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सीएम तक पहुंचा बेशकीमती जमीन का बंदरबांट-Cordination
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:40 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
ओजोन सिटी से सटी गांव याकूतपुर की बेशकीमती आठ बीघा सरकारी जमीन का फर्जीवाड़ा कर दो महिलाओं के नाम पट्टा करने व सरकारी अभिलेखों में जमीन उनके नाम दर्ज करने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है।
प्रशासन ने आरोपी दोनों महिलाओं समेत अधिकारियों व अन्य केे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। मुख्यमंत्री ने गंभीर प्रकरण में संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
संकेत मिले हैं इस बहुचर्चित मामले में तत्कालीन पीठासीन अधिकारी व रीडर समेत कई अन्य अफसर और कर्मचारियों की गर्दन फंस सकती है और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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यह है मामला
तहसील कोल के गांव याकूतपुर के अभिलेखों के अनुसार खसरा संख्या 273 पर आठ बीघा दो विस्वा जमीन ऊसर के रूप में दर्ज है। इसमें 0.6300 हेक्टेयर भूमि पर याकूतपुर निवासी राजवती पत्नी रामजीलाल और सुमन पत्नी गोपाल का नाम फर्जीवाड़ा कर अंकित कर दिया गया। एसडीएम कोल द्वारा शिकायत के आधार पर की गई जांच में पाया गया कि न तो दोनों महिलाएं इस गांव की मूल निवासी हैं और सरकारी होने के नाते न ही यह जमीन किसी को आवंटित की जा सकती है। इसके अलावा इसे संक्रमणीय भूमि के रूप में दर्ज नहीं किया जा सकता है। एसडीएम भी स्वीकार करते हैं कि ग्राम समाज की इस संपत्ति को हड़पने के मकसद से लाभार्थियों से दुरभिसंधि कर तत्कालीन पीठासीन अधिकारी एवं रीडर ने बिना ग्राम समाज का पक्ष सुने अनुचित लाभ देकर अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर संक्रमणीय भूमिधर के रूप में अंकित किया गया है। इसका उनको कोई अधिकार भी नहीं था।
30 से ज्यादा अन्य आवंटनों की जांच शुरू
गांव याकूतपुर में फर्जी तरीके से जमीन के आवंटन मामले का खुलासा होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। उच्चाधिकारियों की मानें तो ऐसे करीब 30-35 और भी मामले हैं, जिनमें कागजों में हेर फेर कर कई व्यक्तियों को जमीन आवंटित की गई है। इनकी भी जांच शुरू हो गई है। एक दो दिन में कार्रवाई की तैयारी है।
निर्देश आते ही होगी गिरफ्तारी
उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो मामले की जांच तहसील टीम ने पूरी कर दी है और मामले में फंस रहे अफसर एवं कर्मचारियों पर आरोप तय कर दिए हैं। साथ ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। निर्देश आते ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
-ओजोन सिटी से सटी गांव याकूतपुर की बेशकीमती आठ बीघा सरकारी जमीन का षड्यंत्र के तहत फर्जी तरीके से पट्टा बिना किसी अधिकार के दो महिलाओं के नाम करने तथा जमीन सरकारी अभिलेखों में उनके नाम दर्ज करने के मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आ गया है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी है। इस प्रकरण के बाद तहसील में ऐसे और भी आवंटन दिखवाए जा रहे हैं। उनको भी जांच व कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।
-जोगिंदर सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कोल
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ओजोन सिटी से सटी गांव याकूतपुर की बेशकीमती आठ बीघा सरकारी जमीन का फर्जीवाड़ा कर दो महिलाओं के नाम पट्टा करने व सरकारी अभिलेखों में जमीन उनके नाम दर्ज करने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है।
प्रशासन ने आरोपी दोनों महिलाओं समेत अधिकारियों व अन्य केे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। मुख्यमंत्री ने गंभीर प्रकरण में संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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संकेत मिले हैं इस बहुचर्चित मामले में तत्कालीन पीठासीन अधिकारी व रीडर समेत कई अन्य अफसर और कर्मचारियों की गर्दन फंस सकती है और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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यह है मामला
तहसील कोल के गांव याकूतपुर के अभिलेखों के अनुसार खसरा संख्या 273 पर आठ बीघा दो विस्वा जमीन ऊसर के रूप में दर्ज है। इसमें 0.6300 हेक्टेयर भूमि पर याकूतपुर निवासी राजवती पत्नी रामजीलाल और सुमन पत्नी गोपाल का नाम फर्जीवाड़ा कर अंकित कर दिया गया। एसडीएम कोल द्वारा शिकायत के आधार पर की गई जांच में पाया गया कि न तो दोनों महिलाएं इस गांव की मूल निवासी हैं और सरकारी होने के नाते न ही यह जमीन किसी को आवंटित की जा सकती है। इसके अलावा इसे संक्रमणीय भूमि के रूप में दर्ज नहीं किया जा सकता है। एसडीएम भी स्वीकार करते हैं कि ग्राम समाज की इस संपत्ति को हड़पने के मकसद से लाभार्थियों से दुरभिसंधि कर तत्कालीन पीठासीन अधिकारी एवं रीडर ने बिना ग्राम समाज का पक्ष सुने अनुचित लाभ देकर अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर संक्रमणीय भूमिधर के रूप में अंकित किया गया है। इसका उनको कोई अधिकार भी नहीं था।
30 से ज्यादा अन्य आवंटनों की जांच शुरू
गांव याकूतपुर में फर्जी तरीके से जमीन के आवंटन मामले का खुलासा होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। उच्चाधिकारियों की मानें तो ऐसे करीब 30-35 और भी मामले हैं, जिनमें कागजों में हेर फेर कर कई व्यक्तियों को जमीन आवंटित की गई है। इनकी भी जांच शुरू हो गई है। एक दो दिन में कार्रवाई की तैयारी है।
निर्देश आते ही होगी गिरफ्तारी
उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो मामले की जांच तहसील टीम ने पूरी कर दी है और मामले में फंस रहे अफसर एवं कर्मचारियों पर आरोप तय कर दिए हैं। साथ ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। निर्देश आते ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
-ओजोन सिटी से सटी गांव याकूतपुर की बेशकीमती आठ बीघा सरकारी जमीन का षड्यंत्र के तहत फर्जी तरीके से पट्टा बिना किसी अधिकार के दो महिलाओं के नाम करने तथा जमीन सरकारी अभिलेखों में उनके नाम दर्ज करने के मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आ गया है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी है। इस प्रकरण के बाद तहसील में ऐसे और भी आवंटन दिखवाए जा रहे हैं। उनको भी जांच व कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।
-जोगिंदर सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कोल