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इंडियन मुजाह्दिदीन का आतंक पकड़ा
Updated Tue, 23 Jan 2018 02:32 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मन्नान वानी प्रकरण के बाद अब अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर की गिरफ्तारी से एक बार फिर अलीगढ़ का आतंकी कनेक्शन जाहिर हुआ है।
दिल्ली में गिरफ्तार किए गए देश के लादेन कहे जाने वाले इंडियन मुजाहिदीन के इस आतंकी बिहार के रास्ते नेपाल भागते वक्त अलीगढ़ रुकने और रामपुर के कुछ लोगों से मुलाकात करने के इनपुट मिले थे।
मगर तमाम प्रयास के बाद भी इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। चूंकि सुभान सिमी और आईएम के सदस्यों को चयनित करने वालों में अहम भूमिका में था, इसलिए भी इसकी गिरफ्तारी अलीगढ़ से जुड़ी हुई है।
यूपी एटीएस ने इसके अलीगढ़ कनेक्शन पर काम शुरू कर दिया है। यह एक महीने में दूसरा ऐसा मौका है, जिसमें अलीगढ़ का नाम अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ रहा है।
सिमी की स्थापना 40 साल पहले अलीगढ़ के शमशाद मार्केट में हुई थी। अब्दुल सुभान कुरैशी के बारे में बताया जाता है कि अलीगढ़ में इसके स्लीपिंग मॉड्यूल को चेक किया जा रहा है।
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साथ ही पुलिस इसके यहां पर संपर्कों को भी तलाश कर रही है। अलीगढ़ में रुकने की जानकारी होने के बाद अब खुफिया एजेंसियां कुरैशी के अलीगढ़ में रुकने के उस समय मिले उस इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
उस समय उसके अलीगढ़ में रुकने और रामपुर के कुछ लोगों से मिलने की जानकारी हुई थी। जिसके बाद खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गई थीं।
उसके आतंक का खौफ इस कदर था अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को भारत का बिन लादेन भी कहा जाता है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पेशे से इंजीनियर इस आतंकी को बम बनाने में महारत हासिल है। उसने कई बार देश में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया।
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मन्नान वानी प्रकरण के बाद अब अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर की गिरफ्तारी से एक बार फिर अलीगढ़ का आतंकी कनेक्शन जाहिर हुआ है।
दिल्ली में गिरफ्तार किए गए देश के लादेन कहे जाने वाले इंडियन मुजाहिदीन के इस आतंकी बिहार के रास्ते नेपाल भागते वक्त अलीगढ़ रुकने और रामपुर के कुछ लोगों से मुलाकात करने के इनपुट मिले थे।
मगर तमाम प्रयास के बाद भी इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। चूंकि सुभान सिमी और आईएम के सदस्यों को चयनित करने वालों में अहम भूमिका में था, इसलिए भी इसकी गिरफ्तारी अलीगढ़ से जुड़ी हुई है।
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यूपी एटीएस ने इसके अलीगढ़ कनेक्शन पर काम शुरू कर दिया है। यह एक महीने में दूसरा ऐसा मौका है, जिसमें अलीगढ़ का नाम अप्रत्यक्ष रूप से सामने आ रहा है।
सिमी की स्थापना 40 साल पहले अलीगढ़ के शमशाद मार्केट में हुई थी। अब्दुल सुभान कुरैशी के बारे में बताया जाता है कि अलीगढ़ में इसके स्लीपिंग मॉड्यूल को चेक किया जा रहा है।
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साथ ही पुलिस इसके यहां पर संपर्कों को भी तलाश कर रही है। अलीगढ़ में रुकने की जानकारी होने के बाद अब खुफिया एजेंसियां कुरैशी के अलीगढ़ में रुकने के उस समय मिले उस इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
उस समय उसके अलीगढ़ में रुकने और रामपुर के कुछ लोगों से मिलने की जानकारी हुई थी। जिसके बाद खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गई थीं।
उसके आतंक का खौफ इस कदर था अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को भारत का बिन लादेन भी कहा जाता है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पेशे से इंजीनियर इस आतंकी को बम बनाने में महारत हासिल है। उसने कई बार देश में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया।