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कुख्यात बलराज भाटी के शूटरों ने स्वीकारी थी कचहरी में हत्या
Updated Tue, 24 Apr 2018 01:56 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नोएडा में एसटीएफ से मुठभेड़ में मारे गए पश्चिमी यूपी के कुख्यात ढाई लाख के इनामी अपराधी बलराज भाटी व उसके गैंग के अलीगढ़ जरायम से गहरे रिश्ते थे। उसने अपने शार्प शूटरों की मदद से यहां 29 मई 2013 को दिनदहाड़े कचहरी में बाजौता टप्पल के पूर्व प्रधान होशियार सिंह की उस समय हत्या कराई थी, जब होशियार सिंह को कस्टडी में कोर्ट में पेशी पर ले जाया जा रहा था।
हालांकि हत्या में नामजदगी के आधार पर आरोपी जेल भेजे गए थे। मगर पिछले वर्ष मेरठ में गिरफ्तार शूटरों ने यह खुलासा किया था।
यह बात जगजाहिर है कि बलराज भाटी मूल रूप से बुलंदशहर के शिकारपुर क्षेत्र के गांव ढल्ला डूसरी का रहने वाला था। चूंकि यह क्षेत्र अलीगढ़ के अनूपशहर रोड बॉर्डर से जुड़ता है, इसलिए यहां के लोगों से उसके गहरे संपर्क थे। इन्हीं संपर्कों के बीच जरायम दुनिया में भी उसने रिश्ते रखे।
कई बार इस तरह की चर्चाएं पुलिस तक आती रहती थीं कि बलराज भाटी फलां जरायम पेशेवर के संपर्क में है। कई बार उसके यहां आने, ठहरने व रुकने तक की चर्चाएं पुलिस तक पहुंचीं। मगर पुलिस के हरकत में आने से पहले वह निकल चुका होता था।
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इसी तरह की चर्चाओं के बीच 2 अप्रैल 2017 को एसटीएफ मेरठ ने बलराज भाटी गैंग के शूटर अमित निवासी इस्माइला औरंगाबाद (बुलंदशहर) को मुजफ्फनगर से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ के दौरान स्वीकारा था कि 2013 से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था।
सबसे पहली हत्या अलीगढ़ दीवानी परिसर में 29 मई 2013 को होशियार सिंह की अपने साथी नितिन के साथ मिलकर की थी। यह भी स्वीकारा कि हत्या के एवज में 20 लाख रुपये की सुपारी मांगी गई थी। हालांकि इस मुकदमे में नामजद आरोपी जेल जा चुके थे और साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी भी कर दिया था।
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नोएडा में एसटीएफ से मुठभेड़ में मारे गए पश्चिमी यूपी के कुख्यात ढाई लाख के इनामी अपराधी बलराज भाटी व उसके गैंग के अलीगढ़ जरायम से गहरे रिश्ते थे। उसने अपने शार्प शूटरों की मदद से यहां 29 मई 2013 को दिनदहाड़े कचहरी में बाजौता टप्पल के पूर्व प्रधान होशियार सिंह की उस समय हत्या कराई थी, जब होशियार सिंह को कस्टडी में कोर्ट में पेशी पर ले जाया जा रहा था।
हालांकि हत्या में नामजदगी के आधार पर आरोपी जेल भेजे गए थे। मगर पिछले वर्ष मेरठ में गिरफ्तार शूटरों ने यह खुलासा किया था।
यह बात जगजाहिर है कि बलराज भाटी मूल रूप से बुलंदशहर के शिकारपुर क्षेत्र के गांव ढल्ला डूसरी का रहने वाला था। चूंकि यह क्षेत्र अलीगढ़ के अनूपशहर रोड बॉर्डर से जुड़ता है, इसलिए यहां के लोगों से उसके गहरे संपर्क थे। इन्हीं संपर्कों के बीच जरायम दुनिया में भी उसने रिश्ते रखे।
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कई बार इस तरह की चर्चाएं पुलिस तक आती रहती थीं कि बलराज भाटी फलां जरायम पेशेवर के संपर्क में है। कई बार उसके यहां आने, ठहरने व रुकने तक की चर्चाएं पुलिस तक पहुंचीं। मगर पुलिस के हरकत में आने से पहले वह निकल चुका होता था।
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इसी तरह की चर्चाओं के बीच 2 अप्रैल 2017 को एसटीएफ मेरठ ने बलराज भाटी गैंग के शूटर अमित निवासी इस्माइला औरंगाबाद (बुलंदशहर) को मुजफ्फनगर से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ के दौरान स्वीकारा था कि 2013 से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था।
सबसे पहली हत्या अलीगढ़ दीवानी परिसर में 29 मई 2013 को होशियार सिंह की अपने साथी नितिन के साथ मिलकर की थी। यह भी स्वीकारा कि हत्या के एवज में 20 लाख रुपये की सुपारी मांगी गई थी। हालांकि इस मुकदमे में नामजद आरोपी जेल जा चुके थे और साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी भी कर दिया था।