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सिविल डिफेंस और एसपीओ पर रहेगा फोकस
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर में हर कोने तक पहुंच बनाने, संगीन घटनाओं में त्वरित खुलासे, आपदा के समय तत्परता से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सिविल डिफेंस सिस्टम की जरूरत बढ़ती जा रही है।
नवागत एसएसपी आकाश कुलहरि इसकी स्थापना पर जोर दे रहे हैं, ताकि आम आदमी को हर परिस्थिति में हर वक्त हर संभव मदद दी जा सके।
उन्होंने बताया कि सिविल डिफेंस सिस्टम शासन स्तर से गठित एक प्रक्रिया है जिसमें नियमानुसार चुनिंदा लोगों को शामिल कर एक टीम बनाई जाती है।
ये टीम पुलिस और प्रशासन के सहयोग में काम करती है। इसका पूरा समय लोगों की मदद के लिए तय होता है। इसमें वार्डवार वार्डन, इसके बाद सीनियर वार्डन और डिस्ट्रिक वार्डन बनते हैं।
तकरीबन 150 लोगों की पूरी टीम होती है जो शहरी क्षेत्र में काम करती है। जिला स्तर पर ये टीम और बड़ी हो जाती है।
इसके सदस्यों का चयन शासन के दिशा निर्देश के अनुसार होता है। इसके लिए आईकार्ड जारी होते हैं। अभी शहर में एसपीओ की इकाइयां गठित हैं, लेकिन इनकी कोई जवाबदेही नहीं है।
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इससे उलट सिविल डिफेंस की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होती है। जिससे उनकी सक्रियता अधिक होती है।
गौर हो कि पूर्व मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने इस संबंध में प्रस्ताव बना कर भेजा था जिस पर शासन की मंजूरी मिलनी बाकी है।
एंटी रोमियो स्क्वायड होगा सक्रिय
और छात्राओं को सुरक्षित माहौल देंगे
एसएसपी आकाश कुलहरि ने स्पष्ट किया है कि स्कूल कालेज जाने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और बाजार आदि जाने वाली महिलाओं को हर समय सुरक्षित वातावरण देना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। जिससे महिलाओं में एक सुरक्षा की भावना पैदा हो सके।
उन्होंने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वायड को जल्द ही सक्रिय किया जा रहा है। स्कूल कालेजों के बाहर इनकी तैनाती रहेगी।
सादी वर्दी में महिला पुलिस कर्मियों को भी लगाया जाएगा जिससे मनचलों की पहचान कर उनको दबोचा जा सके।
एक दो दिन में ही इसका सीधा असर दिखाई देने लगेगा। जिससे महिलाओं की सुरक्षा की कमी को दूर किया जाएगा।
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शहर में हर कोने तक पहुंच बनाने, संगीन घटनाओं में त्वरित खुलासे, आपदा के समय तत्परता से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सिविल डिफेंस सिस्टम की जरूरत बढ़ती जा रही है।
नवागत एसएसपी आकाश कुलहरि इसकी स्थापना पर जोर दे रहे हैं, ताकि आम आदमी को हर परिस्थिति में हर वक्त हर संभव मदद दी जा सके।
उन्होंने बताया कि सिविल डिफेंस सिस्टम शासन स्तर से गठित एक प्रक्रिया है जिसमें नियमानुसार चुनिंदा लोगों को शामिल कर एक टीम बनाई जाती है।
ये टीम पुलिस और प्रशासन के सहयोग में काम करती है। इसका पूरा समय लोगों की मदद के लिए तय होता है। इसमें वार्डवार वार्डन, इसके बाद सीनियर वार्डन और डिस्ट्रिक वार्डन बनते हैं।
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तकरीबन 150 लोगों की पूरी टीम होती है जो शहरी क्षेत्र में काम करती है। जिला स्तर पर ये टीम और बड़ी हो जाती है।
इसके सदस्यों का चयन शासन के दिशा निर्देश के अनुसार होता है। इसके लिए आईकार्ड जारी होते हैं। अभी शहर में एसपीओ की इकाइयां गठित हैं, लेकिन इनकी कोई जवाबदेही नहीं है।
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इससे उलट सिविल डिफेंस की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होती है। जिससे उनकी सक्रियता अधिक होती है।
गौर हो कि पूर्व मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने इस संबंध में प्रस्ताव बना कर भेजा था जिस पर शासन की मंजूरी मिलनी बाकी है।
एंटी रोमियो स्क्वायड होगा सक्रिय
और छात्राओं को सुरक्षित माहौल देंगे
एसएसपी आकाश कुलहरि ने स्पष्ट किया है कि स्कूल कालेज जाने वाली छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और बाजार आदि जाने वाली महिलाओं को हर समय सुरक्षित वातावरण देना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। जिससे महिलाओं में एक सुरक्षा की भावना पैदा हो सके।
उन्होंने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वायड को जल्द ही सक्रिय किया जा रहा है। स्कूल कालेजों के बाहर इनकी तैनाती रहेगी।
सादी वर्दी में महिला पुलिस कर्मियों को भी लगाया जाएगा जिससे मनचलों की पहचान कर उनको दबोचा जा सके।
एक दो दिन में ही इसका सीधा असर दिखाई देने लगेगा। जिससे महिलाओं की सुरक्षा की कमी को दूर किया जाएगा।