबाज ने उसे अपने साथ ही बैठा लिया था। दोनों के लिए वो घड़ी काल बनकर आई।
फैक्ट्री संचालक फरार, पुलिस कर रही तलाश
हादसे के बाद से फैक्ट्री संचालक निसार फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। रात के समय घर पर दबिश भी दी जा रही है। साथ ही उसके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है।
इधर, शुक्रवार को उसका परिवार भी शाहजमाल, एडीए कालोनी से अपना घर छोड़कर किसी रिश्तेदार के यहां चला गया है। सूचना है कि निसार शहर को छोड़कर चला गया है और दिल्ली में ठहरा हुआ है।
हालांकि पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस के अनुसार निसार की तलाश जारी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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महानगर के देहली गेट क्षेत्र में शाहजमाल, एडीए की आवासीय कालोनी स्थित छोटे क्वार्टर में संचालित लोहे के छल्ले बनाने की फैक्ट्री में हुए धमाके में घायल बंटी पुत्र नत्थू निवासी नीवरी मोड़ ने शनिवार तड़के उपचार के दौरान निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बंटी की मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। बंटी तीन भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ा था।
उसके पिता नत्थू ने बताया कि बंटी पर भाई-बहनों के साथ ही अपने तीन बच्चों और पत्नी आसमां की भी जिम्मेदारी थी। पति की मौत के बाद से आसमां सदमे से उबर नहीं पा रही है।
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इधर, अस्पताल में मौत के बाद पुलिस ने बंटी के शव को पोस्टमार्टम भिजवाया। यहां से दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। देर शाम परिजनों ने उसके शव को सुपुर्द-ए-खाक किया।
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बता दें कि गत गुरुवार दोपहर बैल्डिंग सिलिंडर और घरेलू गैस सिलिंडर फटने से फैक्ट्री में हादसा हुआ था। इसमें फैक्ट्री में मौजूद अलतम (7) पुत्र रफीक और उसका भाई शाहबाज (15) निवासी शाहजमाल, सहित बंटी पुत्र नत्थू निवासी नीवरी मोड़ गंभीर घायल हो गए थे।
वहीं, राशिद (14) पुत्र बदरुद्दीन नीवरी मोड़, सैफी (20) पुत्र शाकिर निवासी मामूद नगर की मौके पर मौत हो गई थी।
अलतम को होश आया मगर आंखें अभी भी बंद
हादसे में घायल हुए अलतम और उसके भाई शाहबाज की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज मेें दोनों का उपचार चल रहा है। हादसे में शाहबाज के शरीर से एक हाथ और एक पैर उखड़ कर अलग हो गए।
वह अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। इधर, मासूम अलतम को होश तो आ गया है। मगर, वह आंखें नहीं खोल पा रहा है। परिवार भी इस सदमे से उबर नहीं पा रहा है।
भाई को खाना देने फैक्ट्री गया था अलतम
सात वर्षीय मासूम अलतम अपने भाई शाहबाज को फैक्ट्री में खाना देने गया था। अलमत के पिता रफीक उर्फ बबुआ ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। मगर, गले में कैंसर होने के बाद नियमित तौर पर मजदूरी को नहीं जा पाते हैं।
शाहबाज ही परिवार को चलाता था। उसके कंधों पर तीन बहनों की शादी की भी जिम्मेदारी थी। अलतम उससे बहुत प्यार करता है। मां के कहने पर हादसे वाले दिन भाई को खाना देने के लिए फैक्ट्री गया था। शाहबाज ने उसे अपने साथ ही बैठा लिया था। दोनों के लिए वो घड़ी काल बनकर आई।
फैक्ट्री संचालक फरार, पुलिस कर रही तलाश
हादसे के बाद से फैक्ट्री संचालक निसार फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। रात के समय घर पर दबिश भी दी जा रही है। साथ ही उसके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है।
इधर, शुक्रवार को उसका परिवार भी शाहजमाल, एडीए कालोनी से अपना घर छोड़कर किसी रिश्तेदार के यहां चला गया है। सूचना है कि निसार शहर को छोड़कर चला गया है और दिल्ली में ठहरा हुआ है।
हालांकि पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस के अनुसार निसार की तलाश जारी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।