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अनफिट वाहनों से लाई गई कोरोना वैक्सीन, स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी, हो सकती है कड़ी कार्रवाई
Fri, 12 Feb 2021 10:31 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
राहुल दक्ष, अमर उजाला, अलीगढ़
राहुल दक्ष, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 10:31 PM IST
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आगरा में कोरोना वैक्सीन लगातीं स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य विभाग में अनफिट वाहन दौड़ाए जा रहे हैं, इन्हीं अनफिट वाहनों से कोरोना वैक्सीन लाई गई। विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश द्वारा सदन में उठाए गए सवाल के जवाब में आरटीओ प्रवर्तन अलीगढ़ संभाग की ओर से भेजी गई जानकारी में इसका खुलासा हुआ है।
कोरोना वैक्सीन के परिवहन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए सात वाहनों में से सिर्फ एक वाहन फिट और एक वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र पाया गया है। नौ फरवरी को जवाब भेजने के साथ ही परिवहन विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किया गया है। जल्द से जल्द वाहनों के दस्तावेज पूरे कराने के लिए कहा गया है, अन्यथा की स्थिति में जुर्माने की कार्रवाई होगी।
विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश की ओर से सदन में नियम 123 के तहत कोरोना वैक्सीन के परिवहन के संबंध में सवाल उठाते हुए सूचना मांगी गई थी। इस पर उप्र के अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन की ओर से आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन को पत्र जारी कर प्रश्नों का जवाब देने को कहा गया था। आरटीओ प्रवर्तन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग से सूचना मांगी। सूचना में पता चला कि अलीगढ़ में दो, एटा में तीन, हाथरस में एक, कासगंज में एक वाहन को वैक्सीन के परिवहन में इस्तेमाल किया गया था। इनमें से एटा जिले की एक गाड़ी को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी था, जबकि हाथरस जिले की गाड़ी को प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी था।
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आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि इन चारों जिलों के वाहनों की सूचना दी जा चुकी है। वाहनों के दस्तावेज पूर्ण न होने के चलते स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भी जारी किया गया है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग दस्तावेज पूर्ण नहीं कराता है, तो उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई होगी। जनता और अधिकारियों के लिए नियम समान हैं। इस संबंध में अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि आरटीओ का नोटिस मिला है। जल्द से जल्द दस्तावेज पूर्ण कराकर आरटीओ को भेजे जाएंगे।
इन वाहनों से लाई गई थी कोरोना वैक्सीन
- अलीगढ़ में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 81 एजी 0702 (बोलेरो) की फिटनेस 30-06-2017 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- अलीगढ़ में डीजी हेल्थ के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 32 बीजी 8090 (विंगर) की फिटनेस 06-07-2020 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- एटा में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 82 जी 0268 (पिकअप) की फिटनेस 29-07-2017 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- एटा में डायरेक्टर हेल्थ के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 32 बीजी 3612 (सात सीटर कार) की फिटनेस 17-10-2023 तक पाई गई है। प्रदूषण दस्तावेज नहीं है।
- एटा में डीजी परिवार कल्याण के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 32 एवी 5728 (क्वालिस) की फिटनेस 18-05-2014 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- हाथरस में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 86 जी 0162 (पिकअप) की फिटनेस 13-08-2017 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण वैध पाया गया है।
- कासगंज में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 87 जी 0091 (पिकअप) की फिटनेस 23-08-2018 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
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कोरोना वैक्सीन के परिवहन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए सात वाहनों में से सिर्फ एक वाहन फिट और एक वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र पाया गया है। नौ फरवरी को जवाब भेजने के साथ ही परिवहन विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी किया गया है। जल्द से जल्द वाहनों के दस्तावेज पूरे कराने के लिए कहा गया है, अन्यथा की स्थिति में जुर्माने की कार्रवाई होगी।
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विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश की ओर से सदन में नियम 123 के तहत कोरोना वैक्सीन के परिवहन के संबंध में सवाल उठाते हुए सूचना मांगी गई थी। इस पर उप्र के अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन की ओर से आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन को पत्र जारी कर प्रश्नों का जवाब देने को कहा गया था। आरटीओ प्रवर्तन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग से सूचना मांगी। सूचना में पता चला कि अलीगढ़ में दो, एटा में तीन, हाथरस में एक, कासगंज में एक वाहन को वैक्सीन के परिवहन में इस्तेमाल किया गया था। इनमें से एटा जिले की एक गाड़ी को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी था, जबकि हाथरस जिले की गाड़ी को प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी था।
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आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि इन चारों जिलों के वाहनों की सूचना दी जा चुकी है। वाहनों के दस्तावेज पूर्ण न होने के चलते स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भी जारी किया गया है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग दस्तावेज पूर्ण नहीं कराता है, तो उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई होगी। जनता और अधिकारियों के लिए नियम समान हैं। इस संबंध में अलीगढ़ के सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि आरटीओ का नोटिस मिला है। जल्द से जल्द दस्तावेज पूर्ण कराकर आरटीओ को भेजे जाएंगे।
इन वाहनों से लाई गई थी कोरोना वैक्सीन
- अलीगढ़ में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 81 एजी 0702 (बोलेरो) की फिटनेस 30-06-2017 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- अलीगढ़ में डीजी हेल्थ के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 32 बीजी 8090 (विंगर) की फिटनेस 06-07-2020 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- एटा में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 82 जी 0268 (पिकअप) की फिटनेस 29-07-2017 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- एटा में डायरेक्टर हेल्थ के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 32 बीजी 3612 (सात सीटर कार) की फिटनेस 17-10-2023 तक पाई गई है। प्रदूषण दस्तावेज नहीं है।
- एटा में डीजी परिवार कल्याण के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 32 एवी 5728 (क्वालिस) की फिटनेस 18-05-2014 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।
- हाथरस में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 86 जी 0162 (पिकअप) की फिटनेस 13-08-2017 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण वैध पाया गया है।
- कासगंज में सीएमओ कार्यालय के नाम पर पंजीकृत वाहन संख्या यूपी 87 जी 0091 (पिकअप) की फिटनेस 23-08-2018 में खत्म हो चुकी है। प्रदूषण दस्तावेज भी नहीं है।