आतंक पर शिकंजा: अकेले नहीं अर्सलान और फैजान, अभी रडार पर है 26 और नाम, सभी पर होगी जल्द निरोधात्मक कार्रवाई
एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद आतंकी गतिविधियों से जुड़े करीब 26 नाम ऐसे सामने आए हैं, जो तरह तरह की गतिविधियों में शामिल हैं। इनकी गोपनीय जांच चल रही हैं। हर तरह की गतिविधियां, इनके संपर्क, इनके कामकाज, इनके आने जाने के माध्यम, सोशल मीडिया से लेकर गोपनीय कामों पर भी नजर रखी जा रही है। ये गोपनीय जांच लगभग पूर्ण हो चुकी है। बस जिला पुलिस को रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
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एएमयू से जुड़े छात्र लगातार संग्दिध गतिविधियों पकड़े जा रहे हैं। आईएस के पुणे माड्यूल से जुड़ कर ये देश विरोधी साजिश रच रहे थे। अब तक इस रैकेट में नौ संदिग्ध आतंकी दबोचे गए हैं, जिसमें कई एएमयू छात्र हैं। ये क्रम यहीं रुकने वाला है या नहीं...? ये तो आने वाला समय बताएगा। मगर एजेंसियों के स्तर से अब इनके संपर्कों सहित अन्य सभी तरह की गतिविधियों से जुड़े एएमयू छात्रों की गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। अब तक 26 ऐसे नाम सामने आए हैं, जो विभिन्न तरह की गतिविधियों में शामिल रहते हैं। इन पर बहुत जल्द निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी है। साथ में इनकी गतिविधियों पर परस्पर निगरानी भी रहेगी।
एएमयू से जुड़े छात्रों के देश विरोधी/आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की घटनाएं नई नहीं हैं। मौजूदा हालात में ये क्रम पिछले वर्ष जुलाई माह के आसपास शुरू हुआ। इसके बाद से अब तक कुल ग्यारह लोग पकड़े गए। जिनमें से नौ अकेले पुणे माड्यूल से जुड़े हैं। इनमें से आधा दर्जन एएमयू के छात्र हैं। कुछ ऐसे हैं जो एएमयू से पढ़ाई कर चुके हैं, मगर एएमयू या शहर में सक्रिय हैं। एजेंसियों की जांच में पुणे माड्यूल पर जब काम शुरू किया गया और गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ हुई तो एक नया अलीगढ़ माड्यूल सामने आया। ये अलीगढ़ में रहकर तरह तरह की गतिविधियों की साजिश रचने जा रहे थे।
एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद इनसे जुड़े करीब 26 नाम ऐसे सामने आए हैं, जो तरह तरह की गतिविधियों में शामिल हैं। इनकी गोपनीय जांच चल रही हैं। हर तरह की गतिविधियां, इनके संपर्क, इनके कामकाज, इनके आने जाने के माध्यम, सोशल मीडिया से लेकर गोपनीय कामों पर भी नजर रखी जा रही है। ये गोपनीय जांच लगभग पूर्ण हो चुकी है। बस जिला पुलिस को रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। पुलिस स्तर से इन्हें विभिन्न तरह से पाबंद व निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ में इनकी परस्पर निगरानी की व्यवस्था होगी। इसके बाद अगर कहीं कोई कानून व्यवस्था या अपराध की स्थिति उत्पन्न होती है तो सीधे इन पर शिकंजा कसा जाएगा।
जो अब तक पकड़े गए हैं, उन पर एजेंसियां काम कर रही हैं। साथ में समय समय पर माहौल खराब करने आदि को लेकर दो दर्जन कुछ अन्य छात्रों या एएमयू से जुड़े लोगों पर गोपनीय जांच चल रही है। जल्द उन्हें पाबंद करने व निरोधात्मक कार्रवाई करने की प्रक्रिया होगी। इसके बाद इनके नाम सार्वजनिक किए जा सकेंगे। -शलभ माथुर, आईजी रेंज
सभी किए जा रहे धारा-108 में पांबद
अलीगढ़ में बीते साल जुलाई माह के बाद एकाएक इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस) के पैर फैलाने का खुलासा हो चुका है। इसके बाद से गिरफ्तारी हो रही हैं। अब तक इनके संपर्क के अन्य लोगों के जो नाम गोपनीय जांच में सामने आए हैं, उन सभी को पाबंद किया जा रहा है। सभी को सीआरपीसी की धारा-108 में पाबंद किया जा रहा है, जैसे जैसे नाम सामने आ रहे हैं। वैसे वैसे पाबंद किया जा रहा है। इनमें अधिकांश अलीगढ़, कासगंज जनपद के रहने वाले हैं। इधर, अब तक जो पकड़े गए हैं, उनसे पुणे के बाद अलीगढ़ मॉड्यूल का खुलासा हुआ है।
22-26 जनवरी को रहेगा अलर्ट
आईजी शलभ माथुर ने इस तरह की गतिविधियों के उजार होने के बाद अलीगढ़ में 22 व 26 जनवरी को अलर्ट के निर्देश दिए हैं। विशेष सतर्कता की तैयारी है। 18 जनवरी को बैठककर भी विशेष हिदायत दी गई है।