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डकैती के बचाव का हथियार तो नहीं हिंजाम का मुकदमा

Wed, 13 Jun 2018 01:40 AM IST
Updated Wed, 13 Jun 2018 01:40 AM IST
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डकैती के बचाव का हथियार तो नहीं हिंजाम का मुकदमा
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
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हिंदू जागरण मंच के वर्तमान नेता जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय थे, तब नवंबर 2013 में रिलीज हुई फिल्म रामलीला का विरोध देश भर में हो रहा था।

इसी विरोध के क्रम में यहां मीनाक्षी सिनेमाघर के पर्दे में आगजनी, तोड़फोड़ हुई थी। जिसमें संजू बजाज, सौरभ चौधरी और निखिल माहेश्वरी पर डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था।
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अब इस मुकदमे का ट्रायल अंतिम दौर में है और गवाही चल रही है। बुधवार को भी गवाही की तारीख है। तमाम प्रयास के बाद भी समझौते के आसार नहीं बन रहे हैं।

माना जा रहा है कि हिंदू जागरण मंच के इन नेताओं का इस मुकदमे में सिनेमाघर प्रबंधक की गिरफ्तारी का दबाव डकैती से बचने का हथियार है। यही वजह है कि पुलिस पर भ्रष्टाचार तक के आरोप मढ़े जा रहे हैं और सीधे-सीधे कहा जा रहा है कि पुलिस ने भ्रष्टाचार के दम पर सिनेमाघर प्रबंधक से फायरिंग की धारा हटा दी है।
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हालांकि मंगलवार को उनकी बाजी उल्टी पड़ गई। यही वजह है कि अभी संगठन के लोगों ने भी मामले में चुप्पी साध रखी है। सत्ताधारी नेताओं से भी इन्हें मदद नहीं मिलती दिख रही है।

बड़े हंगामे का था खुफिया इनपुट, तैयार थी पुलिस
हिंदू जागरण मंच द्वारा धरने की आड़ में एसएसपी दफ्तर पर बड़ा हंगामा किया जा सकता है, इस बात का पुलिस के पास खुफिया इनपुट था। शायद यही वजह रही कि जब हिंदू जागरण मंच की ओर से धरने की घोषणा की गई तो सुबह दिन निकलने के बाद से ही पुलिस अधिकारी इस प्रयास में लग गए कि किसी भी तरह धरना न हो।

बात को जहां का तहां शांत किया जाए। इसके लिए बाकायदा सत्ता संगठन से जुड़े तमाम बड़े व छोटे नेताओं की सिफारिशें तक लगवाई गईं। इन नेताओं के स्तर से हिंजामं कार्यकर्ताओं को समझाया गया कि वह बेवजह किसी तरह का हंगामा खड़ा न करें। दोपहर तक चले प्रयास के बाद भी जब वह नहीं माने तो पुलिस एसएसपी दफ्तर पर तैयार हो गई। हिंजामं कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद यहां काफी संख्या में पुलिस, पीएसी, स्वाट आदि को तैनात रखा गया। जब यह लोग पार्क में धरने पर बैठ गए तो माना गया कि अब हंगामा नहीं होगा।

कुछ घंटे धरना देकर चले जाएंगे। मगर दोपहर में अचानक यह जब गेट पर आ गए तो अधिकारियों से चर्चा हुई। किसी भी तरह से यह लोग मानने को तैयार नहीं है। तब पुलिस को यह कदम उठाना पड़ा। वरना सुबह से वार्ता के क्रम में यह किसी भी स्तर पर मानने को तैयार नहीं हुए थे।

बिना अनुमति धरने पर भी खड़े हुए सवाल
सांप्रदायिक दृष्टि से शहर बेहद संवेदनशील है। इसलिए यहां त्योहार व प्रमुख आयोजनों के दिनों में निषेधाज्ञा लागू रहती है। इन दिनों भी रमजान के चलते शहर में निषेधाज्ञा लागू है। ऐसे में बिना पुलिस प्रशासनिक अनुमति के किसी तरह का धरना प्रदर्शन संभव नहीं है। पुलिस ने इस धरने को फिर भी दिक्कत नहीं दी। धरना आराम से चलता रहा।

कुछ ही मिनट में बदली हिंजामं नेताओं की भाषा
अलीगढ़। धरने के दौरान हिंजामं के जो नेता व कार्यकर्ता कुछ मिनट पहले तक पुलिस के प्रति असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे, उन्हें कतई अंदाजा न था कि पुलिस उन पर लाठी बरसा सकती है। एकाएक एसपी क्राइम का इशारा हुआ और एसएसपी दफ्तर का सायरन बज उठा। सायरन बजते ही पूरा स्टाफ हरकत में आ गया और गेट पर बैठे कार्यकर्ताओं पर लाठी बरसना शुरू हो गया। फिर वहां जो भगदड़ मची तो कोई बचने की बात कह रहा था तो कोई हाथ लगने पर यह कहते सुना गया कि अंकल मैं उनके साथ नहीं हूं। कोई माफी मांगता फिर रहा था।

पुलिस की ओर से दर्ज किया गया मुकदमा
इस मामले में पुलिस की ओर से संजू बजाज के अलावा गिरफ्तार आठ कार्यकर्ताओं आदि पर सरकारी कार्य में बाधा व माहौल बिगाड़ने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जो आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें मेडिकल के बाद थाने में रखा गया है और बुधवार को जेल भेजा जाएगा।

वाहनों से होगी आरोपियों की पहचान
पुलिस ने मौके से दो दर्जन के आसपास वाहन जब्त किए हैं। इन वाहनों को पुलिस स्तर से थाने रखवाया गया है। इनके स्वामी की पहचान होने पर उनके नाम मुकदमे में शामिल किए जाएंगे। अगर कोई उससे अलग होगा तो उसे इसका प्रमाण देना होगा।

कुछ नहीं बोले हिंजामं प्रदेशाध्यक्ष
इस मामले में हिंदू जागरण मंच के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम लोधी से जब मोबाइल पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि वह हाथरस में संगठन के कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसलिए इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। अब वहां से फुरसत मिलने पर देर शाम कुछ टूटी फूटी जानकारी मिली है। सच्चाई का पता लगाने और अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा कि कौन गलत है और कौन सही।

क्षत्रिय महासभा ने लिया प्रबंधक का पक्ष
क्षत्रिय महासभा के कमल प्रताप सिंह ने कहा है कि सिनेमाघर मैनेजर पर दबाव बनाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह बात पहले ही दिन से पुलिस अधिकारियों को खुद हमने बता रखी है। उसी दबाव की राजनीति के तहत यह लोग अब सरकार को बदनाम कर रहे हैं और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।


राष्ट्रवादी नेता ने की बर्बर लाठीचार्ज की निंदा
एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज की राष्ट्रवादी नेता मोहम्मद आमिर रशीद ने निंदा की है। उन्होंने कहा की यह बेहद निंदनीय कृत्य है। आमिर ने कहा कि कहीं हिन्दू कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज भाजपा सरकार को बदनाम करने की पुलिस प्रशासन की चाल तो नहीं। पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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