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रिश्ता जोड़ा..फिर मजबूरी बताई और 20 हजार ठग लिए
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अजीबोगरीब तरीके से ठगी करने वाला गिरोह यहां भी सक्रिय हो गया है। इस गिरोह ने यहां के एक रिटायर्ड सहायक श्रमायुक्त को ठगी का शिकार बनाया।
पहले मोबाइल फोन पर इस गिरोह ने उक्त रिटायर्ड अधिकारी से अपने बेटे की शादी का प्रस्ताव रखा और उसके बाद डकैती की झूठी घटना का हवाला देकर 20 हजार रुपये की मनी अपने एकाउंट में ट्रांसफर करा ली। ठगी के शिकार उक्त अधिकारी ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाना क्वार्सी में तहरीर दी है।
स्थानीय रामघाट रोड शांति सरोवर कॉलोनी निवासी हरकिशन संतोषी रिटायर्ड सहायक श्रमायुक्त हैं। उन्होंने अपनी बेटी के विवाह के लिए एक समाचार पत्र में विज्ञापन दिया था। इसके बाद एक सप्ताह पहले उन पर एक फोन आया।
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फोन करने वाले में खुद का नाम राजेश निवासी बनारस और डिफेंस का सेवानिवृत्त कर्नल बताया। अपने लड़के को डॉक्टर बताया। फोन पर हरकिशन संतोषी से यह कहा कि वह अपनी बेटी के दो फोटो व्हाट्सएप पर भेज दें। दूसरी ओर से भी लड़के के दो फोटो व बायोडाटा भेज दिया।
उसके बाद फिर से फोन किया और यह कहा कि उन्हें लड़की पसंद है। इस पर जब रिटायर्ड सहायक श्रमायुक्त ने फोन पर यह इच्छा जताई कि वह बनारस आकर लड़के को देखना चाहते हैं तो कथित राजेश ने यह कहा कि वह फिलहाल परिवार सहित देहरादून घूमने जा रहे हैं।
इसके बाद 23 जनवरी को कथित राजेश का हरकिशन संतोषी का फोन आया और यह बताया कि जब वह परिवार सहित बनारस से कार से देहरादून जा रहे थे तो कार को डकैतों ने रोककर परिवार के सदस्यों को लूट लिया है और घायल कर दिया है। जेवरात, एटीएम और मोबाइल भी छीन लिए हैं।
बेटी अस्पताल में भर्ती है। इस समय इलाज और कार को ठीक कराने के लिए 20 हजार रुपये भेज दीजिए। मनी एक्सचेंजर का नंबर दे रहा हूं। वह कुछ चार्ज लेकर वह पैसे दे देगा। इस पर हरकिशन संतोषी ने जब एकाउंट नंबर पूछा तो उक्त कथित राजेश ने एसबीआई कालागढ़ गढ़वाल उत्तराखंड की शाखा का एक खाता नंबर बताया।
खाता धारक का नाम उपासना विश्नोई बताया। इंसानियत और इमरजेंसी के नाते हरकिशन ने बीस हजार रुपये इस खाते में ट्रांसफर कर दिए। यही नही कथित राजेश ने पहले जिस व्यक्ति से फोन कराया तो वहां से यह बोला गया कि कालागढ़ पुलिस चौकी के सिपाही से बात करिये और कथित सिपाही ने अपना नाम दीपक कुमार बताया। बाद में हरकिशन ने अपने परिचित आईपीएस को उत्तराखंड में फोन मिलाया।
तो उनसे मिली जानकारी पर घटना फर्जी पाई गई और सभी आरोपियों को वाराणसी का होना बताया गया। रिटायर्ड अधिकारी हरकिशन ने अपने साथ हुई ठगी की घटना की तहरीर थाना क्वार्सी में दी है और यह कहा है कि यह गिरोह पूर्वांचल में सक्रिय है। उन्होंने कालागढ़ उत्तराखंड के एसबीआई के प्रबंधक से भी बात की तो भी उन्हें इस तरह की ठगी की जानकारी दी। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
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बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अजीबोगरीब तरीके से ठगी करने वाला गिरोह यहां भी सक्रिय हो गया है। इस गिरोह ने यहां के एक रिटायर्ड सहायक श्रमायुक्त को ठगी का शिकार बनाया।
पहले मोबाइल फोन पर इस गिरोह ने उक्त रिटायर्ड अधिकारी से अपने बेटे की शादी का प्रस्ताव रखा और उसके बाद डकैती की झूठी घटना का हवाला देकर 20 हजार रुपये की मनी अपने एकाउंट में ट्रांसफर करा ली। ठगी के शिकार उक्त अधिकारी ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाना क्वार्सी में तहरीर दी है।
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स्थानीय रामघाट रोड शांति सरोवर कॉलोनी निवासी हरकिशन संतोषी रिटायर्ड सहायक श्रमायुक्त हैं। उन्होंने अपनी बेटी के विवाह के लिए एक समाचार पत्र में विज्ञापन दिया था। इसके बाद एक सप्ताह पहले उन पर एक फोन आया।
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फोन करने वाले में खुद का नाम राजेश निवासी बनारस और डिफेंस का सेवानिवृत्त कर्नल बताया। अपने लड़के को डॉक्टर बताया। फोन पर हरकिशन संतोषी से यह कहा कि वह अपनी बेटी के दो फोटो व्हाट्सएप पर भेज दें। दूसरी ओर से भी लड़के के दो फोटो व बायोडाटा भेज दिया।
उसके बाद फिर से फोन किया और यह कहा कि उन्हें लड़की पसंद है। इस पर जब रिटायर्ड सहायक श्रमायुक्त ने फोन पर यह इच्छा जताई कि वह बनारस आकर लड़के को देखना चाहते हैं तो कथित राजेश ने यह कहा कि वह फिलहाल परिवार सहित देहरादून घूमने जा रहे हैं।
इसके बाद 23 जनवरी को कथित राजेश का हरकिशन संतोषी का फोन आया और यह बताया कि जब वह परिवार सहित बनारस से कार से देहरादून जा रहे थे तो कार को डकैतों ने रोककर परिवार के सदस्यों को लूट लिया है और घायल कर दिया है। जेवरात, एटीएम और मोबाइल भी छीन लिए हैं।
बेटी अस्पताल में भर्ती है। इस समय इलाज और कार को ठीक कराने के लिए 20 हजार रुपये भेज दीजिए। मनी एक्सचेंजर का नंबर दे रहा हूं। वह कुछ चार्ज लेकर वह पैसे दे देगा। इस पर हरकिशन संतोषी ने जब एकाउंट नंबर पूछा तो उक्त कथित राजेश ने एसबीआई कालागढ़ गढ़वाल उत्तराखंड की शाखा का एक खाता नंबर बताया।
खाता धारक का नाम उपासना विश्नोई बताया। इंसानियत और इमरजेंसी के नाते हरकिशन ने बीस हजार रुपये इस खाते में ट्रांसफर कर दिए। यही नही कथित राजेश ने पहले जिस व्यक्ति से फोन कराया तो वहां से यह बोला गया कि कालागढ़ पुलिस चौकी के सिपाही से बात करिये और कथित सिपाही ने अपना नाम दीपक कुमार बताया। बाद में हरकिशन ने अपने परिचित आईपीएस को उत्तराखंड में फोन मिलाया।
तो उनसे मिली जानकारी पर घटना फर्जी पाई गई और सभी आरोपियों को वाराणसी का होना बताया गया। रिटायर्ड अधिकारी हरकिशन ने अपने साथ हुई ठगी की घटना की तहरीर थाना क्वार्सी में दी है और यह कहा है कि यह गिरोह पूर्वांचल में सक्रिय है। उन्होंने कालागढ़ उत्तराखंड के एसबीआई के प्रबंधक से भी बात की तो भी उन्हें इस तरह की ठगी की जानकारी दी। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।