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‘सता का अनुचित लाभ ले रहे जिपं सदस्य पाली’
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:00 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर की स्वर्ण जयंती नगर कॉलोनी के एक फ्लैट में आपत्तिजनक नग्नावस्था में महिला संग दबोचे गए जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ पाली के मामले में जिले के कुछ सियासी कद्दावरों के संरक्षण में उसे अनुचित लाभ देने का आरोप लगा है।
इस सिलसिले में गुरुवार को युवती के पति ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को शिकायत भेज इस तरह के गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कहा कि जितनी चोटें नहीं हैं, उतना दिखाकर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती रखा गया है। जहां मोबाइल प्रयोग से लेकर हर तरह की सुविधाएं वह ले रहा है और मुकदमा प्रभावित करने का काम कर रहा है।
पीड़ित ने कहा कि चूंकि वह जिला पंचायत सदस्य है तो जिला पंचायत अध्यक्ष व सत्ता से जुड़े अन्य लोग उसकी मदद कर रहे हैं। इसी राजनीतिक संरक्षण के चलते वह जेल जाने के बजाय मेडिकल में रुका हुआ है।
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वहां से मोबाइल प्रयोग कर वह अपने समर्थन में अनर्गल बयानबाजी करा रहा है, जबकि इस मामले में सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड व अन्य लोगों से सच्चाई जानी जा सकती है कि वह कितने मर्तबा यहां आता रहा। मोबाइल कॉल डिटेल से भी संपर्क किया जा सकता है। पीड़ित ने कहा है कि अब उसे व उसके परिवार को जान माल की धमकियां मिल रही हैं।
अगर उसके या उसके परिवार के साथ कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार पाली व उसके ससुराल पक्ष के लोग होंगे। उन्होंने पाली को तत्काल जेल भिजवाने का अनुरोध किया। इधर, बता दें कि अभी मेडिकल आधार पर उसे जेल नहीं भेजा गया है।
इधर, लोकदल के जिलाध्यक्ष देवानंद ने बयान जारी का पाली का समर्थन किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पाली को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है।
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महानगर की स्वर्ण जयंती नगर कॉलोनी के एक फ्लैट में आपत्तिजनक नग्नावस्था में महिला संग दबोचे गए जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ पाली के मामले में जिले के कुछ सियासी कद्दावरों के संरक्षण में उसे अनुचित लाभ देने का आरोप लगा है।
इस सिलसिले में गुरुवार को युवती के पति ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को शिकायत भेज इस तरह के गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कहा कि जितनी चोटें नहीं हैं, उतना दिखाकर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती रखा गया है। जहां मोबाइल प्रयोग से लेकर हर तरह की सुविधाएं वह ले रहा है और मुकदमा प्रभावित करने का काम कर रहा है।
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पीड़ित ने कहा कि चूंकि वह जिला पंचायत सदस्य है तो जिला पंचायत अध्यक्ष व सत्ता से जुड़े अन्य लोग उसकी मदद कर रहे हैं। इसी राजनीतिक संरक्षण के चलते वह जेल जाने के बजाय मेडिकल में रुका हुआ है।
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वहां से मोबाइल प्रयोग कर वह अपने समर्थन में अनर्गल बयानबाजी करा रहा है, जबकि इस मामले में सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड व अन्य लोगों से सच्चाई जानी जा सकती है कि वह कितने मर्तबा यहां आता रहा। मोबाइल कॉल डिटेल से भी संपर्क किया जा सकता है। पीड़ित ने कहा है कि अब उसे व उसके परिवार को जान माल की धमकियां मिल रही हैं।
अगर उसके या उसके परिवार के साथ कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार पाली व उसके ससुराल पक्ष के लोग होंगे। उन्होंने पाली को तत्काल जेल भिजवाने का अनुरोध किया। इधर, बता दें कि अभी मेडिकल आधार पर उसे जेल नहीं भेजा गया है।
इधर, लोकदल के जिलाध्यक्ष देवानंद ने बयान जारी का पाली का समर्थन किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पाली को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है।