हाथरस शहर में कई दिनों तक घूमे थे संक्रमित जमाती, संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुटी पुलिस
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अलीगढ़ से सटे सासनी क्षेत्र से शनिवार को जमातियों के संक्रमित होने की खबर से खलबली मच गई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संक्रमित जमाती कई दिनों तक हाथरस शहर में भी घूमे थे और उसके बाद वो सासनी से पकड़े गए।
पुलिस प्रशासन उनकी यात्रा का इतिहास पता करने में जुटा हुआ है। शनिवार देर शाम तक उनके संपर्क में आए लोगों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। मालूम हो कि 31 मार्च को सासनी की मस्जिद से पकड़े गए आठ जमातियों में से चार कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
पकड़े गए आठों जमाती बाहरी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह सभी जमाती दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मरकज से पांच मार्च को सीधे हाथरस शहर आ गए थे। वे यहां कई दिनों तक शहर की एक मस्जिद में रुके और घूमे-फिरे।
इस दौरान वे ऊसवा गांव भी गए। इसके बाद 31 मार्च को बिजलीघर सासनी की मस्जिद से पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया। उन्हें केएल जैन इंटर कॉलेज के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें मुरसान के कोविड-1 अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मुरसान सीएचसी को अब कोरोना संक्रमितों के लिए ही आइसोलेशन सेंटर बना दिया गया है।
पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल
कोरोना से संक्रमित चारों जमातियों का यात्रा इतिहास पता करने के साथ-साथ पुलिस उनकी कॉल डिटेल खंगालने में भी जुट गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वो जिले में आने के बाद कहां-कहां और किन-किन लोगों से मिले थे। पुलिस यह भी पता कर रही है कि जिले में आने से पहले ये लोग कहां-कहां गए थे। इन लोगों को तलाशने के बाद सभी को क्वारंटीन करने की तैयारी की जा रही है।
किसी में नहीं थे कोरोना के लक्षण
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से पिछले माह हाथरस आए तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों में से किसी में कोरोना जैसे लक्षण नहीं मिले थे। इसे लेकर स्वास्थ्य अधिकारी भी काफी निश्चिंत लग रहे थे। इन लोगों को किसी तरह की सर्दी, जुकाम, जकड़न, सांस लेने में दिक्कत जैसी कोई समस्या भी नहीं थी। शनिवार को इनमें से चार के कोरोना पॉजिटिव आने से अधिकारी खासे चिंतित हैं।