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अधिक सैंपलिंग क्या फायदा, जब समय से न मिले रिपोर्ट

Sat, 10 Apr 2021 12:52 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:52 AM IST
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Corona Virus
कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए सबसे अधिक जोर सैंपलिंग पर है और अधिक से अधिक सैंपलिंग की जा रही है। मगर इस सैंपलिंग से क्या फायदा जब संक्रमित मरीजों को तीन या चार दिन बाद रिपोर्ट मिले। रिपोर्ट के इंतजार में मरीज एक्सरे सहित अन्य दूसरी जांच भी नहीं करा पाते हैं।
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तेज बुखार और खांसी से पीड़ित 47 वर्षीय मरीज को छह अप्रैल को दीनदयाल अस्पताल की ओपीडी में दिखाया गया। मरीज की हालत को देखकर चिकित्सक ने एक्सरे और खून की जांच के साथ-साथ आरटीपीसीआर जांच कराने का सुझाव दिया। 9 अप्रैल को दोपहर तक मरीज की रिपोर्ट नहीं मिली। उसी दिन शाम में बताया गया कि मरीज संक्रमित है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय स्थित लैब के कर्मचारियों का कहना है कि दूसरी लहर आने के बाद प्रत्येक दिन 1400 से लेकर 1500 तक सैंपल आ रहे हैं। जबकि लैब की क्षमता रोज करीब 600 जांच की है। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष प्रदेश में शुरू की गई आठ लैब में सबसे अधिक जांच करने का रिकार्ड भी इसी लैब के पास है।
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सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि पूल पॉजिटिव होने के कारण मरीज की रिपोर्ट आने में देरी हुई। पहले चार सैंपल का पूल बनता था, जो अब बढ़ाकर छह कर दिया गया है। पूल पॉजिटिव आने पर पुष्टि के लिए सभी नमूनों की जांच अलग-अलग की जाती है। इसमें वक्त ज्यादा लगता है।
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